आंध्र प्रदेश में 3 लाख नए घर: केंद्र ने जारी की ₹3600 करोड़ की पहली किस्त, 3D प्रिंटिंग से बनेंगे मकान
आंध्र प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) 2.0 के तहत एक बड़ी पहल की गई है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य के लिए 3 लाख आवासों के निर्माण हेतु ₹3,600…
आंध्र प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) 2.0 के तहत एक बड़ी पहल की गई है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य के लिए 3 लाख आवासों के निर्माण हेतु ₹3,600 करोड़ की पहली किस्त जारी की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, गुंटूर जिले के बुर्रिपालेम गांव में आयोजित एक कार्यक्रम में यह घोषणा की गई, जहां मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू भी उपस्थित थे।
इस अवसर पर शिवराज सिंह चौहान ने एक अत्याधुनिक पायलट परियोजना की आधारशिला भी रखी। यह देश की पहली 3डी कंक्रीट प्रिंटिंग तकनीक पर आधारित आवास परियोजना होगी, जिसके तहत बुर्रिपालेम और ओबुलनायुडुपालेम में 177 मकान बनाए जाएंगे। इस पायलट प्रोजेक्ट की लागत ₹14 करोड़ है और इसका लक्ष्य निर्माण कार्य लगभग छह महीने में पूरा करना है। सरकार का मानना है कि इस नई तकनीक से निर्माण का समय, लागत और श्रम की आवश्यकता घटेगी, साथ ही पारंपरिक तरीकों से बने घरों की तुलना में ये ज्यादा टिकाऊ होंगे।
राज्य के विकास के लिए केंद्र का सहयोग
कार्यक्रम में हजारों लोगों को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर आंध्र प्रदेश को देश का नंबर एक राज्य बनाने के लिए काम कर रही हैं। उन्होंने बताया कि शुरुआत में केंद्र के अधिकारियों ने राज्य के लिए केवल 76 हजार आवासों का प्रस्ताव दिया था, लेकिन मुख्यमंत्री नायडू ने हर गरीब परिवार के लिए पक्के घर की मांग की।
शिवराज चौहान ने मुख्यमंत्री के आग्रह का जिक्र करते हुए कहा, "मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने आग्रह किया कि आंध्र प्रदेश के हर गरीब परिवार के पास अपना पक्का घर होना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आशीर्वाद से हमने 76 हजार के बजाय 3 लाख घर मंजूर किए हैं।" उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि मुख्यमंत्री द्वारा की गई 6 लाख अतिरिक्त आवासों की मांग पर भी विचार किया जाएगा और चरणबद्ध तरीके से मंजूरी दी जाएगी।
किसानों और महिलाओं के लिए योजनाएं
केंद्रीय मंत्री ने किसानों के कल्याण की बात करते हुए कहा कि पीएम-किसान योजना के ₹6,000 और राज्य सरकार की 'अन्नदाता सुखीभव' योजना के ₹14,000 मिलाकर किसानों को सालाना ₹20,000 की सहायता मिलेगी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राज्य में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 23 लाख महिलाएं 'लखपति दीदी' बन चुकी हैं और इस संख्या को 60 लाख तक पहुंचाने का लक्ष्य है। इसके अलावा, उन्होंने घोषणा की कि राष्ट्रीय सरस मेला 15 अक्टूबर को पहली बार दिल्ली के बाहर आंध्र प्रदेश में आयोजित होगा, जिसका उद्घाटन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु करेंगी।
चौहान ने राज्य के विकास से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने अमरावती को आंध्र प्रदेश की स्थायी राजधानी के रूप में मान्यता दी और इसके विकास के लिए ₹15,000 करोड़ की विशेष वित्तीय सहायता प्रदान की। उन्होंने पोलावरम सिंचाई परियोजना को राज्य की जीवनरेखा बताया और कहा कि केंद्र सरकार की 100 प्रतिशत अनुदान सहायता से इसका काम आगे बढ़ रहा है।
इनपुट: IANS



