दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव में लहराया भगवा, ABVP ने तीन सीटो पर किया कब्ज़ा

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दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ चुनाव के नतीजे कल देर रात आ गए है. इन चुनावों में आरएसएस की छात्र इकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने 4 में 3 से कब्ज़ा कर लिया. वही कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयुआई को केवल एक ही सीट मिली है. दोनों पक्षों की तरफ से इस बार भी खूब प्रचार किया गया था जिसमे एक बार फिर ABVP ने बाज़ी मारी है.

अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सयुक्त सचिव पद पर ABVP वही सचिव पद पर NSUI ने मारी बाज़ी

एबीवीपी प्रत्याशी अंकिव बसोया अध्यक्ष, शक्ति सिंह उपाध्यक्ष और ज्योति चौधरी ने संयुक्त सचिव पद पर जीत दर्ज की है. एनएसयूआई के आकाश चौधरी ने सचिव पद पर जीत दर्ज की है. अध्यक्ष पद पर एनएसयूआई के सन्नी छिल्लर को एबीवीपी के अंकिव बसोया ने 1744 वोटों से हराया. अंकिव को जहां 20,467 वोट मिले वहीं एनएसयूआई के सन्नी को 18,723 मत प्राप्त हुए. उपाध्यक्ष पद पर एबीवीपी प्रत्याशी शक्ति सिंह ने 8046 वोटों से जीत दर्ज की है. एबीवीपी के शक्ति सिंह को 23,046 वोट मिले, वहीं एनएसयूआई की लीना को 15,000 मत प्राप्त हुए.

 

सचिव पद पर एनएसयूआई के आकाश ने एबीवीपी के सुधीर को 6089 वोटों से हराया. आकाश को 20,198 वोट मिले, वहीं एबीवीपी के सुधीर को 14,109 मत प्राप्त हुए.  संयुक्त सचिव पर परिषद की ज्योति चौधरी ने एनएसयूआई के सौरभ को 4972 वोटों से हराया. ज्योति को 19,353 वोट मिले, वहीं सौरभ को 14,381 वोट प्राप्त हुए.

ईवीएम मशीनों में खराबी के आरोप में दो बार की गई मतगणना

ईवीएम मशीनों में गड़बड़ी में होने पर वोटो की गीनती रुक गई थी. एनएसयूआई ने हंगामा करते हुए चुनावों को नए सीरे से कराने की मांग की जबकि एबीवीपी ने फिरसे मतगणना करने की मांग की थी. इसे में दोनों पक्षों पार्टियो द्वारा दुबारे गिनती पर शुरू करने पर सहमति बनी.

बता दे दिल्ली छात्रसंघ चुनाव में इस बार केवल 44.46 वोट ही पड़े. जिसमे एबीवीपी ने सबसे ज्यादा तीन सीटो पर कब्ज़ा किया और एनएसयूआई को एक सीट से ही संतोष करना पड़ा.

वही चुनाव में उतरी आइसा-सीवायएसएस गठबंधन दोनों छात्र इकाई को टक्कर तो नहीं दे पायी लेकिन नोटा को जरुर कड़ी टक्कर दी. इस गठबंधन को उम्मीद थी कि नोटा के वोट उसकी झोली में पड़ेंगे तो वह एबीवीपी और एनएसयूआई को कड़ी टक्कर देगा. नोटा का स्थाई तौर पर आकर्षण बना हुआ है क्योंकि पिछले साल भी नोटा को करीब 27000 हजार वोट मिले थे