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क्या BJP का ही सीक्रेट प्लान है अन्नामलाई का इस्तीफा: थलापति-DMK होंगे निशाने पर, AAP और TVK जैसे मॉडल पर चलेगी नई पार्टी

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क्या BJP का ही सीक्रेट प्लान है अन्नामलाई का इस्तीफा:  थलापति-DMK होंगे निशाने पर, AAP और TVK जैसे मॉडल पर चलेगी नई पार्टी

क्या BJP का ही सीक्रेट प्लान है अन्नामलाई का इस्तीफा: थलापति-DMK होंगे निशाने पर, AAP और TVK जैसे मॉडल पर चलेगी नई पार्टी

17 जून 2015 की बात है। के. अन्‍नामलाई कर्नाटक के उडुपी के SP थे। तैनाती के 6 महीने बाद 17 साल की एक लड़की की रेप के बाद हत्या का मामला सामने आया। अन्नामलाई परिवार से मिलने पहुंचे। लड़की की मां ने उनसे पूछा- ‘क्या मेरी बच्ची को वापस ला सकते हो? अन्नामला

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अन्नामलाई ने लड़की के नाम से 10 हजार रुपए की स्कॉलरशिप शुरू कर दी। पुलिस अफसर रहते हुए अन्नामलाई के ऐसे कई किस्से कर्नाटक में मशहूर होते गए। अचानक उन्होंने 2019 में नौकरी छोड़ दी और अपने राज्य तमिलनाडु लौट गए। अगस्त 2020 में BJP जॉइन की। 11 महीने बाद ही प्रदेश अध्यक्ष बना दिए गए। तमिलनाडु में जगह तलाश रही BJP को बड़े चेहरे की जरूरत थी और अन्नामलाई को बड़े प्लेटफॉर्म की।

6 साल बाद 2 जून, 2026 को ये साथ छूट गया। अन्नामलाई को तमिलनाडु BJP अध्यक्ष पद छोड़ना पड़ा। उन्हें BJP और AIADMK का गठबंधन टूटने की वजह माना गया। पार्टी में साइडलाइन कर दिए गए। चुनाव में टिकट तक नहीं मिला।

इसके बाद उन्होंने BJP से इस्तीफा दिया और 5 जून को नए अभियान की घोषणा कर दी। इसे लीडरशिप मूवमेंट बताया। नाम दिया- ‘इधु नम्मा इयक्कम’ यानी ‘ये हमारा आंदोलन है’। अन्नामलाई इस मूवमेंट को पार्टी में बदलकर 2031 का विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। ठीक वैसे, जिस तरह आम आदमी पार्टी और थलापति विजय की TVK की शुरुआत एक आंदोलन से हुई और बाद में पॉलिटिकल पार्टी ये बन गईं।

अब 4 सवाल…

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  1. अन्नामलाई का मूवमेंट पॉलिटिकल पार्टी में कब बदलेगा?
  2. क्या उनके इस्तीफे के बाद तमिलनाडु में BJP बिखर जाएगी?
  3. क्या अन्नामलाई के आंदोलन के पीछे पूरा खेल BJP का ही है?
  4. क्या अन्नामलाई की पार्टी थलापति विजय की TVK जैसा कमाल कर पाएगी?

और इनके जवाब…

1. अन्नामलाई का मूवमेंट पॉलिटिकल पार्टी में कब बदलेगा? BJP छोड़ने के बाद अन्नामलाई ने https://wetheleader.org/ पोर्टल बनाया। 5 जून से इस पर रजिस्ट्रेशन शुरू हुए। उन्होंने कहा कि पहले मैं लोगों को आंदोलन से जोडूंगा, फिर ट्रेनिंग देकर पॉलिटिकल पार्टी बनाऊंगा।

अन्नामलाई के मूवमेंट वी द लीडर्स से 10 जून तक 17 लाख से ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं।

BJP के स्टेट वाइस प्रेसिडेंट रहे और अन्नामलाई के सपोर्ट में BJP छोड़ने वाले करु नागराजन कहते हैं, ‘वी द लीडर्स तमिलनाडु के लोगों का आंदोलन है। हमारे प्रेसिडेंट अन्नामलाई ने आम लोगों, खासकर युवाओं से जुड़ने की गुजारिश की थी। बड़ी संख्या में लोग मेंबर बन चुके हैं। हमारा प्लान है कि 3 से 4 महीने के अंदर इन लोगों को कोयंबटूर में ट्रेनिंग देकर फ्यूचर लीडर बनाया जाए। इन्हीं लोगों में से हम पार्टी के लिए लीडरशिप तैयार करेंगे।’

क्या पार्टी बनाने की कोई डेडलाइन है? नागराजन जवाब देते हैं, ‘जून के आखिर तक मेंबरशिप कैंपेन चलेगा। हमारे पास सदस्यों का बड़ा आंकड़ा आ जाएगा, तब ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू करेंगे। अक्टूबर से नवंबर के बीच पार्टी बनाने की तरफ बढ़ जाएंगे।’

2. क्या अन्नामलाई के इस्तीफे के बाद तमिलनाडु में BJP बिखर जाएगी?

अन्नामलाई ने इस्तीफे से पहले दावा किया कि पार्टी आलाकमान को बीते 18 महीनों से मतभेद के बारे में बता रहे थे। 5 दिसंबर 2025 को पार्टी छोड़ने की सूचना दे दी थी, लेकिन दिल्ली से मैसेज मिला कि आप मई में होने वाले विधानसभा चुनाव खत्म होने तक रुक जाइए।

तमिलनाडु की राजनीति और सोशल इश्यूज पर 20 से ज्यादा किताब लिख चुके पॉलिटिकल एक्सपर्ट मालन नारायणन इस पर कहते हैं, ‘BJP में रहते हुए अन्नामलाई ने DMK के मंत्रियों और सांसदों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। उन्होंने राज्यपाल को DMK फाइल्स सौंपी थी। केंद्र सरकार ने इस पर आंखें मूंद लीं। BJP ने DMK के खिलाफ उस आक्रामकता से काम नहीं लिया, जैसा उसने AAP और TMC के लिए किया।’

‘6 मई 2022 को प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए अन्नामलाई ने बड़े फेरबदल किए। द्रविड़ विचारधारा वाली पार्टियों से आए नेताओं को जगह दी। पूर्व AIADMK सांसद शशिकला पुष्पा, एजी संपत, पूर्व DMK विधायक वीपी दुरैसामी इसके उदाहरण हैं।’

अन्नामलाई के इस्तीफे के बाद पार्टी में नंबर दो नेता रहे करु नागराजन के अलावा प्रदेश सचिव सुमति वेंकटेश और 14 दूसरे पदाधिकारी BJP छोड़ चुके हैं। करु नागराजन कहते हैं, ‘BJP में रहते हुए भी अन्नामलाई की छवि पब्लिक लीडर जैसी थी। मौजूदा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन और केंद्र में मंत्री लोगनाथन मुरुगन जैसे बड़े नेता पार्टी में ब्रांच मैनेजर की तरह काम कर रहे हैं।’

‘तमिलनाडु के लोग अन्नामलाई का वर्क कल्चर जानते हैं। उन्होंने BJP को तमिलनाडु में नीचे से ऊपर तक पहुंचाया। उन्होंने पार्टी छोड़ी, तो उनकी विचारधारा से प्रभावित दूसरे नेताओं ने समर्थन किया।’

3. क्या अन्नामलाई के आंदोलन के पीछे पूरा खेल BJP का ही है?

तमिलनाडु कांग्रेस का तो यही मानना है। पार्टी के सांसद मणिकम टैगोर कहते हैं, ‘अन्नामलाई का मूवमेंट BJP और RSS का प्लान-B है। अन्नामलाई ने भले खुद को BJP से अलग कर लिया है, लेकिन पर्दे के पीछे से उन्हें लीडरशिप का सपोर्ट मिलता रहेगा।’

सीनियर जर्नलिस्ट राजसंगीथन इस पर कहते हैं, ‘अन्नामलाई का इस्तीफा और नई पार्टी बनाना BJP के बड़े प्लान का हिस्सा लगता है।’

4. क्या अन्नामलाई की पार्टी थलापति विजय की TVK जैसा कमाल कर पाएगी?

पॉलिटिकल एक्सपर्ट मालन नारायणन के मुताबिक, इस वक्त तमिलनाडु की दोनों बड़ी द्रविड़ पार्टियां DMK-AIADMK कमजोर पड़ चुकी हैं। लोग नए विकल्प तलाश रहे हैं। लिहाजा, अन्नामलाई की नई शुरुआत के लिए ये वक्त बिल्कुल मुफीद है।

वहीं, सीनियर जर्नलिस्ट उमा सुधीर के मुताबिक, अन्नामलाई के आंदोलन से तीन तरह के लोग जुड़े रहे हैं।

1. अन्नामलाई की आक्रामकता और लोकप्रियता देखकर उन्हें हीरो मानने वाले। 2. जो ये मानते हैं कि BJP को तमिलनाडु में मजबूत करने वाले अकेले अन्नामलाई ही थे। 3. पढ़े-लिखे युवा, जो जानना चाहते हैं कि अन्नामलाई आगे क्या करने वाले हैं।

उमा आगे कहती हैं, ‘अन्नामलाई के मूवमेंट के पीछे थलापति की पार्टी TVK की कामयाबी भी है। वे कह चुके हैं कि ग्रासरूट लीडरशिप तैयार करेंगे। तमिलनाडु की पॉलिटिक्स में नई जनरेशन का ही बोलबाला होने वाला है। DMK में स्टालिन उम्रदराज हो गए हैं। वे उदयनिधि को आगे कर रहे हैं। AIADMK में पलानीस्वामी के बाद युवा चेहरे की तलाश है। अन्नामलाई अभी 42 साल के हैं। 2031 का चुनाव विजय, उदयनिधि और अन्नामलाई के बीच हो सकता है।’

BJP बोली- अन्नामलाई के जाने से फर्क नहीं पड़ेगा

अन्नामलाई के साथ छोड़ने पर तमिलनाडु BJP के स्टेट स्पोक्सपर्सन नारायणन तिरुपति कहते हैं, ‘हमारा संगठन इतना मजबूत है कि किसी के आने या जाने से फर्क नहीं पड़ता। अन्नामलाई को पार्टी ने अध्यक्ष बनाया और उन्होंने इस जिम्मेदारी को बखूबी निभाया। उन्हें लगा कि पार्टी छोड़नी है, तो लीडरशिप ने उनके फैसले का सम्मान करते हुए इस्तीफा मंजूर कर लिया। उनके जाने से संगठन में कोई मतभेद नहीं है।’

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