कानपुर में शिलापट की राजनीति गरमाई: 72 घंटे में कई बार बदले पत्थर, अब सुरेश अवस्थी के साथ सपा विधायक नसीम का भी नाम लिखा – Kanpur News h3>
कानपुर के रामबाग में बने सुलभ शौचालय का उद्घाटन तो विकास कार्य के रूप में हुआ, लेकिन इसके शिलापट्ट पर नामों को लेकर सियासत गरमा गई। सपा विधायक नसीम सोलंकी का नाम नहीं होने पर उठे विवाद के बाद 24 घंटे के भीतर दूसरा शिलापट्ट लगाया गया। इसके बाद एक ही परियोजना पर दो-दो पत्थर लगने की चर्चा शुरू हुई तो नगर निगम को हस्तक्षेप करना पड़ा। अगले 24 घंटे में फिर बदलाव हुआ और पहले लगाए गए शिलापट्ट को हटाकर नया शिलापट लगाया गया। अब अंतिम रूप से लगाए गए शिलापट में विधायक नसीम सोलंकी के साथ भाजपा के सीसामऊ विधानसभा से पूर्व प्रत्याशी सुरेश अवस्थी का नाम भी शामिल कर दिया गया है। तीन दिनों तक चले इस घटनाक्रम ने शहर में विकास कामों से ज्यादा शिलापट की राजनीति को चर्चा में ला दिया। नसीम ने कहा था- हारे विधायक का नाम, मेरा क्यों नहीं शुक्रवार को सीसामऊ विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत बने सुलभ शौचालय के विकास कार्य के बाद लगे पत्थर में विधायक नसीम सोलंकी का नाम न लिखे होने पर शासनादेश का पालन न किए जाने का आरोप लगाते हुए आपत्ति की और नाराजगी जाहिर की थी। इस पर सवाल उठाया था कि हारे हुए प्रत्याशी का नाम लिखा गया, लेकिन विधायक का नहीं लिखा गया। इस पर जवाब भी मांगा था। हालांकि बीजेपी प्रदेश के पूर्व महामंत्री सुरेश अवस्थी ने इस पर कहा था कि न मैंने किसी से नाम लिखने को कहा था, न किसी ने मुझसे पूछा। यह कार्यकर्ताओं का मन होगा तो लिख दिया गया होगा। बीजेपी के स्थानीय पार्षद आलोक पाण्डेय ने पलटवार करते हुए सवाल उठाया था कि विधायक नसीम सोलंकी प्रोटोकॉल का उल्लंघन पूरे विधानसभा में शिलान्यास कार्यक्रमों के पत्थरों में पूर्व विधायक का नाम लिखाकर कर रही हैं। इस पर वे विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना को ज्ञापन देकर शिकायत भी करेंगे। एक जगह पर दो पत्थर लगा दिए गए रविवार को पहले पत्थर के बगल में एक नया पत्थर भी लगा दिया गया। केवल 24 घंटे के भीतर पत्थर लगा। एक स्थान पर दोनों पत्थर लग गए। इस मामले पर नगर निगम के अधिकारियों ने संज्ञान लिया, इसके बाद फिर से 24 घंटे के भीतर पहला लगा पत्थर हटा दिया गया। सोमवार को सिर्फ एक पत्थर लगा दिया गया, जिसमें शासनादेश का पालन करते हुए मुख्यमंत्री के नाम के साथ ही नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा, सांसद रमेश अवस्थी, मेयर प्रमिला पाण्डेय, पूर्व प्रत्याशी सीसामऊ बीजेपी सुरेश अवस्थी और स्थानीय पार्षद आलोक पाण्डेय का नाम लिखा हुआ है। इरफान सोलंकी बोले- सच की लड़ाई थी इरफान ने कहा कि पहले स्वयं ही शासनादेश लागू करते हैं, फिर खुद ही इसका पालन भी नहीं करते हैं। बस बात तो सच की लड़ाई की है। बात सिर्फ पत्थर में नाम लिखने की नहीं है। जनता खुद इतना प्यार देती है, तो किसी पत्थर में नाम लिखने या न लिखने का फर्क नहीं पड़ता। विधानसभा की जनता का इतना एहसान है कि पहले पिता, फिर मैं खुद विधायक रहा, अब पत्नी विधायक हैं। मुझे इस बात की खुशी है कि आपत्ति का संज्ञान लिया गया, उस पर कार्रवाई हुई और नाम लिखा गया।
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