आनंदीबेन पटेल की चिट्ठी से गुजरात में होगा बीजेपी को नुकसान?

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गुजरात की पूर्व सीएम आनंदीबेन पटेल (75) ने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को चिट्ठी लिखी है। चिट्ठी में आनंदीबेन ने 2017 गुजरात विधानसभा चुनाव में कैंडिडेट ना बनाए जाने की इच्छा जाहिर की। उन्होंने बीजेपी प्रेसिडेंट को लिखा, “मेरी जगह पार्टी नए लोगों को चुनाव लड़ने का मौका दे।” बता दें कि आनंदीबेन पटेल ने 4 अगस्त 2016 को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था। इससे 3 दिन पहले उन्होंने फेसबुक के जरिए इस्तीफा देने का ऐलान किया था। ऐसा करने वाली वे पहली सीएम हैं।

बता दें कि इस्तीफे के वक्त ये कहा जा रहा था कि आनंदीबेन पाटीदार आंदोलन को ठीक ढंग से संभाल नहीं पाई और पाटीदारों की नाराजगी भाजपा से ज्यादा आनंदीबेन पटेल से है। आनंदीबेन पटेल के इस्तीफे के पीछे यही वजह बताई जा रही थी। लेकिन इसमें कोई संदेह नहीं कि भले ही पाटीदार आनंदीबेन से नाराज हों लेकिन ये भी सच्चाई है कि वह गुजरात में लंबे समय तक अहम पदों पर रही हैं अब ऐसे में उनका चुनाव लड़ने से इनकार करना उनकी नाराजगी भी हो सकती है और इससे ना केवल उस सीट पर भाजपा को नुकसान हो सकता है जहां से वह चुनाव लड़ती थी बल्कि आनंदीबेन के सिपहसाल भी चुनाव से किनारे हो सकते हैं।

चिट्ठी में क्या कहा पूर्व मुख्यमंत्री ने?

1) काबिल कैंडिडेट्स को मौका दें

– BJP अध्यक्ष को आनंदीबेन ने 4 अक्टूबर को ये चिट्ठी लिखी। इसमें उन्होंने कहा कि वे आने वाले गुजरात असेम्बली इलेक्शंस में लड़ना नहीं चाहती हैं। उन्होंने अपने इस फैसले के पीछे बढ़ती हुई उम्र का हवाला दिया और कहा, “बीजेपी में उम्र संबंधी व्यवस्था के चलते मेरी जगह किसी दूसरे काबिल शख्स को घाटलोडिया से कैंडिडेट बनाया जाए।”

2) 31 साल से BJP के लिए काम कर रही हूं

– “31 साल से मैं पार्टी के लिए काम कर रही हूं। मंडल विधानसभा क्षेत्र एक नया क्षेत्र था। वर्कर्स ने मुझे स्वीकार किया और मुझे लोगों की सेवा करने का मौका मिला। बाद में घाटलोडिया जैसा शहरी निर्वाचन क्षेत्र मिला। यहां पार्टी वर्कर्स की सेना थी। मुश्किल नहीं हुई। मुझे गुजरात के लोगों की सेवा करने का मौका मिला। मैं जितना काम कर सकती थी, मैंने किया। पार्टी और वर्कर्स ने मुझे प्रेरणा और प्रोत्साहन दिया। गुजरात के लोगों ने मुझे बहुत प्यार दिया है। मैं इस प्यार को कभी नहीं भूल सकती।”

3) 2017 चुनाव में जो जिम्मेदारी मिलेगी, निभाऊंगी

– “गुजरात विधानसभा चुनाव 2017 में पार्टी मुझे जो भी जिम्मेदारी देगी, मैं उसे पूरा करूंगी। मैं जब तक जीवित रहूंगी, तब तक एक पार्टी कार्यकर्ता के रूप में काम करना जारी रखूंगी। आप सभी को धन्यवाद।

“मोदी की करीबी आनंदीबेन पाटीदार समुदाय से हैं

– आनंदीबेन पटेल ने बीजेपी में 75 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के मंत्री पद छोड़ने के सिस्टम के चलते पिछले साल गुजरात की सीएम पोस्ट से इस्तीफा दिया था। वे मोदी की करीबी मानी जाती हैं और पाटीदार समुदाय से हैं।

– मोदी जब सीएम थे, तब आनंदीबेन ने एजुकेशन, रेवेन्यू, अर्बन डेवलपमेंट, रोड एंड होम, वुमन एंड चाइल्ड डेवलपमेंट डिपार्टमेंट संभाले।

 

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