Bihar News: जमीन का एग्रीमेंट किसी से बेचा किसी और को, करोड़ों की ठगी का आरोप, जांच में खुलने लगे राज h3>
पटना जिले के मोकामा में करोड़ों रुपये के कथित भूमि फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक ही जमीन का कई लोगों से एग्रीमेंट कर उनसे करोड़ों रुपये लिए गए, जबकि कुछ भूखंडों की रजिस्ट्री अन्य लोगों के नाम कर दी गई। मामले में दर्जनों लोगों के साथ धोखाधड़ी किए जाने का आरोप लगाया गया है। शिकायत मिलने के बाद निबंधन विभाग ने जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार सागर सिंह के पुत्र बमबम सिंह उर्फ आलोक, उनके पुत्र नामित और शामित पर जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े में शामिल होने के आरोप लगे हैं। आरोप है कि कई भूखंडों को अलग-अलग लोगों को दिखाकर उनसे एग्रीमेंट के नाम पर बड़ी रकम ली गई, जबकि बाद में उन्हीं जमीनों की रजिस्ट्री अन्य लोगों के नाम कर दी गई।
मामला तब सामने आया जब बमबम सिंह द्वारा दो कट्ठा जमीन राजन कुमार के नाम रजिस्ट्री कराए जाने की जानकारी सामने आई। आरोप है कि जिस जमीन पर पहले से मकान और कई कमरे बने हुए थे, उसे दस्तावेजों में परती भूमि दर्शाकर रजिस्ट्री करा दी गई। इसके बाद उसी जमीन पर पहले से एग्रीमेंट होने का दावा करने वाले रितेश कुमार कन्हैया ने जिला रजिस्ट्रार के समक्ष शिकायत दर्ज कर जांच की मांग की।
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रितेश कुमार कन्हैया का आरोप है कि उनसे जमीन के लिए 57 लाख रुपये लिए गए थे। इसके अलावा टुना सिंह से करीब 1.10 करोड़ रुपये और अन्य लोगों से भी लाखों रुपये लिए गए। उनका दावा है कि 20 से 25 लोगों से करोड़ों रुपये लेकर एक ही प्लॉट का दो या तीन लोगों के साथ एग्रीमेंट किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ भूखंडों पर मकान और दुकानें बनी हुई थीं लेकिन उन्हें परती भूमि दिखाकर रजिस्ट्री कर दी गई। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि अब संबंधित लोग मोकामा छोड़कर फरार हैं। शिकायत के बाद बाढ़ की रजिस्ट्रार रत्नामणि केशरी ने बुधवार को स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि संबंधित जमीन की रजिस्ट्री जिला निबंधन कार्यालय से हुई थी, जिसके खिलाफ परिवाद दायर किया गया था।
निरीक्षण के दौरान जमीन पर मकान बना हुआ पाया गया। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट जिला कार्यालय को भेजी जाएगी। साथ ही कुछ अन्य भूखंडों में भी अनियमितताएं सामने आई हैं, जिनकी जानकारी भी जिला प्रशासन को दी जाएगी। रजिस्ट्रार ने कहा कि रजिस्ट्री के समय किस आधार पर निरीक्षण किया गया और किन दस्तावेजों के आधार पर रजिस्ट्री हुई, इसकी जानकारी जिला निबंधन कार्यालय ही दे सकेगा।
इधर मामले में नामित और शामित ने एक वीडियो जारी कर खुद को निर्दोष बताया है। उनका कहना है कि उन्होंने किसी प्रकार की धोखाधड़ी नहीं की है और लेन-देन से जुड़े मामलों का निपटारा किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि रितेश कुमार कन्हैया को समय-समय पर रकम वापस भी भेजी गई है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और संबंधित विभाग सभी दस्तावेजों तथा शिकायतों की पड़ताल कर रहा है।

