बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
उत्तर प्रदेश

जौहर यूनिवर्सिटी मामला: ED की जांच के आधार पर आजम खां के खिलाफ एक और FIR दर्ज

रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण में सरकारी धन के कथित दुरुपयोग को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आजम खां की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा साझा की गई…

जौहर यूनिवर्सिटी मामला: ED की जांच के आधार पर आजम खां के खिलाफ एक और FIR दर्ज
(फोटो: IANS)

रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण में सरकारी धन के कथित दुरुपयोग को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आजम खां की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा साझा की गई जानकारी के आधार पर रामपुर के अजीमनगर थाने में आजम खां, मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ एक नया मुकदमा दर्ज किया गया है।

विज्ञापन

समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, यह FIR 13 अक्टूबर को दर्ज की गई, जिसमें धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और भ्रष्टाचार से जुड़ी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस अब ईडी द्वारा लगाए गए आरोपों की गहन जांच करेगी।

416 करोड़ रुपये के अंतर का दावा

यह मामला जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण में हुए खर्च और ट्रस्ट द्वारा दिखाए गए हिसाब में एक बड़े अंतर से जुड़ा है। ईडी के अनुसार, यूनिवर्सिटी परिसर में इमारतों के निर्माण की अनुमानित लागत लगभग 494.46 करोड़ रुपये आंकी गई है। वहीं, मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट ने वित्त वर्ष 2013-14 से 2024-25 के बीच अपने आयकर रिटर्न में सिर्फ 78.32 करोड़ रुपये का पूंजीगत खर्च दिखाया है। एजेंसी ने इन दोनों आंकड़ों के बीच करीब 416.14 करोड़ रुपये के भारी अंतर का दावा किया है।

सरकारी फंड के दुरुपयोग का आरोप

ईडी की जांच के मुताबिक, इस अंतर को पाटने के लिए कथित तौर पर सरकारी कामों के लिए आवंटित धन और निर्माण सामग्री का इस्तेमाल यूनिवर्सिटी के निर्माण में किया गया। एजेंसी ने अपनी शिकायत में कुछ विशिष्ट मदों का उल्लेख किया है, जिनमें लगभग 85.81 करोड़ रुपये की राशि शामिल है:

  • ठेकेदारों से जुड़े काम: करीब 55.8 करोड़ रुपये
  • सरकारी कार्य: करीब 23.41 करोड़ रुपये
  • विधायक/विधान परिषद निधि: करीब 6.60 करोड़ रुपये

एजेंसी ने ट्रस्ट को मिले कुछ दान की प्रामाणिकता पर भी सवाल खड़े किए हैं और आशंका जताई है कि ठेकेदारों के जरिए रकम को दान के रूप में दिखाया गया हो सकता है। इस एफआईआर के तहत अब आजम खां, ट्रस्ट और संबंधित ठेकेदारों की भूमिका की विस्तृत जांच की जाएगी। FIR में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61, 316(5), 318(4) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7, 13(1)(d) और 13(2) के तहत आरोप लगाए गए हैं।

इनपुट: IANS

N

News4Social उत्तर प्रदेश डेस्क

News4Social उत्तर प्रदेश डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से उत्तर प्रदेश से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →