राजस्थान के सबसे लंबे पुल पर कल से आवाजाही शुरू: बनास नदी पर बने गहलोद ब्रिज का लोड टेस्ट सफल, डिप्लेक्शन रिकवर 87% रहा – Tonk News

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राजस्थान के सबसे लंबे पुल पर कल से आवाजाही शुरू:  बनास नदी पर बने गहलोद ब्रिज का लोड टेस्ट सफल, डिप्लेक्शन रिकवर 87% रहा – Tonk News

राजस्थान के सबसे लंबे पुल पर कल से आवाजाही शुरू: बनास नदी पर बने गहलोद ब्रिज का लोड टेस्ट सफल, डिप्लेक्शन रिकवर 87% रहा – Tonk News


टोंक के पास से गुजर रही बनास नदी पर करीब 135 करोड़ से बने राजस्थान के सबसे लंबे गहलोद हाई लेवल ब्रिज का लोड टेस्ट सफल रहा है। आज शाम तक पुल का डिफ्लेक्शन 87 प्रतिशत रिकवर हो गया गया है। जबकि आवागमन के लिए डिफ्लेक्शन 85 प्रतिशत रिकवर की ही जरूरत थी। ऐसे में अब शनिवार सुबह करीब 7 बजे से इस पुल पर आवागमन शुरू कर दिया जाएगा। ब्रिज की डीएलपी अवधि 10 साल की रहेगी, जिसमें 10 साल तक की संवेदक की जिम्मेदारी होगी। अधिकारी बोले- लोड टेस्टिंग सफल रही
PWD के XEN नागेंद्र सिंह परिहार ने बताया कि विभागीय नॉर्म्स के अनुसार इस हाई लेवल ब्रिज का का लोड टेस्टिंग सफल रहा है। शाम 4 बजे ही ब्रिज का डिप्लेक्शन 85 प्रतिशत रिकवर हो गया था। यह इस पुल पर आवागमन के लिए पर्याप्त था और अब शाम 7 बजे तक यह बढ़कर 87 प्रतिशत हो गया है। डिप्लेक्शन रिकवर होने का समय शनिवार सुबह 5 बजे तक है, इस अवधि में डिप्लेक्शन दो तीन प्रतिशत और रिकवर होने की संभावना है। XEN परिहार ने बताया कि ब्रिज आईआरसी के लोड टेस्ट के मानकों के अनुसार यातायात आवागमन के लिए उपयुक्त पाया गया है। उन्होंने बताया कि ब्रिज के लोड टेस्ट को पांच स्टेज पर जांचा गया, जिसमें पुल की भार क्षमता, संतुलन और संरचनात्मक मजबूती का परीक्षण किया गया। परीक्षण के दौरान विभागीय व थर्ड पार्टी के तकनीशियन स्टाफ द्वारा लगातार मॉनिटरिंग की गई एवं सभी तकनिकी मानको का पालन किया गया। कलोड टेस्ट के सफल होने के बाद यातायात संचालन का मार्ग शुरू हो गया है। लोड टेस्ट के दौरान अतिरिक्त मुख्य अभियन्ता एवं अधीक्षण अभियन्ता ने भी बार-बार लोड टेस्ट स्थल का निरीक्षण किया । बरसात में लोगों को मिलेगी राहत
बारिश के दिनों में गहलोद रपटे के टूट जाने से हमेशा 2-3 माह लगभग 30-40 गांवों का जिला मुख्यालय से रास्ता कट जाता था और उनकों 30-40 मीटर के चक्कर लगा करके टोंक आना पड़ता था। अब ब्रिज के बनने से इस समस्या से मुक्ति मिलेगी। यह ब्रिज आने वाली इस बरसात में क्षेत्रीय लोगों के लिए स्थायी समाधान साबित होगा। 26 मई से शुरू हुई थी टेस्टिंग 26 मई से इस पुल पर आवागमन बंद रखा है और प्रथम चरण में 24 घटें तक तापमान के कारण आने वाला डिपलेक्शन मापा गया। द्वितीय चरण में 27 मई को दोपहर 1 बजे 27 टन वजनी 9 डंपरों को पुल पर खड़ा किया। इन 9 डंपरों में कुल 243 टन वजन था। इन्हें 24 घंटे बाद आज 28 मई को सुबह 6 बजे हटा दिया गया। तीसरे चरण में पुल का डिफ्लेक्शन (झुकाव) जांचा गया। चौथे चरण में डिप्लेक्शन 87 प्रतिशत तक रिकवर पाया गया। जिसमें प्रत्येक का वजन 27 टन था उनको क्रमवार प्रति घंटे में निर्धारित स्थान पर खड़ा किया गया, जो कि 9 घंटों के कम में पूरा हुआ। तृतीय चरण ,द्वितीय चरण के दौरान खड़े किए गए 9 ट्रक, जिनका कुल वजन 243 टन था, उनको 24 घंटे तक खडा रखकर प्रति घंटे में आने वाले डिपलेक्शन को मापा गया।उन्होंने बताया कि चतुर्थ चरण ,द्वितीय चरण के दौरान खड़े किए गए 9 ट्रकों को क्रमवार प्रति एक घंटे के अन्तराल में हटाया गया और प्रति घंटा आने वाले डिप्लेक्शन को मापा गया। पांचवें चरण में शनिवार सुबह पांच बजे औपचारिक रूप से लोड टेस्ट का समापन हो जाएगा।

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