मायावती की तरह अखिलेश ने भी अलापा राग, कहा, ‘कांग्रेस’ भ्रम पैदा न करे, BJP का हराने के लिए गठबंधन सक्षम

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आम चुनाव में होने वाले सियासी संग्राम से पहले उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और सपा-बसपा गठबंधन के बीच सियासी पारा चढ़ा हुआ है। सपा-बसपा गठबंधन के लिए उत्तर प्रदेश में कांग्रेस द्वारा महज़ 7 सीटें छोड़े जाने के बाद, पहले मायावती और अब अखिलेश यादव ने कांग्रेस को सलाह देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी किसी भी तरह की कंफ्यूज़न पैदा न करे क्योंकि सपा-बसपा और रालोद का गठबंधन बीजेपी को हराने में सक्षम है।

सपा-बसपा गठबंधन में सम्मानजनक सीटें मांगे जाने के कांग्रेस के अनडारेक्टली प्रयास को तगड़ा झटका लगा है। उत्तर प्रदेश की 73 सीटों पर लड़ने के कांग्रेस के फ़ैसले से सपा-बसपा प्रमुख ख़फ़ा नज़र आ रहे हैं। पहले मायावती और अब अखिलेश यादव ने लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को गठबंधन को लेकर कोई भ्रम नहीं फैलाने की सलाह दी है।

अखिलेश ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा और राष्ट्रीय लोक दल का गठबंधन बीजेपी को पटखनी देने में सक्षम है। इसलिए हम चाहते हैं कि कांग्रेस पार्टी किसी भी तरह की कोई कन्प्यूज़न पैदा न करें। इससे पहले मायावती ने भी सपा-बसपा गठबंधन को लेकर कांग्रेस को कोई भ्रम न फैलाने की कड़े शब्दों में ताक़ीद दी थी।

मायावती ने कहा था कि आम चुनाव में बीजेपी को सपा-बसपा गठबंधन अकेले ही हरा सकता है। उन्होंने कहा कि सपा-बसपा का गठबंधन अकेले बीजेपी को पराजित करने में पूरी तरह से सक्षम है। इसलिए कांग्रेस ज़बर्दस्ती यूपी में गठबंधन के लिए 7 सीटें छोड़ने की भ्रान्ति बिल्कुल भी ना फैलाये।

कांग्रेस ने कल ऐलान किया था कि वह उत्तर प्रदेश की 80 में से 73 लोकसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। उसने 7 सीटें सपा-बसपा-रालोद गठबंधन के लिए छोड़ी हैं। ये वे सीटें हैं जहां से अखिलेश यादव, मायावती, मुलायम सिंह यादव, डिंपल यादव, चौधरी अजित सिंह व जयंत चौधरी चुनाव लड़ेंगे।