अरुणाचल: वायुसेना ने दुर्गम इलाके से दो गंभीर मरीज़ों को एयरलिफ्ट किया, खराब मौसम में भी पूरा किया मिशन
अरुणाचल प्रदेश के दूरदराज के मेचुका इलाके में गंभीर रूप से घायल दो मरीज़ों के लिए भारतीय वायु सेना (IAF) जीवन रक्षक बनकर सामने आई। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, एक आपातकालीन एयरलिफ्ट…
अरुणाचल प्रदेश के दूरदराज के मेचुका इलाके में गंभीर रूप से घायल दो मरीज़ों के लिए भारतीय वायु सेना (IAF) जीवन रक्षक बनकर सामने आई। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, एक आपातकालीन एयरलिफ्ट ऑपरेशन में वायुसेना के हेलीकॉप्टर ने दोनों मरीज़ों को असम के डिब्रूगढ़ पहुंचाया, जहाँ उन्हें बेहतर इलाज मिल सकेगा। यह पूरा मिशन खराब मौसम और घटती रोशनी जैसी चुनौतियों के बीच सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
यह बचाव अभियान तब शुरू हुआ जब शि-योमी जिले के मेचुका की सर्कल ऑफिसर रितु तावे ने तत्काल मदद की गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि 40 वर्षीय याजाप पुजोर जिबंग और 45 वर्षीय चापी पुदुर की हालत बेहद नाजुक थी और उन्हें फौरन उच्च-स्तरीय चिकित्सा की जरूरत थी, जो मेचुका में संभव नहीं थी।
चुनौतियों के बीच सफल बचाव
सूचना मिलते ही भारतीय वायु सेना ने तुरंत कार्रवाई की। वायुसेना का एक हेलीकॉप्टर दोपहर करीब 2:50 बजे मेचुका पहुंचा और दोनों मरीज़ों को लेकर डिब्रूगढ़ के मोहनबाड़ी के लिए रवाना हुआ। पायलटों ने टाटो के ऊपर खराब मौसम और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों का सामना करते हुए शाम लगभग 4:20 बजे मोहनबाड़ी एयरबेस पर सुरक्षित लैंडिंग की। वहां से दोनों मरीज़ों को एम्बुलेंस द्वारा आगे के इलाज के लिए डिब्रूगढ़ के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया।
समन्वित प्रयास से बची जान
इस जीवन रक्षक अभियान की सफलता कई विभागों के बीच बेहतरीन तालमेल का नतीजा थी। इसमें नागरिक उड्डयन विभाग, IAF ईस्टर्न एयर कमांड (शिलांग), एयर हेडक्वार्टर (नई दिल्ली) के साथ-साथ मेचुका और आलो के जिला प्रशासन व स्वास्थ्य अधिकारियों ने मिलकर काम किया। आलो में एडीसी माबी ताइपोडिया जिनी, डीएमओ डॉ. लिन्या लोलेन और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कारकेन रीना ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस त्वरित सहायता के लिए नागरिक उड्डयन विभाग ने रक्षा मंत्रालय और भारतीय वायु सेना का आभार व्यक्त किया है।
इनपुट: IANS



