Ambani vs Adani: टेलिकॉम के बाद इस सेक्टर में होगी गौतम अडानी और मुकेश अंबानी की सीधी टक्कर

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Ambani vs Adani: टेलिकॉम के बाद इस सेक्टर में होगी गौतम अडानी और मुकेश अंबानी की सीधी टक्कर

नई दिल्ली: भारत और एशिया के दो सबसे बड़े रईसों मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) और गौतम अडानी (Gautam Adani) के बीच टेलिकॉम के बाद एक और सेक्टर में सीधी टक्कर होने जा रही है। सूत्रों के मुताबिक अडानी की कंपनी अडानी न्यू इंडस्ट्रीज (ANIL) और अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) ने दो-दो कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) प्लांट्स लगाने की योजना बनाई है। सूत्रों की मानें तो ANIL ने उत्तर प्रदेश और गुजरात में सालाना 40 मिलियन टन क्षमता के प्लांट लाने की योजना बनाई है। रिलायंस ने भी अभी तक अपने प्लांट्स के लिए लोकेशन को फाइनल नहीं किया है। ये दोनों कंपनियों इसके लिए 500 से 600 करोड़ रुपये निवेश कर सकती हैं।

एक ऑयल मार्केटिंग कंपनी में सीनियर एग्जीक्यूटिव ने कहा कि अडानी और रिलायंस कई प्लांट्स के साथ इस सेगमेंट में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। ANIL और रिलायंस इंडस्ट्रीज ने इस बारे में ईटी के ईमेल का जवाब नहीं दिया। सीबीजी एग्रीकल्चर वेस्ट, शुगरकेन प्रेस मड और म्यूनिसिपल वेस्ट से बनती है। ग्रीन हाइड्रोजन बनाने के लिए भी सीबीजी के इस्तेमाल पर विचार किया जा रहा है। साथ ही इसका घरेलू इस्तेमाल भी किया जा सकता है। यह घरों में पाइप से पहुंचाई जाने वाले नेचुरल गैस यानी पीएनजी की जगह ले सकती है। एक और सूत्र ने कहा कि हम अपने रिटेल आउटलेट से सीबीजी और सीएनजी को गाड़ियों में फ्यूल के तौर पर बेच सकते हैं। साथ ही सीबीजी को अपने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) नेटवर्क में भी डाल सकते हैं। डोमेस्टिक और रिटेल यूजर्स इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।

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बायोगैस में क्या है फायदा
रिलायंस ने बीपी के साथ मिलकर एक जॉइंट वेंचर रिलायंस बीपी मोबिलिटी बनाया है। इस कंपनी के जियो-बीपी ब्रांड के तहत देशभर में 1400 से अधिक पेट्रोल पंप हैं। इसी तरह अडानी ग्रुप की सहयोगी कंपनी अडानी टोटल गैस सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन सेगमेंट में सक्रिय है। एक अन्य एग्जीक्यूटिव ने कहा कि सीबीजी की आकर्षक कीमतों के कारण प्राइवेट कंपनियों का झुकाव इस तरफ बढ़ रहा है।

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एक सूत्र ने कहा कि 2018 में इसकी कीमत 46 से 56 रुपये प्रति किलो थी जो अब बढ़कर 70 से 76 रुपये प्रति किलो पहुंच गई है। सीबीजी के उत्पादन के बाद बचने वाली खाद को फर्टिलाइजर के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। सरकार ने अक्टूबर 2018 में सीबीजी का उत्पादन और उपलब्धता बढ़ाने के लिए एक योजना लॉन्च की थी। इस योजना के तहत फाइनेंशियल ईयर 2023-24 तक 5,000 सीबीजी प्लांट्स लगाने का लक्ष्य है। बायोगैस में 60 फीसदी मीथेन, 40-45 फीसदी कार्बन डाई ऑक्साइड और हाइड्रोजन सल्फाइड के अंश होते हैं।

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