झारखंड: पानी की एक बूंद पर भड़की दो गांवों में जंग, फायरिंग-पथराव से दहला इलाका h3>
झारखंड के धनबाद जिले में पानी की समस्या ने ऐसा रूप ले लिया कि दो गांवों के बीच तनाव हिंसक झड़प में बदल गया. बाघमारा अनुमंडल के सोनारडीह ओपी क्षेत्र में जोगीडीह और बहियारडीह गांव के लोगों के बीच शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते फायरिंग और पथराव तक पहुंच गया. घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में पानी की किल्लत को लेकर लंबे समय से लोगों में नाराजगी थी. ग्रामीणों का आरोप है कि बहियारडीह इलाके में कथित अवैध खनन गतिविधियों के कारण पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है. इसी समस्या को लेकर जोगीडीह गांव की महिलाओं ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू किया था.
विरोध प्रदर्शन के दौरान दोनों गांवों के लोगों के बीच कहासुनी शुरू हो गई. देखते ही देखते मामला बढ़ता गया और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए. कुछ ही देर में विवाद हिंसक झड़प में बदल गया. इलाके में तनाव बढ़ने के साथ ही पथराव और फायरिंग की घटनाएं सामने आईं, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे. हालात को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया. पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराने का प्रयास किया और स्थिति को नियंत्रण में लिया.
बाघमारा के एसडीपीओ अजीत कुमार विमल ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि विपक्षी पक्ष की ओर से दो राउंड फायरिंग की गई. पुलिस ने घटनास्थल से दो खोखे भी बरामद किए हैं. फायरिंग की सूचना के बाद पुलिस ने पूरे मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है. घटना के दौरान कुछ महिलाओं द्वारा पुलिस वाहन पर भी पथराव किए जाने की बात सामने आई है. पथराव में बरोरा थाना की पेट्रोलिंग गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई. वाहन का शीशा टूट गया और पुलिस को स्थिति संभालने में अतिरिक्त मशक्कत करनी पड़ी.
ग्रामीणों का कहना है कि पानी की समस्या को लेकर वे लंबे समय से परेशान हैं. उनका आरोप है कि इलाके में चल रही कथित अवैध खनन गतिविधियों के कारण जल स्रोत प्रभावित हुए हैं, जिससे गांवों में पानी का संकट गहरा गया है. इसी नाराजगी ने धीरे-धीरे विवाद का रूप ले लिया.
Advertising
पुलिस ने फिलहाल तीन लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है. अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों की भूमिका की जांच की जा रही है और घटना में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है. पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फायरिंग किसने की और इसके पीछे क्या परिस्थितियां थीं.
इसके साथ ही अवैध खनन के आरोपों की भी जांच शुरू कर दी गई है. प्रशासन का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पूरे इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है. प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी तरह की नई अप्रिय घटना को रोका जा सके. पानी की समस्या से शुरू हुआ यह विवाद अब कानून-व्यवस्था का बड़ा मुद्दा बन गया है और पूरे क्षेत्र की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हुई हैं
—- समाप्त —-
झारखंड के धनबाद जिले में पानी की समस्या ने ऐसा रूप ले लिया कि दो गांवों के बीच तनाव हिंसक झड़प में बदल गया. बाघमारा अनुमंडल के सोनारडीह ओपी क्षेत्र में जोगीडीह और बहियारडीह गांव के लोगों के बीच शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते फायरिंग और पथराव तक पहुंच गया. घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में पानी की किल्लत को लेकर लंबे समय से लोगों में नाराजगी थी. ग्रामीणों का आरोप है कि बहियारडीह इलाके में कथित अवैध खनन गतिविधियों के कारण पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है. इसी समस्या को लेकर जोगीडीह गांव की महिलाओं ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू किया था.
विरोध प्रदर्शन के दौरान दोनों गांवों के लोगों के बीच कहासुनी शुरू हो गई. देखते ही देखते मामला बढ़ता गया और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए. कुछ ही देर में विवाद हिंसक झड़प में बदल गया. इलाके में तनाव बढ़ने के साथ ही पथराव और फायरिंग की घटनाएं सामने आईं, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे. हालात को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया. पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराने का प्रयास किया और स्थिति को नियंत्रण में लिया.
बाघमारा के एसडीपीओ अजीत कुमार विमल ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि विपक्षी पक्ष की ओर से दो राउंड फायरिंग की गई. पुलिस ने घटनास्थल से दो खोखे भी बरामद किए हैं. फायरिंग की सूचना के बाद पुलिस ने पूरे मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है. घटना के दौरान कुछ महिलाओं द्वारा पुलिस वाहन पर भी पथराव किए जाने की बात सामने आई है. पथराव में बरोरा थाना की पेट्रोलिंग गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई. वाहन का शीशा टूट गया और पुलिस को स्थिति संभालने में अतिरिक्त मशक्कत करनी पड़ी.
ग्रामीणों का कहना है कि पानी की समस्या को लेकर वे लंबे समय से परेशान हैं. उनका आरोप है कि इलाके में चल रही कथित अवैध खनन गतिविधियों के कारण जल स्रोत प्रभावित हुए हैं, जिससे गांवों में पानी का संकट गहरा गया है. इसी नाराजगी ने धीरे-धीरे विवाद का रूप ले लिया.
पुलिस ने फिलहाल तीन लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है. अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों की भूमिका की जांच की जा रही है और घटना में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है. पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फायरिंग किसने की और इसके पीछे क्या परिस्थितियां थीं.
इसके साथ ही अवैध खनन के आरोपों की भी जांच शुरू कर दी गई है. प्रशासन का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पूरे इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है. प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी तरह की नई अप्रिय घटना को रोका जा सके. पानी की समस्या से शुरू हुआ यह विवाद अब कानून-व्यवस्था का बड़ा मुद्दा बन गया है और पूरे क्षेत्र की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हुई हैं
—- समाप्त —-
















