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आज का एक्सप्लेनर: इलॉन मस्क की नेटवर्थ $1 ट्रिलियन पार, अब 174 देशों की GDP से अमीर; 2 बार पाकिस्तान खरीदकर भी छुट्टे बच जाएंगे

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आज का एक्सप्लेनर:  इलॉन मस्क की नेटवर्थ  ट्रिलियन पार, अब 174 देशों की GDP से अमीर; 2 बार पाकिस्तान खरीदकर भी छुट्टे बच जाएंगे

आज का एक्सप्लेनर: इलॉन मस्क की नेटवर्थ $1 ट्रिलियन पार, अब 174 देशों की GDP से अमीर; 2 बार पाकिस्तान खरीदकर भी छुट्टे बच जाएंगे

अगर आप रोज एक करोड़ रुपए खर्च करें- बिना रुके, बिना छुट्टी लिए। तो इलॉन मस्क की मौजूदा संपत्ति खर्च करने में आपको करीब 26 हजार साल से ज्यादा लगेंगे। 11 जून 2026 को स्पेसएक्स के IPO ने मस्क को वो मुकाम दे दिया, जहां इंसानी इतिहास में कोई नहीं पहुंचा ह

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आखिर मस्क दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर कैसे बने, ये कितनी बड़ी रकम है और स्पेसएक्स आगे क्या करने वाली है; जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में…

सवाल-1: इलॉन मस्क की नेटवर्थ 1 ट्रिलियन डॉलर के पार कैसे पहुंची?

जवाब: इलॉन मस्क की स्पेस इंजीनियरिंग कंपनी है स्पेसएक्स। ये रॉकेट, स्पेसक्राफ्ट वगैरह बनाती है। साथ ही ‘स्टारलिंक’ नाम से सैटेलाइट इंटरनेट सर्विसेज भी देती है।

फरवरी 2026 में मस्क ने अपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी ‘xAI’ को भी इसी में शामिल कर लिया था। AI प्लेटफॉर्म Grok इसी xAI का बनाया हुआ है।

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स्पेसएक्स अब तक प्राइवेट कंपनी थी, यानी इसके शेयर आम लोग शेयर मार्केट से नहीं खरीद सकते थे। 11 जून 2026 को इसने अमेरिकी शेयर बाजार ‘NASDAQ’ पर अपना IPO लॉन्च किया है।

जब कोई कंपनी पहली बार शेयर बाजार में लिस्टेड होने के लिए शेयर जारी करती है, तो उसे IPO यानी ‘इनीशियल पब्लिक ऑफरिंग’ कहते हैं।

रॉयटर्स ने कंपनी के दस्तावेजों और फोर्ब्स के अनुमानों के आधार पर हिसाब लगाया है कि जैसे ही स्पेसएक्स शेयर बाजार में ट्रेडिंग शुरू करेगी, मस्क की कुल संपत्ति 1.1 ट्रिलियन डॉलर पार कर जाएगी।

ऐसा कैसे होगा, इसे आसान भाषा में समझते हैं…

  • IPO लॉन्च करते समय कंपनी अपने एक शेयर का बेसिक प्राइस तय करती है और ऐसे सैकड़ों, हजारों या लाखों शेयर इन्वेस्टर्स के लिए खुल जाते हैं। जब लोग ये शेयर खरीदते हैं, तो कंपनी पैसा जुटाती है। आगे जब कंपनी मुनाफा कमाती है, तो शेयर्स की कीमत भी बढ़ती है। इससे शेयर खरीदने वाले लोगों को मुनाफा होता है।
  • 11 जून को स्पेसएक्स ने 135 डॉलर प्रति शेयर के हिसाब से 55.55 करोड़ शेयर्स का IPO लॉन्च किया। इनकी कुल कीमत 75 बिलियन डॉलर यानी 7.1 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा है।
  • ये अब तक पूरी दुनिया में सबसे बड़ा IPO है। इससे पहले 2019 में सऊदी अरब की तेल कंपनी अरामको ने 29.4 अरब डॉलर का IPO लॉन्च किया था।
  • स्पेसएक्स के मुताबिक, IPO के जरिए उसने 75 बिलियन डॉलर से ज्यादा की रकम जुटा ली है। यानी IPO कंपनी के सारे शेयर बिक गए। इससे स्पेसएक्स की अपनी वैल्यूएशन बढ़कर करीब 1.78 ट्रिलियन डॉलर, यानी करीब 170 लाख करोड़ रुपए हो गई।
  • स्पेसएक्स के CEO और CTO मस्क के पास इसकी कुल 42% हिस्सेदारी है। यानी उनके पास पहले से ही कंपनी के 4.8 अरब शेयर्स हैं, जिनकी कीमत 644 बिलियन डॉलर यानी 61.41 लाख करोड़ रुपए है। उनके पास 44 अरब डॉलर, यानी करीब 4.2 लाख करोड़ रुपए कीमत के स्टॉक ऑप्शन भी हैं।
  • इसके अलावा मस्क की इलेक्ट्रिक व्हीकल बनाने वाली कंपनी ‘टेस्ला’ का मार्केट कैप 1.5 ट्रिलियन डॉलर है। इसमें मस्क की करीब 12% हिस्सेदारी है। यानी करीब 180 बिलियन डॉलर यानी 17.16 लाख करोड़ रुपए। मस्क टेस्ला में करीब 8% यानी करीब 114 बिलियन डॉलर की हिस्सेदारी और बढ़ा सकते हैं
  • यानी अब तक मस्क की नेटवर्थ करीब 982 बिलियन डॉलर, यानी 93.63 लाख करोड़ रुपए है।

चूंकि IPO लॉन्च होने के बाद लोगों के शेयर खरीदने के चलते उसका प्राइस भी बढ़ता है। फोर्ब्स के मुताबिक, स्पेसएक्स का शेयर शुरुआती प्राइस, यानी 135 डॉलर से 3.5 डॉलर बढ़कर 138.5 डॉलर पहुंच जाए या फिर टेस्ला का शेयर 399 डॉलर से बढ़कर 424 डॉलर का हो जाए, तो मस्क की नेटवर्थ 1 ट्रिलियन डॉलर हो जाएगी। रुपए में करीब 95.35 लाख करोड़।

कैलिफोर्निया के हॉथॉर्न में स्थित स्पेसएक्स का हेडक्वार्टर। कंपनी फाल्कन और स्टारशिप जैसे रॉकेट्स का निर्माण सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट यहीं से मैनेज करती है। फोटो – AFP

सवाल-2: एक ट्रिलियन डॉलर से क्या-क्या खरीद सकते हैं मस्क?

जवाब: किसी की कमाई कितनी ज्यादा है, इसे समझने का एक तरीका ये है कि उस रकम से क्या-क्या खरीदा जा सकता है। मस्क 1 ट्रिलियन डॉलर की नेटवर्थ से सैद्धांतिक रूप से कई देश खरीदने से लेकर मंगल ग्रह पर कॉलोनी तक बसा सकते हैं…

दुनिया के कई देश खरीद सकते हैं मस्क (थ्योरिटिकली)

  • अगर कोई देश कभी बिके, तो उसकी कीमत आंकने का सबसे सही जरिया उसकी जीडीपी हो सकता है।
  • 2025 में पाकिस्तान की GDP 380 बिलियन डॉलर यानी 36.23 लाख करोड़ रुपए है। मस्क की नेटवर्थ इससे लगभग ढाई गुना ज्यादा है। यानी 2 बार पाकिस्तान खरीदने के बाद भी मस्क के पास करीब 22.89 लाख करोड़ रुपए बच जाएंगे।
  • सऊदी अरब और नीदरलैंड की GDP 1.2 ट्रिलियन डॉलर की है। मस्क अपनी नेटवर्थ में कुछ बचत मिलाएं, तो ये देश खरीद सकते हैं।
  • अगर मस्क दो देश खरीदना चाहें, तो 0.54 ट्रिलियन डॉलर जीडीपी वाला सिंगापुर और 0.54 ट्रिलियन डॉलर वाला इजराइल खरीद सकते हैं।
  • दुनिया के सारे देशों की कुल GDP 126 ट्रिलियन डॉलर है। इनमें भी सिर्फ 21 देशों की GDP एक ट्रिलियन डॉलर या उससे ज्यादा है। बाकी 174 से ज्यादा देशों की GDP इससे कम है। यानी मस्क के पास 174 से ज्यादा देशों को खरीदने की क्षमता है।
  • हालांकि एक बात याद रखना जरूरी है- GDP किसी देश की कुल कीमत नहीं, बल्कि एक साल में उसके सभी प्रोडक्ट्स और सर्विसेज की कुल वैल्यू होती है।

मंगल ग्रह पर 10 लाख लोगों का शहर बसा सकते हैं

  • मस्क ने कहा था कि अगर मंगल ग्रह पर 10 लाख लोगों का एक शहर बसाया जाए, तो इसकी लागत करीब 10 ट्रिलियन डॉलर आएगी। इसके लिए कम से कम दस लाख टन सामान वहां ले जाना होगा।
  • अभी स्पेसएक्स के स्पेसशिप से एक टन माल स्पेस में भेजने में 2 लाख डॉलर का खर्च आता है। मस्क ने कहा था कि अगर ये खर्च एक लाख डॉलर प्रति टन हो, तो दस लाख टन सामान पर 100 बिलियन डॉलर का खर्च आएगा। ये मस्क की नेटवर्थ का दसवां हिस्सा है।
  • नासा के मुताबिक, मंगल पर शहर बसाने की कुल लागत 600 बिलियन डॉलर आएगी। यानी मस्क के पास कॉलोनी के बाकी खर्च के लिए काफी पैसा बचा रहेगा। हालांकि मंगल पर एक जीता-जागता शहर बसाने में और भी कई चुनौतियां हैं।

इलॉन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स की प्लानिंग का एक हिस्सा मंगल गृह पर इंसानी बस्ती बसाना भी है। कंपनी ने इसका कॉन्सेप्ट 2018 में जारी किया था। फोटो – स्पेसएक्स

एक खुद की न्यूक्लियर पावर्ड नेवी बना सकते हैं

  • नेवी में सबसे महंगा रिसोर्स एयरक्राफ्ट कैरियर यानी विमानवाहक युद्धपोत होता है। अमेरिका के सबसे एडवांस्ड विमानवाहक युद्धपोत ‘USS गेराल्ड आर फोर्ड’ की कीमत करीब 13 बिलियन डॉलर है। मस्क ऐसे 77 युद्धपोत खरीद सकते हैं।
  • अभी अमेरिकी नेवी के पास अभी कुल 11 विमानवाहक पोत हैं।

USS गेराल्ड आर. फोर्ड दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे एडवांस न्यूक्लियर पावर्ड एयरक्राफ्ट कैरियर है। इस पर एक बार में 75 से ज्यादा फाइटर जेट्स और हेलिकॉप्टर तैनात किए जा सकते हैं।

सभी रईस स्पोर्ट्स लीग और सैकड़ों टीमें खरीद सकते हैं

  • अमेरिका की 4 सबसे अमीर स्पोर्ट्स लीग हैं- NFL, NBA, MLB और NHL। इनकी सभी 124 टीमों की वैल्यू 510 बिलियन डॉलर है।
  • वहीं यूरोप की टॉप 5 फुटबॉल लीग- इंग्लिश प्रीमियर लीग, ला लीगा, बुंडेसलीगा, सेरी ए और लीग 1 हैं। इनकी 96 टीमों की कुल वैल्यू 193 बिलियन डॉलर है।
  • इन सभी को खरीदने के बाद भी मस्क के पास करीब 300 बिलियन डॉलर बच जाएंगे। मस्क IPL और उसकी सभी टीमों को भी खरीदें, तो उन्हें केवल 2.5 बिलियन डॉलर देने होंगे।

हॉलीवुड के सबसे अमीर 5 फिल्म स्टूडियो खरीद सकते हैं

  • सबसे अमीर स्टूडियो वॉल्ट डिज्नी की वैल्यूएशन 210 बिलियन डॉलर है। इसके बाद सोनी, यूनिवर्सल स्टूडियो, वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी और पैरामाउंट ग्लोबल आते हैं।
  • मस्क ये पांचों खरीद लें, तो उन्हें 574 बिलियन डॉलर खर्च करने होंगे। बचे हुए पैसों से वह लगभग 465 बिलियन डॉलरवैल्यू का ‘नेटफ्लिक्स’ भी खरीद सकते हैं।

दुनिया की सबसे अमीर 10 एयरलाइंस खरीद सकते हैं

  • डेल्टा, यूनाइटेड, सिंगापुर, एयर चाइना और टर्किश एयरलाइंस जैसी दुनिया की सबसे महंगी एयरलाइंस हैं।
  • इन सबकी जॉइंट मार्केट वैल्यू करीब 232 बिलियन डॉलर है। मस्क इन सबको खरीद लें, तो भी 700 बिलियन डॉलर जाएंगे।
  • टोयोटा, श्याओमी, BYD, फरारी एनवी, जनरल मोटर्स, मर्सिडीज बेंज ग्रुप, फोर्ड मोटर्स, BMW AG और होंडा जैसी टॉप कार कंपनियों की वैल्यूएशन करीब 956 बिलियन डॉलर है।
  • अगर मस्क ये सभी खरीद लें, तो भी उनके पास दुनिया के कई अरबपतियों से ज्यादा पैसा बचेगा।

मुंबई शहर का हर घर खरीद सकते हैं

  • दुनिया का सबसे महंगा शहर न्यूयॉर्क है। इसकी हाउसिंग वैल्यू यानी हर घर या किसी भी तरह की इमारतों की कुल कीमत 4.6 ट्रिलियन डॉलर है।
  • इस लिस्ट में नवें नंबर पर अमेरिका के कैलिफोर्निया का सैन डिएगो शहर है, जिसकी हाउसिंग वैल्यू करीब 1 ट्रिलियन डॉलर है।
  • वहीं मुंबई की हाउसिंग वैल्यू करीब 951 बिलियन डॉलर है। मस्क चाहें तो पूरा सैन डिएगो या मुंबई खरीद सकते हैं।

सवाल-3: स्पेसएक्स इतनी रकम जुटाकर आगे क्या-क्या करने वाली है?

जवाब: स्पेसएक्स इस रकम को 3 बड़े कामों में लगाएगी…

1. स्टारलिंक के लिए नए V3 सैटेलाइट खरीदेगी

  • एक बड़ा हिस्सा हाई-स्पीड इंटरनेट के लिए 1.2 मिलियन डॉलर कीमत वाली नई V3 सैटेलाइट लॉन्च करने पर खर्च होगा।
  • स्पेसएक्स के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर यानी CFO ब्रेट जॉन्सेन बताते हैं, ‘स्टारलिंक के मौजूदा 1 करोड़ यूजर्स हैं, जो आगे कई गुना बढ़ सकते हैं। इसीलिए सबसे पहले इसमें इन्वेस्टमेंट बढ़ाया जाएगा।’
  • स्पेसएक्स का दावा है कि सैटेलाइट्स पर लगे सोलर पैनल्स से करीब 100 गीगावॉट तक बिजली भी बनेगी।
  • 2025 में स्पेस-एक्स की कुल कमाई का 61% हिस्सा यानी 11.4 बिलियन डॉलर स्टारलिंक से ही आया था।

स्टारलिंक के V3 सैटेलाइट का मॉडल। इनकी मदद से स्पेसएक्स दुनियाभर में इंटरनेट कनेक्टिविटी और स्पीड बढ़ाना चाहती है।

2. अंतरिक्ष में AI डेटा सेंटर्स बनाएगी

  • xAI ने 2025 में स्पेसएक्स की कुल कमाई का करीब 17% यानी 3.2 अरब डॉलर का रेवेन्यू पैदा किया है।
  • स्पेसएक्स 2028 से स्पेस में 10 लाख सैटेलाइट्स का नेटवर्क बनाना चाहता है। ये असल में स्पेस में एक बड़ा डेटा सेंटर नेटवर्क होगा।
  • दुनियाभर की AI कंपनियों के बीच ज्यादा कम्प्यूटिंग पावर की रेस जारी है। इसके लिए डेटा स्टोर करने वाले डेटा सेंटर्स कम पड़ रहे हैं। इसीलिए ‘ओपन AI’ और एंथ्रॉपिक जैसी AI कंपनियां भी इसी साल IPO लाने वाली हैं।
  • इसके अलावा स्पेसएक्स ने एंथ्रॉपिक और गूगल को भी डेटा सेंटर देने के समझौते किए हैं।

3. रॉकेट सिस्टम पर इन्वेस्टमेंट बढ़ाएगी

  • स्पेसएक्स अपने फाल्कन और स्टारशिप रॉकेट सिस्टम पर अबतक 15 बिलियन डॉलर खर्च कर चुकी है।
  • 2026 के आखिरी महीनों में इन रॉकेट्स की मदद से V3 सैटेलाइट्स स्पेस में भेजे जाएंगे, जिसमें करोड़ों डॉलर का फ्यूल और बाकी खर्च होंगे।

फ्लोरिडा में मौजूद NASA के केनेडी स्पेस सेंटर से 25 जून 2024 को उड़ान भरता स्पेसएक्स का फाल्कन रॉकेट। ये एक बार में लगभग 64 टन पेलोड अंतरिक्ष लेकर जा सकता है। फोटो – AFP

सवाल-4: मस्क के बाद सबसे ज्यादा नेटवर्थ वाले लोग कौन हैं?

जवाब: इलॉन मस्क की नेटवर्थ न सिर्फ सबसे ज्यादा है, बल्कि लिस्ट में दूसरे स्थान पर मौजूद गूगल के CEO लैरी पेज की नेटवर्थ से 3.36 गुना ज्यादा है।

सवाल-5: आम आदमी के नजरिए से 1 ट्रिलियन डॉलर कितनी बड़ी रकम है?

जवाब: अगर आपकी एक महीने की सैलरी 1 लाख रुपए हो, तो इस हिसाब से आपकी सालाना सैलरी 12 लाख रुपए होगी। अगर आपके परिवार के 4 अन्य सदस्यों की सैलरी भी इतनी ही हो, तो परिवार की कुल सालाना कमाई हुई 60 लाख रुपए।

अगर साल-दर साल इस 60 लाख रुपए से कोई खर्च न किया जाए, तो भी आपके पूरे परिवार को इलॉन मस्क की नेटवर्थ के बराबर पैसा जमा करने में 158 लाख साल लगेंगे।

मस्क ने अपनी आधी संपत्ति दान करने का फैसला किया है। अभी दुनिया की आबादी करीब 8.29 अरब है। अगर मस्क दुनिया के हर व्यक्ति को अपनी नेटवर्थ से बराबर रकम बांट दें, तो सबको 121 डॉलर यानी करीब 11,500 रुपए मिलेंगे।

वहीं वर्ल्ड बैंक के मुताबिक, दुनियाभर में 70 करोड़ लोग भयंकर गरीबी में जी रहे हैं। मस्क चाहें तो इनमें से हर व्यक्ति को 1,430 डॉलर दे सकते हैं।

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रिसर्च सहयोग – प्रथमेश व्यास ———————————————————– ये खबर भी पढ़ें… चुटकी में हैक कर लेता है बैंक, दुनियाभर की सरकारों को Mythos AI का डर; क्या खातों में जमा आपका पैसा भी खतरे में है

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