बिहार में बाढ़ के बाद बीमारियों का कहर!

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बिहार में बाढ़ के बाद बीमारियों का कहर!
बिहार में बाढ़ के बाद बीमारियों का कहर!

जहाँ एक तरफ बिहार की जनता बाढ़ के कहर से खुद को अभी बचा भी नहीं पाई हैं, तो दूसरी तरफ बीमारियों ने भी अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया है। जी हाँ, बिहार की जनता एक तरफ तो बाढ़ से परेशान है, तो दूसरी तरफ बीमारियों ने भी उनका चैन छीन लिया है। हाल ही में बिहार में कुदरत अपना कहर बरपाता दिखा तो अब मौसमी बीमारियों ने भी अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। बिहार में डेंगू जैसे खतरनाक बिमारी ने तो पहले ही दस्तक दे दी थी, लेकिन अब कुछ बीमारियों ने भी अपना पैर पसार लिया है। चलिये आपको बिहार में किन बीमारियों ने अपना पैर पसारा है, उससे रूबरू कराते है।

आपको बता दें कि बिहार में जहां डेंगू हाई स्पीड से अपना पैर पसार रहा है तो वहीं अब स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्यां में भी लगातार इजाफा हो रहा है। जी हाँ, तो बिहार में स्वाइन फ्लू ने दस्तक दे दी है। साथ ही आपको यह भी बता दें कि पीएमसीएच समेत राज्य के अन्य हॉस्पिटल में रोज नए मरीजों में डेंगू, चिकनगुनिया और स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो रही है।


स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया हाई अलर्ट..

राज्य में बढ़ते बीमारियों के प्रकोप देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने हाई अलर्ट जारी किया है। आपको बता दें कि स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों को डेंगू और चिकनगुनिया को लेकर अलर्ट कर दिया है, जिसके बाद से सभी अस्पतालों में तैयारियां कर ली गई है।


पिछले साल के मुताबिक मरीजों की संख्यां कम..

आपको यह भी बता दें कि पिछले साल की तुलना में डेंगू मरीजों की संख्यां में कमी आई है, लेकिन डेंगू के हाई स्पीड पर ब्रेक नहीं लग सका है। आंकड़ों पर गौर करे तो आंकड़े यह बतातें है कि राज्य में इस साल 100 से अधिक लोगों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है, जिसमें पीएमसीएच में अब तक 40 डेंगू के मरीज मिले हैं।

स्वाइन फ्लू का कहर…

बिहार में स्वाइन फ्लू का कहर बरपना भी शूरू हो गया है। अब तक बिहार की राजधानी पटना में ही दर्जनभर मरीजों में स्वाइनफ्लू की पुष्टि हुई है। साथ ही आरएमआरआई सेंटर में 20 से ज्यादा मरीजों का प्रतिदिन सैंपल जमा होता है और कई मरीजों में स्वाइनफ्लू की पुष्टि भी हो रही है।

अक्टूबर में बीमारियां और भी बढ़ सकती है..

स्वास्थ्य विभाग ने आशंका जताई है कि अक्टूबर में मरीजों की संख्यां और भी बढ़ सकती है, क्योंकि उस समय अलग-अलग राज्यों से लोग आकर त्यौहार मनाएंगे, ऐसे में मरीजों की संख्यां में इजाफा हो सकता है।

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