तीन साल बाद जागी मोदी सरकार?

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तीन साल बाद जागी मोदी सरकार?
तीन साल बाद जागी मोदी सरकार?

पूर्वांचल में पिछले कई सालों से एक ऐसी बिमारी ने कब्जा जमा रखा है, जिसका शिकार मासूम बच्चें बनते है। जी हाँ, आज हम ऐसी ही बिमारी से आपको रूबरों कराने जा रहे है, जिसकी वजह से अब तक दस हजार लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें बच्चों की संख्या ज्यादा है। लेकिन इतने गंभीर बिमारी से लड़ने की बजाय, हमारी देश और प्रदेश की सरकार सो रही है।

आपको बता दें कि पूर्वांचल में पिछले कई सालों में जापानी बुखार के चलते 10 हजार लोगों की मौत हो चुकी है जिनमें अधिकतर कम उम्र बच्चे ही रहे। यूपी के मौजूदा सीएम योगी आदित्यनाथ खुद इस मुद्दे को संसद से लेकर सड़क तक उठाते रहे, जिसकी वजह से 2011 में यूपीए सरकार ने संसद में इस बात का आश्वासन दिया था कि AES से लड़ने के लिए गोरखपुर में जल्द से जल्द एम्स जैसा संस्थान बनेगा, लेकिन तब से लेकर अब तक न कोई रिसर्च सेंटर नहीं बनाया गया। 2014 में हुए लोकसभा चुनाव के बाद केंद्र में एनडीए की सरकार आने के बाद लोगों में उम्मीद जगी थी कि मामलें को गंभीरता से लिया जाएगा, लेकिन मोदी सरकार के आने के बाद भी पूर्वांचल की इस त्रासदी को रोकने के लिए कोई बड़ा कदम नहीं उठाया गया। साथ ही शुक्रवार को जब अचानक बीआरडी कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी के चलते एक साथ 30 बच्चों की मौत की खबर आई और उसमें योगी सरकार को घिरता देखा तो आनन-फानन में केन्द्र सरकार हरकत में आई।

खबर के मुताबिक, केन्द्र की मोदी सरकार ने यह घोषणा की है कि गोरखपुर में मेडिकल रिसर्च सेंटर बनवाया जाएगा। यह सेंटर बच्चों की बीमारियों पर रिसर्च करेगा और उन बीमारियों से लड़ने के लिए टीकों को विकसित करेगा। आपको बता दें कि गोरखपुर दौरे के वक्त केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा ने रविवार को इस बात की घोषणा करते हुए कहा कि रिसर्च सेंटर बनाने के लिए केन्द्र सरकार 85 करोड़ रुपए खर्च करेगी। साथ ही आपको याद दिला दें कि मोदी सरकार ने 2016 में 750 बेड वाले एम्स अस्पताल के निर्माण को मंजूरी दी थी और साथ ही साथ जुलाई 2016 में पीएम नरेंद्र मोदी ने खुद उसकी नींव रखी थी, लेकिन एम्स 2019 से पहले बनने की हालात में नहीं है। ऐसे में बीआरडी मेडिकल कॉलेज ही है जो पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी बिहार और नेपाल के तराई इलाकों के तकरीबन 10 करोड़ लोगों को सस्ती स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराता है।

गोरखपुर में रिसर्च सेंटर बनाने का ऐलान ऐसे समय किया गया जब प्रदेश की योगी और देश की मोदी सरकार को लोगों ने कठघरें में खड़ा किया। गोरखपुर में हुए दर्दनाक हादसें की वजह से यूपी की स्वास्थ्य व्यवस्था पर कड़े सवाल उठाये जा रहे है। लकिन यहाँ सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि क्या तीन सालों से मोदी सरकार सो रही थी? या तीन साल बाद मोदी सरकार जागी है। इस तरह के तमाम सवाल है, लेकिन राहत की बात यह है कि देर से ही सही, कम से कम सरकार की नींद तो टूटी। सरकार अगर यह फैसला पहले ही कर लेती तो आज गोरखपुर में यह हादसा नहीं होता। मोदी जी एक सवाल तो यह भी खड़ा होता है कि क्या आप पूर्वांचल से सिर्फ वोट ही लेंगे या फिर उन्हें समस्याओं से मुक्त भी कराएंगे?

बहरहाल, देश-प्रदेश की सरकार को चाहिए कि वो इस बिमारी से जल्द लोगों को निजात दिलवाए।

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