आंध्र प्रदेश: बिना सूचना गायब 70 सरकारी डॉक्टर बर्खास्त, 150 से ज़्यादा पर कार्रवाई की तैयारी
आंध्र प्रदेश में लंबे समय से बिना अनुमति के ड्यूटी से अनुपस्थित चल रहे डॉक्टरों पर सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, स्वास्थ्य विभाग ने एक साल से अधिक समय से…
आंध्र प्रदेश में लंबे समय से बिना अनुमति के ड्यूटी से अनुपस्थित चल रहे डॉक्टरों पर सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, स्वास्थ्य विभाग ने एक साल से अधिक समय से गायब 70 डॉक्टरों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। ये सभी सिविल असिस्टेंट सर्जन के पद पर कार्यरत थे।
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव को सौंपी गई एक रिपोर्ट में इस कार्रवाई की जानकारी दी गई। मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि लंबे समय से अनुपस्थित रहने वाले डॉक्टरों के प्रति कोई नरमी न बरती जाए। अधिकारियों ने बताया कि यह कदम आंध्र प्रदेश सिविल सेवा (सीसीए) नियम, 1991 के नियम 20 के तहत उठाया गया है। बर्खास्तगी से पहले सभी डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस जारी कर निर्धारित प्रक्रिया पूरी की गई थी।
कई अन्य डॉक्टर भी कार्रवाई के दायरे में
इस कार्रवाई के अलावा कई अन्य डॉक्टर भी विभाग के निशाने पर हैं। डायरेक्टरेट ऑफ सेकेंडरी हेल्थ (डीएसएच) के तहत काम करने वाले 154 अन्य डॉक्टर भी बिना इजाजत के ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए हैं, जिनके खिलाफ कार्रवाई विभिन्न चरणों में है। इसी तरह, डायरेक्टरेट ऑफ मेडिकल एजुकेशन (डीएमई) के तहत कार्यरत 39 डॉक्टरों को नौकरी से बर्खास्त करने से पहले एक अंतिम मौका दिया जाएगा। इनमें 5 प्रोफेसर, 4 एसोसिएट प्रोफेसर और 30 असिस्टेंट प्रोफेसर शामिल हैं।
हालांकि, सरकार ने उन डॉक्टरों के लिए वापसी का एक रास्ता भी खुला रखा है जो नोटिस मिलने के बाद ड्यूटी पर लौटना चाहते हैं। ऐसे डॉक्टरों को अनुशासनात्मक कार्रवाई, जैसे वेतन वृद्धि में कटौती, के साथ काम पर वापस आने का मौका दिया जा रहा है। इस प्रक्रिया के तहत डीएसएच के 78 डॉक्टर पहले ही ड्यूटी पर लौट चुके हैं।
क्यों गायब रहते हैं डॉक्टर?
अधिकारियों के अनुसार, डॉक्टरों के लंबे समय तक अनुपस्थित रहने के पीछे कई कारण हैं। इनमें निजी प्रैक्टिस, पोस्टिंग से असंतोष, स्वास्थ्य समस्याएं और पारिवारिक या अन्य व्यक्तिगत वजहें शामिल हैं। कुछ डॉक्टर तो ऐसे भी हैं जो सरकारी सेवा में शामिल होने के तुरंत बाद ही ड्यूटी पर आना बंद कर देते हैं।
विभागों में कुल 493 कर्मचारी अनुपस्थित
एक ताज़ा आकलन में स्वास्थ्य और चिकित्सा विभाग के विभिन्न कार्यालयों में कुल 493 डॉक्टर और अन्य कर्मचारी ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए हैं। इनमें डीएसएच और डीएमई के अलावा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम), आयुष और औषधि नियंत्रण प्रशासन जैसे विभागों के कर्मचारी भी शामिल हैं। स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव ने निर्देश दिया है कि अनुपस्थित कर्मचारियों को हटाने की प्रक्रिया अधिकतम तीन महीने में पूरी की जाए और खाली होने वाले पदों को 'जीरो वैकेंसी पॉलिसी' के तहत तुरंत भरा जाए।
इनपुट: IANS



