झारखंड: बंद बालू घाट, रुकी टैक्स वसूली और अटकी सड़क परियोजनाओं पर बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन से मांगा जवाब
झारखंड में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए कहा है कि "अफसरों के भरोसे कुर्सी चल सकती है, जवाबदेही से छुट्टी नहीं मिल सकती।" उन्होंने राज्य में ठप पड़े…
झारखंड में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए कहा है कि "अफसरों के भरोसे कुर्सी चल सकती है, जवाबदेही से छुट्टी नहीं मिल सकती।" उन्होंने राज्य में ठप पड़े विकास कार्यों और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मरांडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए कुल आठ मांगें रखी हैं।
बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री से पूछा कि जनता ने उन्हें चुना है, लंबित फाइलों का संरक्षक नहीं। उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री हर अधूरे काम पर अधिकारियों की ढाल बनेंगे तो उनकी नाकामियों का राजनीतिक हिसाब भी उन्हें ही चुकाना पड़ेगा। उन्होंने चेताया कि भाजपा जनहित के सवालों पर कोई समझौता नहीं करेगी।
बालू घाटों पर सवाल
मरांडी ने कहा कि राज्य के 302 नीलाम हो चुके बालू घाटों में से 288 अब भी बंद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नीलामी का ढोल तो पीट दिया गया, लेकिन जानबूझकर जरूरी स्वीकृतियां नहीं दी जा रही हैं ताकि बालू चोरी का धंधा चलता रहे। उन्होंने पूछा कि पर्यावरणीय स्वीकृति और ग्रामसभा की अनुमति जैसी प्रक्रियाएं पूरी कराने की जिम्मेदारी किसकी है? उनकी मांगों में बंद पड़े घाटों के कारणों की सूची सार्वजनिक करना और उन्हें चालू करने के लिए एक स्पष्ट समय-सीमा तय करना शामिल है।
होल्डिंग टैक्स और सड़क परियोजनाएं
नेता प्रतिपक्ष ने पथ निर्माण और नगर विकास विभाग के कामकाज पर भी सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि 21 अगस्त से होल्डिंग टैक्स की वसूली बंद है क्योंकि पुरानी एजेंसी का अनुबंध खत्म हो गया और नई व्यवस्था तैयार नहीं की गई। उन्होंने इस वजह से हुए राजस्व के नुकसान का ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की है। इसके अलावा, उन्होंने रांची की 1,410 करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं के अधर में लटके होने का भी जिक्र किया, जिससे जनता को रोज परेशानी हो रही है।
प्रमुख अधिकारियों की भूमिका पर प्रश्न
मरांडी ने प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के सदस्य सचिव राजीव लोचन बक्शी और पथ निर्माण तथा नगर विकास विभाग का जिम्मा संभाल रहे सुनील कुमार की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "सुनील कुमार और बक्शी की एक से बढ़कर एक कारगुजारियों से कौन परिचित नहीं है?" उन्होंने मांग की है कि इन लंबित मामलों की समीक्षा कर जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। मरांडी ने यह भी मांग की कि इन सभी परियोजनाओं की मासिक प्रगति रिपोर्ट एक सार्वजनिक पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाए।
इनपुट: IANS



