Atul Rai: रेप पीड़िता की आत्‍महत्‍या के बाद आधा दर्जन पुलिस अफसरों पर हुआ था ऐक्‍शन, अतुल राय आज हो गए बरी

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Atul Rai: रेप पीड़िता की आत्‍महत्‍या के बाद आधा दर्जन पुलिस अफसरों पर हुआ था ऐक्‍शन, अतुल राय आज हो गए बरी

वाराणसी: 2019 के लोकसभा चुनाव में बसपा के टिकट से सांसद बने अतुल राय को शनिवार को बड़ी राहत मिली। 2019 में वाराणसी के लंका थाने में एक युवती प्रिया राय ने रेप का मुकदमा दर्ज कराया था। अतुल राय को इस मामले में वाराणसी की एमपी एमएलए कोर्ट ने बरी कर दिया है। इस मामले ने उस वक्त तूल पकड़ा था, जब आरोप लगाने वाली युवती ने अपने एक साथी के साथ सुप्रीम कोर्ट के बाहर खुद को आग लगा ली थी।

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कुछ दिनों के इलाज के बाद युवती और उसके साथी दोनों की मौत हो गई थी। सुप्रीम कोर्ट के सामने बकायदा फेसबुक लाइक करके दोनों ने खुद को आग लगाई थी। बावजूद इसके आज युवती द्वारा लगाए गए सभी आरोपों से अतुल राय को एमपी-एमएलए कोर्ट से बरी कर दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम का सबसे दिलचस्प पहलू पुलिसिया कार्यवाही है। वाराणसी पुलिस ने युवती के आत्महत्या करने के बाद अपने ही कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की, जिसमें तत्कालीन एसएसपी अमित पाठक, तत्कालीन एसपी सिटी विकास चंद्र त्रिपाठी समेत चर्चित पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर का भी नाम सामने आया था।

इसी मामले में कभी स्थानीय थाने के सर्किल ऑफिसर रहे अमरीश सिंह बघेल आज भी वाराणसी के चौका घाट जेल में हैं। इसके अलावा दो दारोगा रैंक के अधिकारियों पर भी विभागीय कार्रवाई की गई थी। अब सवाल उठता है कि आखिरकार एक ही विभाग की कार्रवाई में आरोप कोर्ट में निराधार पाए जाते हैं तो दूसरी ओर पुलिस को अपने ही आधा दर्जन से ज्यादा पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई करनी पड़ी। सवाल उठता है कि क्या रेप के आरोपों की जांच में लापरवाही की गई या युवती के आत्महत्या करने के बाद पुलिस ने दबाव में अपने ही अधिकारियों पर कार्रवाई कर दी।

अमिताभ ठाकुर जा चुके हैं जेल तो सीओ रैंक के अधिकारी अब भी हैं जेल में
सुप्रीम कोर्ट के सामने फेसबुक लाइव कर पीड़ित युवती प्रिया राय ने अपने एक साथी के साथ खुद को आग लगा ली थी, जिसके बाद उसकी मौत हो गई थी। इस मामले में पूरे उत्तर प्रदेश की सियासत में हड़कंप मचा दिया था, जिसके बाद लखनऊ के हजरतगंज थाने में पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसमें उन्हें जेल भी जाना पड़ा था। दरअसल, पीड़िता ने फेसबुक लाइव में अमिताभ ठाकुर पर गंभीर आरोप लगाए थे। इतना ही नहीं इसी रेप के मामले में वाराणसी पुलिस के क्षेत्राधिकारी रहे अमरीश सिंह बघेल पर भी विभागीय जांच की और लंका थाने में मुकदमा दर्ज कराया था, जिसके बाद कभी भेलूपुर के क्षेत्राधिकारी रहे अमरीश सिंह बघेल को जेल भेज दिया गया था, जो अब तक जेल में हैं।

एसएसपी और एसपी सिटी के रैंक के अधिकारियों पर भी गिरी थी गाज
दो लोगों की मौत ने पूरे प्रदेश की पुलिस में खलबली मचा दी थी। युवती और उसके साथी की मौत के बाद गाजियाबाद के एसएसपी अमित पाठक और प्रयागराज के एसपी सिटी विकास जन त्रिपाठी को भी मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया था। इतना ही नहीं वाराणसी के कैंट थाने के प्रभारी समेत दो दारोगा के ऊपर विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए गए थे

फेसबुक वीडियो में एमपी-एमएलए कोर्ट के जज का भी लिया था नाम
सुप्रीम कोर्ट के सामने खुद को आग लगाने से पूर्व बनाए गए वीडियो में युवती ने पुलिस के आला अधिकारियों के साथ उस समय एमपी-एमएलए कोर्ट के जज पर भी मामले को हल्का करने के गंभीर आरोप लगाए थे। कुछ दिनों के बाद यह मामला प्रयागराज के एमपी एमएलए कोर्ट से वाराणसी के एमपी एमएलए कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया, जिसके बाद से यहां पर सुनवाई चल रही थी।

जेल में ही रहना पड़ेगा सांसद को, 120B के आरोप से नहीं मिली है निजात
बनारस के वरिष्ठ पत्रकार सुशील सिंह ने पूरे मामले पर बताया कि यह एक न्यायिक प्रक्रिया है। सांसद अतुल राय को अभी रेप के मामले में राहत मिली है, लेकिन युवती और उसके साथी ने जो आत्महत्या की और साजिश का जो आरोप लगाया था, जिसके बाद लखनऊ के हजरतगंज थाने में 120B के तहत मुकदमा पंजीकृत हुआ था तो संभवत उन्हें अभी जेल से बाहर आने में समय लग सकता है। वहीं, आरोप लगाने वाले के पास अभी भी एम पी-एमएलए कोर्ट के फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में जाने का रास्ता खुला हुआ है।
इनपुट- अभिषेक कुमार झा

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