चक्रवात 'अर्नब' ने आंध्र प्रदेश में दी दस्तक, कई इलाकों में बिजली गुल, मुख्यमंत्री ने की स्थिति की समीक्षा
आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान 'अर्नब' ने बुधवार तड़के दस्तक दे दी है। इस दौरान 125 से 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज हवाओं के कारण कई जगहों पर पेड़ और बिजली…
आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान 'अर्नब' ने बुधवार तड़के दस्तक दे दी है। इस दौरान 125 से 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज हवाओं के कारण कई जगहों पर पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू पूरी रात स्थिति पर नजर बनाए रहे और अधिकारियों के साथ लगातार समीक्षा बैठकें करते रहे।
बुधवार तड़के भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने पुष्टि की कि चक्रवात ने आंध्र प्रदेश और यनम के तटों को पार करना शुरू कर दिया है। इसके प्रभाव से अगले दो दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है। एहतियात के तौर पर, प्रभावित इलाकों में बिजली की आपूर्ति रोक दी गई है।
राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने चक्रवात प्रभावित जिलों के कलेक्टरों और रियल टाइम गवर्नेंस सोसाइटी (आरटीजीएस) के अधिकारियों के साथ टेलीकॉन्फ्रेंस के जरिए हालात का जायजा लिया। उन्होंने मंगलवार देर रात 1:30 बजे तक समीक्षा की और बुधवार सुबह 6:15 बजे फिर से अधिकारियों से संपर्क कर राहत कार्यों की जानकारी ली। कोनासीमा जिले के कलेक्टर ने बताया कि अकेले उनके जिले में लगभग 6,000 बिजली के खंभे गिर गए हैं। मुख्यमंत्री ने गिरे हुए पेड़ों को तुरंत हटाने और स्थिति सामान्य होते ही बिजली आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन की तैयारी और तैनाती
चक्रवात से निपटने के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। राज्य भर में 2,199 चक्रवात आश्रय स्थल बनाए गए हैं। अब तक 2,360 गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित चिकित्सा केंद्रों में पहुंचाया जा चुका है। बचाव कार्यों के लिए विभिन्न जिलों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की 12 और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की 10 टीमें तैनात की गई हैं। पुलिस, अग्निशमन और चिकित्सा दल भी मुस्तैद हैं, जबकि नौसेना और तटरक्षक बल को भी तैयार रखा गया है। बिजली व्यवस्था की बहाली के लिए 8,400 से अधिक कर्मचारी लगाए गए हैं।
नागरिकों के लिए मुख्यमंत्री की अपील
मुख्यमंत्री नायडू ने लोगों से शांत रहने, सतर्कता बरतने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने लोगों को सलाह दी है कि वे अपने फोन चार्ज रखें, जरूरी सामान साथ रखें और अनावश्यक यात्रा से बचें। मछुआरों को अगली सूचना तक समुद्र में न जाने के लिए कहा गया है। प्रशासन द्वारा खतरा टलने की पुष्टि होने तक सभी को सुरक्षित आश्रय स्थलों में रहने का निर्देश दिया गया है।
इनपुट: IANS



