ईमानदारी से चुनाव हुए तो अखिलेश, बेईमानी हुई तो योगी: फर्रुखाबाद में किसान नेता राकेश टिकैत ने 2027 चुनाव पर दिया बयान, शांती पाठ में शामिल हुए – Farrukhabad News h3>
फर्रुखाबाद3 मिनट पहले
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फर्रुखाबाद में शुक्रवार को किसान नेता राकेश टिकैत ने 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि यदि चुनाव ईमानदारी से हुए तो अखिलेश यादव की सरकार बनेगी, और अगर बेईमानी हुई तो योगी आदित्यनाथ की सरकार बनेगी। टिकैत भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) के जिलाध्यक्ष अजय कटियार की मां के शांति पाठ में शामिल होने पहुंचे थे।
यह शांति पाठ जिलाध्यक्ष अजय कटियार की मां गंगा देवी कटियार के निधन के बाद आयोजित किया गया था। राकेश टिकैत ने परिवार के सदस्यों के साथ हवन में आहुतियां दीं और स्वर्गीय गंगा देवी कटियार के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर टिकैत ने कहा कि वे इस पारिवारिक सदमे में शामिल होने आए हैं। उन्होंने गंगा देवी कटियार के योगदान को याद किया और दुख की इस घड़ी में अजय कटियार, विजय कटियार, संजीव कटियार सहित अन्य परिजनों को ढांढस बंधाया।
टिकैत ने किसानों से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि खाद, यूरिया और डीएपी महंगी होने के बावजूद किसानों को उपलब्ध नहीं हो रही है, जबकि यह ब्लैक मार्केट में आसानी से मिल रही है।
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उन्होंने सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि किसानों को खाद, बिजली और अपनी फसल बेचने के लिए भी लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता है। टिकैत ने कहा कि सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
किसान नेता ने 22 जनवरी 2021 को हुए किसान आंदोलन का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उस समय सरकार ने बातचीत की थी, लेकिन उसके बाद कोई संवाद नहीं हुआ। टिकैत ने आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान किए गए वादों में से केवल कृषि कानूनों की वापसी हुई है, अन्य कोई वादा पूरा नहीं किया गया है। उन्होंने अंत में कहा कि जनता धीरे-धीरे सब समझती है। किसान नेता ने कहा जनता अब तो वोट भी नहीं देती। इस दौरान उन्होंने जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव को लेकर भी सवाल उठाए बोले यहां की पिछली सरकार कैसे बनी। उन्होंने कहा जैसे दिल्ली की सरकार को तोड़ा बंगाल की सरकार को तोड़ा। उनकी विधायक 10 दिन में ही पार्टी छोड़कर फिर शामिल हो जाते हैं। यह बड़ा खतरनाक है।जब भाजपा की सरकार नहीं थी तब कहा था कि एसपी गारंटी कानून लेकर आएंगे लेकिन अब सरकार है तो लेकर ही नहीं आए। जबकि सरकार को बने हुए भी 12 वर्ष हो गए। खाली धार्मिक उत्सव होने से कुछ नहीं होने वाला धार्मिक तो सभी लोग हैं। पूरे देश को धर्म बात पर झोंक देना हिंदू मुस्लिम की बात करना। इससे तो देश ही बर्बाद होता है।
जनसंख्या पर नहीं कोई कानून किसान नेता ने कहा कि हॉस्पिटल है नहीं जनसंख्या पर कोई कानून नहीं है। तो क्या होगा आने वाले समय में। राम मंदिर में चोरी के मुद्दे के सवाल पर कहा हर जगह चोरी कर रही है। राम तो बहाना है सत्ता तक आने का। वहां जो दीवार लगे वह प्लास्टिक की लगा दी। जो पत्थर की लगनी चाहिए थी। इस दौरान मायावती की तारीफ की उन्होंने कहा कि इसे अच्छा तो काम उन्होंने किया था लखनऊ और नोएडा में उन्होंने पत्थर का काम तो किया।
इसी वर्ष हो जाएगा चुनाव आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में किसान नेता ने कहा कि इसी वर्ष चुनाव हो जाएगा। ज्यादा लेट नहीं होंगे पहले ही एडवांस करवा लेंगे। उन्होंने कहा ईमानदारी से चुनाव हुआ तो अखिलेश की सरकार बनेगी नहीं तो योगी की बनेगी। उन्होंने कहा बेईमानी की सरकार में तो वोट नहीं डालने देते हैं। हारे हुए कैंडिडेट को जीत का सर्टिफिकेट दे दो यही तो बेईमानी है।
कागजों में कर लेते हैं खरीद आलू की खरीद को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में किसान नेता ने कहा कि यह लोग कागजों पर ही खरीद कर लेते हैं। रियल में खरीद नहीं होती है। यही हाल मक्का का है पूरी बेल्ट है मक्का और आलू की है। मक्का इन्होंने 5 लाख मीट्रिक टन बाहर से मंगाई।
बाहर से मक्का आएगी तो यहां कौन खरीद करेगा। यहां की किस का मक्का का रेट पिट गया। ऐसे ही आलू का है। कितनी हमारी जनसंख्या है कितनी चीज की हमको जरूरत है कितने क्षेत्र में हमको इसकी पैदावार करनी है जब तक इसका डाटा नहीं होगा कोई लाभ नहीं होगा।
जब आलू महंगा हो जाता है तो अधिकतर किसान इसकी बुवाई कर देते हैं जब सस्ता हो जाता है तो छोड़ देते हैं यह सरकार को व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने कहा लिंक एक्सप्रेस में जो किसानों की जमीन जा रही है इसके लिए आंदोलन मूमेंट तेज करने पड़ेंगे।
आंदोलन जाति में धर्म में क्षेत्रवाद में भाषा बाद में बंटे हुए हैं। बहुत से संगठन बन गए हैं यह भी नहीं पता चलता कौन सरकार के लिए काम कर रहा है कौन किसके लिए काम कर रहा है। पहले एक आदि संगठन होता था और काम करता था। अब हर जिले में संगठन बन गए हैं। जो सही बोलेगा उसे पर मुकदमा दर्ज होगा कायमगंज में किसान नेताओं पर दर्ज हुए मुकदमे को लेकर किसान नेता ने कहा जो सही बोलेगा उस पर मुकदमा दर्ज होगा। पत्रकार ठीक बात करेगा तो उसे पर भी मुकदमा दर्ज होगा। मुकदमों से ही तो यह डरते हैं जेल भेज देते हैं। इस दौरान राष्ट्रीय महासचिव राजवीर सिंह जादौन, पश्चिमी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र यादव, जिलाध्यक्ष बुलंदशहर चौधरी अरब सिंह, सचिव उदयवीर सिंह सहित दूसरे जनपदों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हुए थे।
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फर्रुखाबाद3 मिनट पहले
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फर्रुखाबाद में शुक्रवार को किसान नेता राकेश टिकैत ने 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि यदि चुनाव ईमानदारी से हुए तो अखिलेश यादव की सरकार बनेगी, और अगर बेईमानी हुई तो योगी आदित्यनाथ की सरकार बनेगी। टिकैत भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) के जिलाध्यक्ष अजय कटियार की मां के शांति पाठ में शामिल होने पहुंचे थे।
यह शांति पाठ जिलाध्यक्ष अजय कटियार की मां गंगा देवी कटियार के निधन के बाद आयोजित किया गया था। राकेश टिकैत ने परिवार के सदस्यों के साथ हवन में आहुतियां दीं और स्वर्गीय गंगा देवी कटियार के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर टिकैत ने कहा कि वे इस पारिवारिक सदमे में शामिल होने आए हैं। उन्होंने गंगा देवी कटियार के योगदान को याद किया और दुख की इस घड़ी में अजय कटियार, विजय कटियार, संजीव कटियार सहित अन्य परिजनों को ढांढस बंधाया।
टिकैत ने किसानों से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि खाद, यूरिया और डीएपी महंगी होने के बावजूद किसानों को उपलब्ध नहीं हो रही है, जबकि यह ब्लैक मार्केट में आसानी से मिल रही है।
उन्होंने सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि किसानों को खाद, बिजली और अपनी फसल बेचने के लिए भी लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता है। टिकैत ने कहा कि सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
किसान नेता ने 22 जनवरी 2021 को हुए किसान आंदोलन का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उस समय सरकार ने बातचीत की थी, लेकिन उसके बाद कोई संवाद नहीं हुआ। टिकैत ने आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान किए गए वादों में से केवल कृषि कानूनों की वापसी हुई है, अन्य कोई वादा पूरा नहीं किया गया है। उन्होंने अंत में कहा कि जनता धीरे-धीरे सब समझती है। किसान नेता ने कहा जनता अब तो वोट भी नहीं देती। इस दौरान उन्होंने जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव को लेकर भी सवाल उठाए बोले यहां की पिछली सरकार कैसे बनी। उन्होंने कहा जैसे दिल्ली की सरकार को तोड़ा बंगाल की सरकार को तोड़ा। उनकी विधायक 10 दिन में ही पार्टी छोड़कर फिर शामिल हो जाते हैं। यह बड़ा खतरनाक है।जब भाजपा की सरकार नहीं थी तब कहा था कि एसपी गारंटी कानून लेकर आएंगे लेकिन अब सरकार है तो लेकर ही नहीं आए। जबकि सरकार को बने हुए भी 12 वर्ष हो गए। खाली धार्मिक उत्सव होने से कुछ नहीं होने वाला धार्मिक तो सभी लोग हैं। पूरे देश को धर्म बात पर झोंक देना हिंदू मुस्लिम की बात करना। इससे तो देश ही बर्बाद होता है।
जनसंख्या पर नहीं कोई कानून किसान नेता ने कहा कि हॉस्पिटल है नहीं जनसंख्या पर कोई कानून नहीं है। तो क्या होगा आने वाले समय में। राम मंदिर में चोरी के मुद्दे के सवाल पर कहा हर जगह चोरी कर रही है। राम तो बहाना है सत्ता तक आने का। वहां जो दीवार लगे वह प्लास्टिक की लगा दी। जो पत्थर की लगनी चाहिए थी। इस दौरान मायावती की तारीफ की उन्होंने कहा कि इसे अच्छा तो काम उन्होंने किया था लखनऊ और नोएडा में उन्होंने पत्थर का काम तो किया।
इसी वर्ष हो जाएगा चुनाव आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में किसान नेता ने कहा कि इसी वर्ष चुनाव हो जाएगा। ज्यादा लेट नहीं होंगे पहले ही एडवांस करवा लेंगे। उन्होंने कहा ईमानदारी से चुनाव हुआ तो अखिलेश की सरकार बनेगी नहीं तो योगी की बनेगी। उन्होंने कहा बेईमानी की सरकार में तो वोट नहीं डालने देते हैं। हारे हुए कैंडिडेट को जीत का सर्टिफिकेट दे दो यही तो बेईमानी है।
कागजों में कर लेते हैं खरीद आलू की खरीद को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में किसान नेता ने कहा कि यह लोग कागजों पर ही खरीद कर लेते हैं। रियल में खरीद नहीं होती है। यही हाल मक्का का है पूरी बेल्ट है मक्का और आलू की है। मक्का इन्होंने 5 लाख मीट्रिक टन बाहर से मंगाई।
बाहर से मक्का आएगी तो यहां कौन खरीद करेगा। यहां की किस का मक्का का रेट पिट गया। ऐसे ही आलू का है। कितनी हमारी जनसंख्या है कितनी चीज की हमको जरूरत है कितने क्षेत्र में हमको इसकी पैदावार करनी है जब तक इसका डाटा नहीं होगा कोई लाभ नहीं होगा।
जब आलू महंगा हो जाता है तो अधिकतर किसान इसकी बुवाई कर देते हैं जब सस्ता हो जाता है तो छोड़ देते हैं यह सरकार को व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने कहा लिंक एक्सप्रेस में जो किसानों की जमीन जा रही है इसके लिए आंदोलन मूमेंट तेज करने पड़ेंगे।
आंदोलन जाति में धर्म में क्षेत्रवाद में भाषा बाद में बंटे हुए हैं। बहुत से संगठन बन गए हैं यह भी नहीं पता चलता कौन सरकार के लिए काम कर रहा है कौन किसके लिए काम कर रहा है। पहले एक आदि संगठन होता था और काम करता था। अब हर जिले में संगठन बन गए हैं। जो सही बोलेगा उसे पर मुकदमा दर्ज होगा कायमगंज में किसान नेताओं पर दर्ज हुए मुकदमे को लेकर किसान नेता ने कहा जो सही बोलेगा उस पर मुकदमा दर्ज होगा। पत्रकार ठीक बात करेगा तो उसे पर भी मुकदमा दर्ज होगा। मुकदमों से ही तो यह डरते हैं जेल भेज देते हैं। इस दौरान राष्ट्रीय महासचिव राजवीर सिंह जादौन, पश्चिमी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र यादव, जिलाध्यक्ष बुलंदशहर चौधरी अरब सिंह, सचिव उदयवीर सिंह सहित दूसरे जनपदों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हुए थे।
