आदि कैलाश की दुर्गम ऊंचाइयों पर भारतीय सेना ने महिला यात्री को बचाया, 14,400 फीट पर चलाया बचाव अभियान
भारतीय सेना के जवानों ने एक बार फिर साबित किया है कि वे न केवल सीमाओं की रक्षा करते हैं, बल्कि दुर्गम इलाकों में नागरिकों के लिए जीवनरक्षक भी साबित होते हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, आदि कैलाश…
भारतीय सेना के जवानों ने एक बार फिर साबित किया है कि वे न केवल सीमाओं की रक्षा करते हैं, बल्कि दुर्गम इलाकों में नागरिकों के लिए जीवनरक्षक भी साबित होते हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, आदि कैलाश की 14,400 फीट की बर्फीली ऊंचाई पर बीमार पड़ी एक महिला यात्री को सेना की पंचशूल ब्रिगेड ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सफलतापूर्वक बचा लिया।
यह घटना उस समय हुई जब सेना को सूचना मिली कि एक महिला यात्री की तबीयत बिगड़ गई है। ऊंचाई, कठिन रास्ते और चुनौतीपूर्ण मौसम के बावजूद, जवानों ने बिना समय गंवाए एक बचाव अभियान शुरू किया। उनका एकमात्र लक्ष्य संकट में फंसी महिला को जल्द से जल्द सुरक्षित निकालना था।
कठिन परिस्थितियों में सफल अभियान
पंचशूल ब्रिगेड के जवानों ने कठिन भूभाग की परवाह न करते हुए तेजी से कार्रवाई की। उनकी तत्परता और साहस यह दिखाता है कि भारतीय सेना के लिए हर जीवन कीमती है। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के बचाव अभियान सेना की उस प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं, जिसमें वे जरूरत की घड़ी में नागरिकों के साथ मजबूती से खड़े रहते हैं। महिला को सुरक्षित बचाने के बाद उसे तत्काल आवश्यक मेडिकल सहायता भी प्रदान की गई।
समुद्र में भी बचाई विदेशी नागरिक की जान
यह घटना अकेले नहीं है। हाल ही में भारतीय सैन्य बलों ने समुद्र के बीच एक चिकित्सकीय आपात स्थिति में समय पर कार्रवाई करते हुए एक वियतनामी नागरिक की भी जान बचाई थी। अंडमान और निकोबार कमान ने व्यापारी जहाज एमटी सन 09 पर एक हादसे में घायल हुए इस विदेशी नागरिक को सुरक्षित निकालकर कैंपबेल बे पहुंचाया, जहां उसे आगे का उपचार दिया गया। नौसेना के समुद्री घटक ने इंदिरा प्वाइंट के पास पहुंचकर नौका के जरिए घायल व्यक्ति को जहाज पर लाकर प्राथमिक उपचार दिया था।
इनपुट: IANS



