महिला की राम मंदिर के लिए ऐसी आस्था कि पक्ष में फैसला आने पर तोड़ा 27 साल का…

0
Ayodhya Verdict
Ayodhya Verdict

अयोध्या में राम मंदिर के फैसले का सभी बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने 9 नवम्बर को फैसला सुनाया। यह फैसला लगभग सभी को स्वीकार्य हुआ। फैसले के बाद लोगों की प्रतिक्रियाएं भी आयी। इसी को लेकर मध्य प्रदेश से बहुत ही भक्तिमय मामला सामने आया है। आइये इस बारें में जानते हैं-

अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मध्य प्रदेश की जबलपुर शहर की 81 वर्षीया महिला 27 साल बाद अन्न ग्रहण करेंगी। इन वर्षों में वह केवल दूध और फलाहार के सहारे थीं। राम जन्मभूमि विवाद का समाधान होने तक महिला ने अन्न ग्रहण नहीं करने का संकल्प लिया था।

महिला के परिवार के एक सदस्य ने कहा कि अयोध्या मामले पर शनिवार को शीर्ष अदालत का फैसला आने के बाद अयोध्या में राम मंदिर बनने का रास्ता साफ हो गया है। अब, उनका उपवास तोड़ने के लिए जल्द ही एक उद्यापन (व्रत आदि की समाप्ति पर किया जानेवाला धार्मिक कर्म) किया जाएगा।

उपवास कर रही महिला उर्मिला चतुर्वेदी के बेटे विवेक चतुर्वेदी ने रविवार को दावा किया कि मेरी मां पिछले 27 साल से फलाहार और दूध के आहार पर थीं। अयोध्या मामले में शीर्ष अदालत के फैसले को सुनकर वह बहुत खुश हैं।

यह भी पढ़ें: जानें कैसे एक चूहे की वजह से हैदराबाद-विजाग एयर इंडिया की उड़ान में हुई 12 घंटे की देरी?

विवेक ने कहा, मेरी मां भगवान राम की अनन्य भक्त हैं और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए समाधान का इंतजार कर रही थीं। वह अयोध्या में छह दिसंबर, 1992 की घटना के बाद शुरू हुई हिंसा को लेकर काफी परेशान थीं।