राजकोट AIIMS में कैंसर के इलाज की नई उम्मीद, अत्याधुनिक रेडियोथेरेपी सुविधा से डेढ़ करोड़ लोगों को राहत
सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र के कैंसर मरीज़ों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। अब उन्हें इलाज के लिए अहमदाबाद और मुंबई जैसे दूर के शहरों की यात्रा नहीं करनी पड़ेगी। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, राजकोट के…
सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र के कैंसर मरीज़ों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। अब उन्हें इलाज के लिए अहमदाबाद और मुंबई जैसे दूर के शहरों की यात्रा नहीं करनी पड़ेगी। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, राजकोट के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में एक अत्याधुनिक रेडियोथेरेपी सुविधा शुरू हो गई है, जिससे करीब डेढ़ करोड़ लोगों को उच्चस्तरीय कैंसर उपचार सुलभ होगा।
सोमवार को इस सुविधा का उद्घाटन करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार हर नागरिक को बेहतर कैंसर उपचार मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा, "किसी भी व्यक्ति को अपने क्षेत्र या आर्थिक स्थिति के कारण बेहतर इलाज से वंचित नहीं रहना चाहिए।" इस केंद्र के शुरू होने से राजकोट, जामनगर, जूनागढ़, पोरबंदर, अमरेली, भावनगर, और मोरबी समेत 11 जिलों के मरीज़ों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा।
लागत और तकनीक
प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत विकसित इस एडवांस्ड सुविधा पर करीब 39 करोड़ रुपए की लागत आई है। इसका मुख्य उद्देश्य देश के विभिन्न हिस्सों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता के अंतर को पाटना है। इस केंद्र में हाई एनर्जी लीनियर एक्सीलरेटर, वाइड बोर सीटी सिम्युलेटर और हाई डोज़ रेट ब्रैकीथेरेपी यूनिट जैसी मशीनें लगाई गई हैं। इन उपकरणों की मदद से IMRT, VMAT, और SRS जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर मिलीमीटर स्तर की सटीकता से इलाज किया जा सकेगा। एम्स राजकोट का रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग, जो 29 मई 2026 से कार्यरत है, हर साल 500 से 700 मरीज़ों का उपचार करने की उम्मीद रखता है।
समय पर जांच और इलाज पर ज़ोर
जेपी नड्डा ने कैंसर से लड़ाई में शुरुआती जांच के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से 2018 से अब तक मुंह के कैंसर के लिए लगभग 37.70 करोड़, स्तन कैंसर के लिए 17.70 करोड़ और गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर के लिए 9.80 करोड़ लोगों की जांच की गई है। इन जांचों में क्रमशः करीब ढाई लाख, 95 हजार और एक लाख मरीज़ सामने आए। स्वास्थ्य मंत्री ने लैंसेट की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि बीमारी का पता चलने के 30 दिनों के भीतर 90 प्रतिशत मरीज़ों का इलाज शुरू हो जाता है, जिसका एक बड़ा कारण आयुष्मान भारत योजना से मिली आर्थिक सुरक्षा है।
मुफ्त और रियायती इलाज
एम्स राजकोट में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को कैंसर का इलाज पूरी तरह मुफ्त मिलेगा। वहीं, अन्य मरीज़ों को रियायती दरों पर यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इस मौके पर गुजरात के स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया और केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव भी मौजूद रहे। श्रीवास्तव ने इसे एम्स राजकोट के विकास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
इनपुट: IANS



