साइंटिस्ट्स ने प्रूफ कर दिया है कि ज़िंदगी की इस मुश्किल का हल भी योगा से ही होगा

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योगा, साइकलिंग, रनिंग, वॉक तमाम ऐसी एक्सरसाइज हैं जो शरीर को फिट और एक्टिव रखती हैं. लेकिन हाल ही में हुई एक रिसर्च से यह भी पता चला है कि एक्सरसाइज से सिर्फ बॉडी फिट ही नहीं बल्कि खुशी का स्तर भी बड़ता है. मतलब अगर आप थोड़ी सी एक्सरसाइज़ को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएंगे तो शारीरिक तौर पर फिट ही नही मानसिक तौर पर फाइन भी रहेंगे.

शोधकर्ताओं के एक दल ने पाया कि एक सप्ताह में एक बार शारीरिक श्रम करने वाला व्यक्ति एक सामान्य वज़न का वयस्क बिना शारीरिक श्रम के पूरा सप्ताह गुजारने वाले समान वज़न के वयस्क की अपेक्षा 1.4 गुना ज्यादा खुश रहा जबकि सामान्य से अधिक वज़न का वयस्क 1.5 गुना ज्यादा खुश रहा.

शारीरिक श्रम से मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है क्योंकि इससे मानसिक तनाव और घबराहट जैसी बीमारियां से परेशान लोगों को फायदा होता है.

मिशिगन विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर वेयन चेन ने कहा, “हमारे शोध के अनुसार शारीरिक श्रम की निरंतरता और उसकी मात्रा तथा खुशी के बीच सीधा संबंध है.”

हैप्पीनेस स्टडीज़ नामक जर्नल में उन्होंने कहा, “थोड़ा सा भी शारीरिक श्रम करने पर खुशी मिलती है.”

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