अरुणाचल प्रदेश: तेज उफनती लोहित नदी पर BRO ने क्षतिग्रस्त पुल को फिर से चालू किया
अरुणाचल प्रदेश में तेज बहाव वाली लोहित नदी पर क्षतिग्रस्त हुए एक महत्वपूर्ण पुल को सीमा सड़क संगठन (BRO) ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में बहाल कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार…
अरुणाचल प्रदेश में तेज बहाव वाली लोहित नदी पर क्षतिग्रस्त हुए एक महत्वपूर्ण पुल को सीमा सड़क संगठन (BRO) ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में बहाल कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, एक ओवरलोडेड टिपर के कारण 800 फीट लंबे करोटी पुल को नुकसान पहुंचा था, जिसके बाद BRO ने इसकी मरम्मत का काम अपने हाथ में लिया।
मरम्मत पूरी होने के बाद गुरुवार को इस पुल को हल्के वाहनों की आवाजाही के लिए फिर से खोल दिया गया है। इस कदम से क्षेत्र में सड़क संपर्क बनाए रखने और स्थानीय लोगों की आवाजाही को सुचारु करने में बड़ी मदद मिली है।
चुनौतीपूर्ण मरम्मत अभियान
यह घटना BRO की परियोजना उदयक के तहत 116 रोड कंस्ट्रक्शन कंपनी और 48 टास्क फोर्स की टीम के लिए एक बड़ी चुनौती थी। तेज बहती नदी और जोखिम भरे हालात के बावजूद, टीम ने सबसे पहले क्षतिग्रस्त हिस्से को स्थिर किया और पुल पर फंसे टिपर को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद, तकनीकी दक्षता और सावधानी बरतते हुए पुल की जरूरी मरम्मत की गई।
संगठन के अनुसार, यह कार्रवाई दर्शाती है कि कौशल, अनुभव और सटीकता से कठिन परिस्थितियों में भी काम पूरा किया जा सकता है। उन्होंने अपने मूलमंत्र 'श्रमेण सर्वं साध्यम्' को भी दोहराया। BRO ने इस अभियान को विषम परिस्थितियों में इंजीनियरिंग की एक मिसाल बताया है।
अधिकारियों और कर्मियों की सराहना
सीमा सड़क संगठन के महानिदेशक ने इस मुश्किल अभियान में शामिल टीम के समर्पण और पेशेवर प्रतिबद्धता की सराहना की है। उन्होंने विशेष रूप से लेफ्टिनेंट कर्नल एपीएस नेगी, कैप्टन मयंक जोशी, कैप्टन शुभम एम नेसरागी, उपकरण एवं मैकेनिकल विशेषज्ञ देवेंद्र कुमार और मोटर परिवहन चालक सुखजीत सिंह के प्रयासों को सराहा।
इनपुट: IANS



