ओडिशा में एल्युमिनियम उत्पादन दोगुना करने की तैयारी, NALCO करेगी 30,000 करोड़ रुपए का निवेश
नेशनल एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (नालको) ओडिशा के अनुगुल में अपने स्मेल्टर प्लांट की क्षमता को लगभग दोगुना करने जा रही है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बड़ी विस्तार परियोजना पर करीब…
नेशनल एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (नालको) ओडिशा के अनुगुल में अपने स्मेल्टर प्लांट की क्षमता को लगभग दोगुना करने जा रही है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बड़ी विस्तार परियोजना पर करीब 30,000 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा। इस कदम से नालको की मौजूदा स्मेल्टिंग क्षमता 0.46 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) से बढ़कर लगभग 1.0 MTPA हो जाएगी।
भारत सरकार के खान मंत्रालय के अधीन आने वाली इस नवरत्न कंपनी ने परियोजना को गति देने के लिए सभी जरूरी कानूनी मंजूरियां और रणनीतिक साझेदारियां पूरी कर ली हैं। कंपनी का लक्ष्य इस विस्तार परियोजना को 2030-31 तक चालू करना है, जिससे देश के धातु उत्पादन में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी।
प्रोजेक्ट की तकनीकी और ऊर्जा ज़रूरतें
इस बड़े विस्तार के लिए नालको ने दुनिया की बेहतरीन तकनीक का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। इसके लिए कंपनी ने एमिरेट्स ग्लोबल एल्युमिनियम (EGA) के साथ एक समझौता किया है, जिसके तहत अनुगुल प्लांट में EGA की विशेष स्मेल्टिंग तकनीक का लाइसेंस लिया जाएगा। यह तकनीक ऊर्जा की खपत कम करने और उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए विश्व स्तर पर प्रमाणित है।
परियोजना की बिजली की जरूरतों को पूरा करने के लिए भी एक ठोस योजना तैयार की गई है। इस विस्तार के लिए अतिरिक्त 1100 मेगावाट बिजली की आवश्यकता होगी। इसके लिए नालको ने एनएलसी इंडिया लिमिटेड के साथ 50:50 की हिस्सेदारी में एक संयुक्त उद्यम बनाया है। यह संयुक्त कंपनी 1,080 मेगावाट (4x270 MW) का कैप्टिव थर्मल पावर प्लांट स्थापित करेगी। साथ ही, कंपनी 200-250 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा को भी इस प्रोजेक्ट में शामिल करेगी।
भूमि अधिग्रहण और भविष्य की योजनाएं
परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए भूमि अधिग्रहण से जुड़े मुद्दों को तेजी से सुलझाया जा रहा है। हाल ही में, पुनर्वास और परिधीय विकास सलाहकार समिति (आरपीडीएसी) की एक बैठक में भूमि अधिग्रहण, मुआवजे और पुनर्वास के मामलों पर चर्चा हुई ताकि काम बिना रुकावट के आगे बढ़ सके।
नालको की यह विस्तार पहल ओडिशा और भारत सरकार के सहयोग से चल रही है, जिससे रोजगार के अवसर पैदा होने और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, कंपनी दमनजोदी में अपनी 5वीं स्ट्रीम एल्यूमिना रिफाइनरी पर भी काम कर रही है। रिफाइनरी से मिलने वाले अतिरिक्त एल्यूमिना का इस्तेमाल भविष्य में नए ग्रीनफील्ड एल्यूमीनियम स्मेल्टर में किया जा सकता है, जिसके लिए नालको पूरे भारत में उपयुक्त स्थानों की तलाश कर रही है।
इनपुट: IANS



