लोकपाल को लेकर फिर अनशन पर अन्ना, कहा “कोई भी बड़ी पार्टी नहीं करती लोकपाल पर बात”

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लोकपाल की मांग को लेकर समाजसेवी अन्ना हज़ारे ने एक बार फिर आमरण अनशन शुरू कर दिया है। अनशन की शुरूआत अन्ना ने अपने गांव रालेगण सिद्दि से की है जहां उन्होंने कहा कि बीजेपी समेत कोई भी सियासी पार्टी लोकपाल पर बात नहीं करती हैं।

2014 में सत्ता में आते ही क़ानून बदल दिया : अन्ना

2011 रामलीला मैदान में आंदोलन कर अन्ना ने त्तकालीन यूपीए सरकार को लोकपाल क़ानून बनाने के लिए मजबूर किया था जिसके बाद सरकार ने 2013 में लोकपाल क़ानून बना दिया था। 2013 में बने लोकपाल क़ानून पर अन्ना ने कहा, इस क़ानून के कुछ प्रावधान 2014 में बनी मोदी सरकार को रास नहीं आये और उसने लोकपाल क़ानून में एक नियम का संशोधन कर दिया जिसमें था कि “सरकारी अधिकारी और उसकी पत्नी हर साल 31 दिसंबर तक अपनी संपत्ति का ब्यौरा देना अनिवार्य होता था” लेकिन, मोदी सरकार ने सत्ता में आते ही इस नियम को हटा दिया और भ्रष्टाचार के दरवाज़े खोल दिए।

किसान के बिना देश का भविष्य नहीं : अन्ना

किसानों के मुद्दे पर अन्ना ने कहा, जब तक भाजपा व कांग्रेस के दिमाग़ में किसान नहीं आता है, तब तक देश का भविष्य बनने वाला नहीं है। राफेल पर जारी विवाद पर अन्ना ने कहा कि “दोनों राजनीतिक पार्टियां नौटंकी कर रही है। एक पार्टी वार करती है तो दूसरी पार्टी पलटवार करती है लेकिन, इन सबके बीच कोई भी घायल नहीं होता है, ये सब नौटंकी चल रही है।