बुधवार, 4 नवम्बर 2026 · नई दिल्ली
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उत्तर कोरिया की अमेरिका को दो टूक: बातचीत संभव, पर राष्ट्रीय हितों से कोई समझौता नहीं

उत्तर कोरिया ने अमेरिका के साथ बातचीत की संभावनाओं को पूरी तरह खारिज नहीं किया है, लेकिन यह साफ कर दिया है कि वह अपने राष्ट्रीय हितों को किसी भी कीमत पर दांव पर नहीं लगाएगा। समाचार एजेंसी IANS की एक…

उत्तर कोरिया की अमेरिका को दो टूक: बातचीत संभव, पर राष्ट्रीय हितों से कोई समझौता नहीं
(फोटो: IANS)

उत्तर कोरिया ने अमेरिका के साथ बातचीत की संभावनाओं को पूरी तरह खारिज नहीं किया है, लेकिन यह साफ कर दिया है कि वह अपने राष्ट्रीय हितों को किसी भी कीमत पर दांव पर नहीं लगाएगा। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन की प्रभावशाली बहन किम यो जोंग ने बुधवार को यह बयान जारी किया। उन्होंने अमेरिका पर प्योंगयांग के प्रति अपनी शत्रुतापूर्ण नीति जारी रखने का आरोप लगाया है।

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किम यो जोंग का यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर कोरिया और अमेरिका के बीच तनाव बना हुआ है। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन लगातार ऐसे संकेत दे रहा है जो प्योंगयांग को उसके असली इरादों पर शक करने के लिए मजबूर करते हैं। किम यो जोंग ने स्पष्ट किया, "शांति के विकल्पों में निश्चित रूप से बातचीत भी शामिल है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि बातचीत हमारे राष्ट्रीय हितों के बराबर है।"

अमेरिका की शत्रुतापूर्ण नीति पर सवाल

किम यो जोंग ने हाल की कुछ घटनाओं को अमेरिका की प्योंगयांग-विरोधी नीति का उदाहरण बताया। इसमें एफबीआई द्वारा क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज बाइनेंस से 6 अरब डॉलर की चोरी में उत्तर कोरिया की संलिप्तता का आरोप भी शामिल है। उत्तर कोरिया इस आरोप को एक राजनीतिक उकसावा बताकर पहले ही खारिज कर चुका है। किम यो जोंग ने कहा कि यह हैकिंग का मामला "अमेरिका की प्योंगयांग विरोधी नीति की वास्तविक प्रकृति की केवल एक झलक है।"

इसके अलावा, उन्होंने दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान के विदेश मंत्रियों की हालिया त्रिपक्षीय बैठक का भी जिक्र किया, जिसमें उत्तर कोरिया के पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण की प्रतिबद्धता दोहराई गई थी। उन्होंने इन देशों के संयुक्त सैन्य अभ्यासों को भी उत्तर कोरिया के खिलाफ शत्रुतापूर्ण गतिविधि करार दिया।

बातचीत के लिए रखी शर्त

किम यो जोंग ने अमेरिका के साथ भविष्य में किसी भी तरह की बातचीत के लिए एक अहम शर्त रखी है। उन्होंने कहा कि जब तक वाशिंगटन अपनी टकराव की नीति नहीं छोड़ता, तब तक प्योंगयांग के पास बातचीत की मेज पर बैठने का कोई कारण नहीं है। उन्होंने कहा, "उत्तर कोरिया को ऐसे अविश्वसनीय और शत्रुतापूर्ण लोगों के साथ आमने-सामने बैठने की जरूरत नहीं है, जो अपनी टकराव की नीति छोड़ने को तैयार नहीं हैं।"

उन्होंने अमेरिका की कथित शत्रुतापूर्ण गतिविधियों के जवाब में जवाबी कदम उठाने की चेतावनी भी दी, हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया कि ये कदम किस तरह के होंगे। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और किम जोंग उन के बीच एक और मुलाकात की अटकलें लगाई जा रही हैं।

इनपुट: IANS

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