मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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झारखंड: संथाल परगना में 'बांग्लादेशी घुसपैठ' पर बाबूलाल मरांडी की अमित शाह को चिट्ठी, डिटेंशन सेंटर बनाने की मांग

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य के संथाल परगना क्षेत्र में बड़े पैमाने पर हो रही कथित बांग्लादेशी घुसपैठ पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने…

झारखंड: संथाल परगना में 'बांग्लादेशी घुसपैठ' पर बाबूलाल मरांडी की अमित शाह को चिट्ठी, डिटेंशन सेंटर बनाने की मांग
(फोटो: IANS)

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य के संथाल परगना क्षेत्र में बड़े पैमाने पर हो रही कथित बांग्लादेशी घुसपैठ पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र लिखकर इस मुद्दे पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मरांडी ने पत्र में क्षेत्र की बदलती जनसांख्यिकी और भूमि पर अवैध कब्जे को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा बताया है।

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मरांडी ने अपने पत्र में दावा किया है कि वोट बैंक की राजनीति के तहत राज्य के सत्ताधारी दल और स्थानीय प्रशासन का एक हिस्सा इन घुसपैठियों को संरक्षण दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि फर्जी वंशावली, जाली पहचान पत्र और अवैध जन्म प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेजों का इस्तेमाल कर इन लोगों को बसाया जा रहा है।

मतदाता सूची में असामान्य वृद्धि का दावा

अपने दावे के समर्थन में, मरांडी ने 2019 से 2024 के बीच के आधिकारिक मतदाता आंकड़ों का हवाला दिया है। पत्र के मुताबिक, संथाल परगना के कई विधानसभा क्षेत्रों में एक विशेष वर्ग के मतदाताओं की संख्या में असामान्य रूप से बढ़ोतरी हुई है। आंकड़ों के अनुसार, पाकुड़ में इस वर्ग के मतदाताओं की संख्या में 40.9%, लिट्टीपाड़ा में 35.5%, नाला और बरहेट में 40.3% और दुमका में 33.2% की वृद्धि दर्ज की गई है, जो अन्य वर्गों की तुलना में बहुत अधिक है।

जमीन पर अवैध कब्जा और जांच की मांग

नेता प्रतिपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि संथाल परगना काश्तकारी अधिनियम का उल्लंघन करते हुए सरकारी, गोचर और आदिवासियों की पैतृक भूमि पर योजनाबद्ध तरीके से कब्जे हो रहे हैं। उन्होंने गृह मंत्री से कई विशिष्ट मांगें की हैं। इनमें केंद्र सरकार की सीधी निगरानी में सीमावर्ती जिलों में विशेष जांच अभियान चलाना शामिल है। उन्होंने 2003-2004 के पुराने खतियान और भू-अभिलेखों के आधार पर वंशावली का तकनीकी सत्यापन कर अवैध नागरिकों की पहचान करने का आग्रह किया है।

इसके अलावा, मरांडी ने संथाल परगना प्रमंडल में तत्काल एक सुसज्जित डिटेंशन सेंटर स्थापित करने का अनुरोध किया है, ताकि पहचाने गए घुसपैठियों को उनके निर्वासन की प्रक्रिया पूरी होने तक वहां रखा जा सके। उन्होंने निर्वाचन आयोग से मतदाता सूचियों की जांच कराकर फर्जी नामों को हटाने और जाली दस्तावेज बनाने वाले गिरोह की केंद्रीय एजेंसियों से जांच कराने की भी अपील की है।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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