अस्पताल में कॉकरोच की वजह से मरीज़ ने गंवायी जान

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अस्पतालों में लापरवाही कोई नयी बात नहीं है. हम अक्सर सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली देखकर स्तब्ध रह जाते हैं. इसी वजह से लोग ज़्यादा पैसा खर्च करके प्राइवेट अस्पतालों का रुख करते हैं ताकि उन्हें सुरक्षा और सही इलाज मिल सके. किन्तु अब सरकारी और निजी अस्पतालों की लापरवाही में कोई अंतर नही रह गया है.

हालिया मामला नासिक के आडगाव मराठा विद्या प्रसारक समाज अस्पताल का है. यहाँ पर एक कॉकरोच की वजह से एक मरीज़ को अपनी जान गंवानी पड़ गयी. अस्पताल के आईसीयू वार्ड में वेंटिलेटर में रखे गए मरीज़ की मौत आर्टिफीशियल ऑक्सीजन पाइप में कॉक्रोच फंसने के कारण हो गई.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पांच दिन पहले 42 वर्षीय अंजली बैरागी ने ज़हर खा लिया था. जिसके बाद उन्हें मराठा विद्या प्रसारक समाज अस्पताल में भर्ती किया गया. सोमवार रात अचानक उनकी सेहत बिगड़ने लगी तो डॉक्टर ने उनके बेटे को इमरजेंसी में दवाई लेने के लिए भेजा. जब उनका बेटा वापस लौटा तो डॉक्टरों ने बताया कि अंजली को वेंटिलेटर पर रखा गया है. जब अंजली के रिश्तेदार वेंटिलेटर पहुंचे तो उनके होश उड़ गए.

अंजली के बेटे ने देखा कि उनके ऑक्सीजन पाइप में कॉक्रोच फंसा हुआ है. परिजनों का कहना है कि जब हमने डॉक्टर से कॉक्रोच मिलने की बात कही तो वो जवाब नहीं दे पाए. इस बीच अंजली ने दम तोड़ दिया. परिजनों का आरोप है कि अंजली बार-बार ऑक्सीजन लेने में दिक्कत होने की बात कहती थी, लेकिन डॉक्टर इसे नज़रअंदाज करते रहे. परिजनों ने अस्पताल और डॉक्टर पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है.

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