शिक्षकों की राजनीति पर सुवेंदु के बयान को TMC ने बताया 'अलोकतांत्रिक', सौगत रॉय ने किया पलटवार
पश्चिम बंगाल में हाल ही में नियुक्त स्कूली शिक्षकों के राजनीति में भाग लेने पर रोक लगाने संबंधी नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी के बयान पर सियासी घमासान छिड़ गया है। तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद…
पश्चिम बंगाल में हाल ही में नियुक्त स्कूली शिक्षकों के राजनीति में भाग लेने पर रोक लगाने संबंधी नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी के बयान पर सियासी घमासान छिड़ गया है। तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय ने इस बयान को लोकतंत्र के खिलाफ और असहमति की आवाज को दबाने की कोशिश करार दिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, रॉय ने कहा कि शिक्षक समाज का एक जागरूक हिस्सा होते हैं और उन्हें राजनीतिक प्रक्रिया से अलग करना अलोकतांत्रिक है।
सौगत रॉय ने उम्मीद जताई कि पूरा शिक्षक समुदाय एकजुट होकर इस तरह के किसी भी फैसले का विरोध करेगा। यह विवाद सुवेंदु अधिकारी के उस बयान के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने कहा था कि नए नियुक्त हुए शिक्षक राजनीति में हिस्सा नहीं ले सकते हैं।
TMC नेताओं पर कार्रवाई और यूनेस्को टैग विवाद
इस बीच, टीएमसी सांसद ने पूर्व पर्यटन मंत्री इंद्रनील सेन की गिरफ्तारी पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस कार्रवाई को बदले की भावना से प्रेरित बताते हुए कहा, "यह पूरी तरह से राजनीतिक प्रतिशोध है और वह इसकी कड़ी निंदा करते हैं।" रॉय ने कहा कि यह साफ दिख रहा है कि भाजपा सरकार एक के बाद एक तृणमूल कांग्रेस के नेताओं को निशाना बना रही है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि उन्हें मामले की पूरी अंदरूनी कहानी की जानकारी नहीं है।
जब उनसे सुवेंदु अधिकारी के उस आरोप के बारे में पूछा गया जिसमें उन्होंने इस मामले में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को फायदा पहुंचाने की बात कही थी, तो रॉय ने पलटवार करते हुए कहा, "मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी क्या बोलते हैं, उसका कोई ठिकाना नहीं है। अगर कोई इस मामले में शामिल है तो कानून के तहत कदम उठाया जाए, लेकिन इस तरह के अनावश्यक बयान देने की क्या जरूरत है?"
अन्य राजनीतिक मुद्दों पर भी दी प्रतिक्रिया
इंडिया गठबंधन की आगामी रैली में ममता बनर्जी की भागीदारी को लेकर सौगत रॉय ने स्पष्ट किया कि तृणमूल प्रमुख इसमें सक्रिय रूप से शामिल होंगी। उन्होंने कहा, "जहां तक मुझे जानकारी है, ममता बनर्जी 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली विरोध रैली में शामिल होंगी।"
इसके अलावा, अभिनेता नसीरुद्दीन शाह पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू की 'दिमागी नक्सली' वाली टिप्पणी पर भी रॉय ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, "किरेन रिजिजू जो बोलते हैं, वह फर्जी बात है। नसीरुद्दीन शाह बहुत बड़े और सम्मानित अभिनेता हैं। उन्होंने अपनी अनुभूति को व्यक्त किया है। भाजपा को इस तरह की स्वतंत्र अभिव्यक्ति पसंद नहीं आती, इसलिए वह ऐसे मुद्दे उठाते हैं।"
इनपुट: IANS



