अयोध्या राम मंदिर परिसर का काम 30 सितंबर तक होगा पूरा, संग्रहालय 2027 में खुलेगा
अयोध्या में भव्य राम मंदिर परिसर का निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण में है और इसे 30 सितंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। यह जानकारी राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने दी। समाचार एजेंसी IANS…
अयोध्या में भव्य राम मंदिर परिसर का निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण में है और इसे 30 सितंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। यह जानकारी राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने दी। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मिश्रा ने बताया कि 30 अक्टूबर के बाद निर्माण कार्य में लगी मुख्य कंपनियाँ, लार्सन एंड टुब्रो और टाटा, के कर्मचारी परिसर से चले जाएँगे।
नृपेंद्र मिश्रा ने अयोध्या पहुँचकर निर्माण में शामिल विभिन्न एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। उन्होंने पत्रकारों को बताया कि मंदिर परिसर का मुख्य ढाँचा लगभग तैयार है। अब सिर्फ़ पूर्ण स्मृति स्तंभ के ऊपर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का 'लोगो' लगाने का काम बचा है, जिसे कांस्य से बनाया जाएगा और इसकी मंजूरी भी मिल चुकी है।
संग्रहालय और अन्य निर्माण
मंदिर परिसर के अलावा, राम कथा संग्रहालय के विकास पर भी तेज़ी से काम चल रहा है। मिश्रा ने कहा कि संग्रहालय की सभी दीर्घाओं (गैलरी) के लिए स्क्रिप्ट और स्टोरीलाइन तैयार कर ली गई है। उन्होंने बताया कि हर गैलरी में विषय के अनुसार अलग-अलग तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा ताकि प्रस्तुति प्रभावशाली हो।
एक उदाहरण देते हुए उन्होंने गैलरी नंबर 17 का जिक्र किया, जिसे एक चुनौतीपूर्ण काम बताया। इस गैलरी में उन सभी नदियों को दिखाया जाएगा, जिन्हें भगवान राम ने अपने वनवास के दौरान पार किया था। साथ ही, उन नदियों के किनारे दिए गए उनके संदेशों को भी प्रदर्शित किया जाएगा।
तकनीकी विशेषज्ञता और भविष्य की योजनाएँ
नृपेंद्र मिश्रा ने यह भी बताया कि संग्रहालय की प्रस्तुतियों को और बेहतर बनाने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) चेन्नई के विशेषज्ञ नए विचारों पर काम कर रहे हैं। मंदिर परिसर के अन्य बचे हुए कार्य, जैसे कि ऑडिटोरियम का निर्माण (जो राज्य निर्माण निगम द्वारा किया जा रहा है), मार्च 2027 तक पूरे होने की उम्मीद है। मंदिर निर्माण की एक खास बात यह है कि इसके मुख्य ढांचे में लोहे या स्टील का इस्तेमाल नहीं किया गया है, बल्कि पारंपरिक तकनीकों से इसे लंबे समय तक टिकाऊ बनाया गया है।
इनपुट: IANS



