2 -जी घोटाले के आरोपी ए राजा और कनिमोझी को कोर्ट ने बरी किया

0

भारत जैसे देश में घोटाला बहुत ही आम घटना है. आज ऐसे ही एक बड़े घोटाले की सुनवायी थी. देश का सबसे बड़ा घोटाला माने जा रहे इस केस में सभी आरोपोयिओं को बरी कर दिया गया है. आज 2-जी स्पेक्ट्रम घोटाले की आखरी तारीख थी. इस केस में सीबीआई कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुआ कहा कि सरकारी वकील आरोपों को साबित करने में असमर्थ रहे हैं. इस केस की सुनवाई जज ओपी सैनी द्वारा की गयी है. उन्होंने कहा कि सरकारी वकील आरोपों को साबित करने में नाकाम रहे, वो ये साबित नही कर पाए कि दो पक्षों के बीच पैसे का लेन देन हुआ था.

ये रहा कोर्ट का फैसला

इस हाई प्रोफाइल केस की सुनवाई के लिए कोर्ट परिसर में भारी मात्र में लोग पहुंचे थे. इतनी भीड़ की वजह से आरोपी वक़्त पर कोर्ट नही पहुँच पाए, इस वजह से जज सैनी को कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी. जब दोबारा सुन्व२आयी शुरू हुई तो उन्होंने अपना फैसला एक लाइन में सुना दिया और सिर्फ इतना कहा कि सरकारी वकील आरोप साबित करने में नाकाम रहे हैं. फैसला आते ही बाहार खड़े कनिमोझी और ए राजा के समर्थकों ने ज़ोर-ज़ोर से तालियाँ बजानी शुरू कर दी.

शुरू हुई बयानबाज़ी

इस फैसले से सबसे ज़्यादा खुशी कांग्रेस और डीएमके नेताओं को हुई. प्रतिष्ठित वकील और वरिष्ठ कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने कहा कि ये क़ानूनी जीत है. मैंने पहले ही कहा था कि ये ज़ीरो लॉस है, और आज वही हुआ. प्रधानमंत्री के पद पर इस तरह के भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगाने चाहिए.

सिब्बल ने पूर्व कैग प्रमुख को भी नहीं बख्शा. विनोद राय को निशाने पर लेते हुए सिब्बल ने कहा कि उन्हें देश के सामने माफी मांगनी चाहिए. उन्होंने ना सिर्फ देश को गुमराह किया है बल्कि यूपीए सरकार को भी ग़लत साबित किया है. विनोद राय ने हर चीज़ ग़लत तरह से की है. उनकी और बीजेपी की वजह से देश की आर्थिक स्थिति पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ा. इसी सिलसिले में कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने भी पूर्व कैग अध्यक्ष पर भ्रष्टाचार के आरोप लागाये.

राज्यसभा अध्यक्ष और वरिष्ठ वकील सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कहा कि सभी आरोपियों को बरी किए जाने के खिलाफ सरकार को हाईकोर्ट में अपील करना चाहिए.

सदन में हंगामा

दूसरी तरफ राज्यसभा में भी कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आज़ाद ने यह मामला उठाया. लेकिन राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू ने इस पर बहस करने से मना कर दिया. उन्होंने कहा कि ये सदन के बाहर का मामला है.

इस तरह शुरू हुआ ये केस

टू-जी स्पेक्ट्रम घोटाले की सुनवाई छह साल पहले 2011 में शुरू हुई थी जब अदालत ने 17 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किये थे. जिन आरोपों में आरोप तय किये गये हैं उनमें छह महीने से उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है. ए राजा  और कनिमोझी के अलावा एस्सार समूह के प्रमोटर रविकांत रुइया और अंशुमन रुइया, लूप टेलीकाम की प्रमोटर किरन खेतान, उनके पति आई पी खेतान और एस्सार समूह के निदेशक (रणनीति एवं योजना) विकास सर्राफ को भी बाइज्ज़त बारी कर दिया गया है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

2 × 3 =