बदायूं कांग्रेस में अध्यक्ष पद के लिए 12 लाख की डील? वायरल ऑडियो पर थाने पहुंचा घमासान
उत्तर प्रदेश के बदायूं में कांग्रेस की जिला इकाई में एक ऑडियो क्लिप को लेकर सियासी भूचाल आ गया है। इस ऑडियो में कथित तौर पर जिलाध्यक्ष की कुर्सी के लिए 12 लाख रुपये के लेनदेन की बात कही जा रही है…
उत्तर प्रदेश के बदायूं में कांग्रेस की जिला इकाई में एक ऑडियो क्लिप को लेकर सियासी भूचाल आ गया है। इस ऑडियो में कथित तौर पर जिलाध्यक्ष की कुर्सी के लिए 12 लाख रुपये के लेनदेन की बात कही जा रही है, जिसके बाद यह विवाद अब थाने तक पहुंच गया है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, सफी अहमद नाम के एक शख्स ने सिविल लाइंस थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि एक व्हाट्सएप ग्रुप में प्रसारित किए गए ऑडियो के जरिए पार्टी और उसके वरिष्ठ नेताओं की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दावा किया है कि इस ऑडियो में उनकी आवाज को बनावटी तरीके से जोड़ा गया है और उन्होंने ऐसी कोई बातचीत नहीं की है।
क्या है वायरल ऑडियो का मामला?
शिकायत के मुताबिक, 27 सितंबर को 'ऑफिशियल डीसी, बीडीएन' नाम के एक व्हाट्सएप ग्रुप में एक ऑडियो क्लिप प्रसारित की गई थी। आरोप है कि यह ऑडियो जिला कांग्रेस मीडिया प्रभारी नवनीत यादव के मोबाइल नंबर से भेजा गया था और इस ग्रुप के एडमिन मौजूदा जिलाध्यक्ष अजीत यादव हैं।
शिकायत में दावा किया गया है कि ऑडियो में यह बात कही जा रही है कि पूर्व जिलाध्यक्ष ओमकार सिंह ने मोरपाल प्रजापति को जिलाध्यक्ष बनवाने के लिए 12 लाख रुपये दिलवाए। इसमें से छह लाख रुपये कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और दो लाख रुपये एआईसीसी पर्यवेक्षक राजपाल खरोला को दिए जाने का भी जिक्र है।
धमकी और पैसे मांगने का भी आरोप
सफी अहमद ने अपनी शिकायत में आगे आरोप लगाया है कि ऑडियो वायरल होने के बाद जिलाध्यक्ष अजीत यादव ने उन्हें फोन पर धमकाया। उनके अनुसार, 27 सितंबर को हुई बातचीत में अजीत यादव ने कथित तौर पर मामले को रफा-दफा करने के लिए मोरपाल प्रजापति से पांच लाख रुपये दिलवाने को कहा।
शिकायतकर्ता का दावा है कि रुपये नहीं दिलाने पर उन्हें पार्टी से निकालने की धमकी दी गई। जब उन्होंने इसकी शिकायत करने की बात कही तो अजीत यादव ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। सफी अहमद ने पुलिस से अजीत यादव और नवनीत यादव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल, इन आरोपों और ऑडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस जांच के बाद ही मामले की सच्चाई सामने आएगी।
इनपुट: IANS



