बढ़े हुए एनपीए के लिए कांग्रेस की सरकार जिम्मेदार, बिना सोचे समझे बांटे थे कर्ज़ : जेटली

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वित्त मंत्री अरुण जेटली नें बढ़ें हुए एनपीए के लिए कांग्रेस की सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा की कांग्रेस के वक्त सरकार नें बिना सोचे समझे कर्ज़ बांटे थे। जिसका वजह से राजस्व घाटा बढ़ गया। यूपीए सरकार के दौरान आर्थिक वृद्धि दर के आंकडो को लेकर सत्तधारी बीजेपी और विपक्षी दल कांग्रेस के साथ बहम में वित्त मंत्री अरुण जेटली नें कहा की यूपीए सरकार के दौरान उच्च विकास देर सिर्फ़ कर्ज़ के बदौलत थी। उस वक्त सरकार ने बिना सोचे समझे पैसा निजी कंपनियों के हाथों में दिया था। जिसकी वजह से बैंकों का एनपीए 12 प्रतिशत तक बढ़ गया। उन्होंने अपने बयान में आगे कहा की कांग्रसे की इसी ख़राब आर्थिक नीति की वजह से 2012-13 से लेकर 2013-14 तक आर्थिक समस्याएँ खड़ी हुई।

मनमोहन की अर्थव्यवस्था की नीति पर सवाल

जेटली ने सोमवार की शाम बैंकरों के निकाय बैंक संगठन की सालाना बैठक में जेटली नें कहा की पिछली सरकार नें जिसर तरह से अर्थवयवस्था में कर्ज़ बांटकर तेज विकास हासिल करने की कोशिश की थी वह पुरी तरह से ग़लत थी। सरकार नें उन परियोजनाओं में निवेश किया था जो आगे चलकर घाटे में चली गई। इससे बैंकों के जरिए गया पैसा वापस बैंकों के पास नहीं आया। बैंक लगातार उन खातों को भी पैसा दे रहे थे जो पुरी तरह से नुकसान में जा रहे थे। बैंकों ने उन परियोजनाओं को बी पैसे दिए जिन परियोजनाओं में आग चलकर धोखाधडी हुई।  तो सरकार नें जब इस तरह की आर्थिक नीति अपनाई थी तो इसके बुरे नतीजे आने ही थे।

उन्होंने अपने बयान में आगे कहा की सरकार नें बाद में इससे भी बढ़ी ग़लती की, वह दिए गए कर्ज़ों के ऊपर नए कर्ज़ देने लगे। उसका परिणाम अब हम सभी देख रहे जेटली ने कहा कि मजबूत वृहत आर्थिक बुनियाद के बैगर लंबे समय तक उच्च आर्थिक वृद्धि दर हासिल नहीं की जा सकती. अगर हम वृहत आर्थिक कारकों को नजरअंदाज करके वृद्धि दर बढा़ने की कोशिश करते हैं तो कुछ समय बाद यही बात अर्थव्यवस्था के लिए उल्टी पड़ने लगती है