एशियाई खेलों में सशस्त्र बलों का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन, 27 पदकों के साथ बढ़ाया देश का मान
एशियाई खेलों में भारतीय सशस्त्र बलों के खिलाड़ियों ने इतिहास रचते हुए अपना अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया है। सेना, नौसेना और वायुसेना के कुल 92 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया और 6 स्वर्ण सहित कुल 27…
एशियाई खेलों में भारतीय सशस्त्र बलों के खिलाड़ियों ने इतिहास रचते हुए अपना अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया है। सेना, नौसेना और वायुसेना के कुल 92 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया और 6 स्वर्ण सहित कुल 27 पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस शानदार उपलब्धि पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को इन खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनकी सराहना की।
रक्षा मंत्री ने खिलाड़ियों के साथ बातचीत में कहा कि भारत द्वारा जीते गए कुल 85 पदकों में सैन्य खिलाड़ियों का योगदान बेहद अहम रहा है। उन्होंने कहा कि सीमित संख्या में प्रतियोगिताओं में उतरने के बावजूद इन एथलीट्स ने अपने अनुशासन, टीम भावना और कड़ी मेहनत से यह बड़ी उपलब्धि हासिल की है, जो बेहद गर्व की बात है।
सफलता और सीख: रक्षा मंत्री का संदेश
राजनाथ सिंह ने पदक विजेताओं को बधाई देने के साथ-साथ उन खिलाड़ियों का भी मनोबल बढ़ाया जो पदक जीतने से चूक गए। उन्होंने कहा, "मेडल हासिल न कर पाना, हार जाने का प्रतीक नहीं होता। हार तो तब होती है, जब हम कोशिश करना छोड़ दें। आपने कोशिश नहीं छोड़ी। आपने भारत का नाम रोशन किया।" रक्षा मंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि प्रतियोगिता में पूरी मेहनत से मुकाबला करना और अनुभव हासिल करना भी अपने आप में एक जीत है।
उन्होंने खिलाड़ियों की इस उपलब्धि को भारतीय सशस्त्र बलों की मजबूत खेल परंपरा का प्रमाण बताया। उनके अनुसार, खेलों में सफलता के लिए निरंतर प्रयास, आत्मविश्वास और मुश्किल हालात में डटे रहने की क्षमता ज़रूरी होती है, जो सशस्त्र बलों के जवानों का विशेष गुण है।
मिशन ओलंपिक और भविष्य की तैयारी
इस अवसर पर रक्षा मंत्री ने 'मिशन ओलंपिक विंग' के प्रयासों की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करने, उन्हें वैज्ञानिक प्रशिक्षण देने और उच्च स्तरीय सुविधाएं मुहैया कराने में इस विंग की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। राजनाथ सिंह ने भविष्य की चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान करते हुए कहा कि अब लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 और उसके बाद के आयोजनों के लिए तैयारी मजबूत करनी होगी। उन्होंने ज़ोर दिया कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की समय पर पहचान कर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए तैयार करना होगा ताकि वे देश के लिए और भी बड़ी सफलताएं हासिल कर सकें।
इनपुट: IANS



