बिना जीपीएस खनन कार्य में लगे वाहन होंगे जब्त: पेट्रोल पंपों को बिना रजिस्ट्रेशन वाले वाहनों में ईंधन नहीं भरने के निर्देश – Bundi News h3>
बूंदी में अवैध खनन की रोकथाम के लिए शुक्रवार को जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सभी संबंधित विभागों को अवैध खनन, निर्गमन और भंडारण पर प्रभावी रोक लगाने के लिए आपसी समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए। जिला कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अवैध गतिविधियों में लिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ विभागीय नियमानुसार जुर्माना लगाने और वाहन जब्त करने की कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि जिले के सभी पेट्रोल पंपों पर बिना रजिस्ट्रेशन वाले वाहनों में किसी भी स्थिति में ईंधन न भरा जाए। चम्बल क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला कलेक्टर ने पुलिस, वन, परिवहन और खनन विभाग को आपसी समन्वय के साथ इस क्षेत्र में नियमित रूप से संयुक्त गश्त करने के निर्देश दिए। गश्त की प्रतिदिन की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को आवश्यक रूप से भेजी जाएगी। अवैध खनन की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगवाने के निर्देश दिए गए, ताकि अवैध गतिविधियों में प्रयुक्त होने वाले वाहनों की पहचान कर उन पर त्वरित कार्रवाई की जा सके। खनन कार्य से जुड़े सभी वाहनों पर शत-प्रतिशत जीपीएस लगवाना सुनिश्चित किया जाएगा और बिना जीपीएस के संचालित होने वाले वाहनों को तुरंत जब्त किया जाएगा। साथ ही, अवैध खनन के मार्गों पर प्रभावी निगरानी के लिए आवश्यकतानुसार अस्थाई नाके स्थापित किए जाएंगे। बैठक में जिला पुलिस अधीक्षक अवनीश कुमार शर्मा, आरवीटीआर उप वन संरक्षक डी. अरुण कुमार, जिला परिवहन अधिकारी सौम्या शर्मा, खनि अभियंता सहदेव सारण और जिला रसद अधिकारी देवराज रवि सहित अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। मेडिकल कॉलेज में सुविधाओं के विस्तार के निर्देश जिले में मेडिकल कॉलेज के सुचारू संचालन और व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए कलेक्टर ने एक समीक्षा बैठक ली। इसमें कलेक्टर ने कॉलेज प्रशासन, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और प्रमुख चिकित्सा अधिकारी को सुविधाओं के विस्तार तथा लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। जिला कलेक्टर ने छात्रों और मरीजों के लिए कॉलेज में निर्बाध और पर्याप्त पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने परिसर में शेष बचे निर्माण कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करने और निर्माण की गुणवत्ता से कोई समझौता न करने के निर्देश भी दिए। इसके अतिरिक्त, आगामी वर्षा ऋतु में पूरे परिसर में सघन पौधारोपण अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए। सुरक्षा और आवागमन को सुगम बनाने के उद्देश्य से, जिला कलेक्टर ने एनएच-52 से मेडिकल कॉलेज की ओर जाने वाले मार्ग पर हुए अतिक्रमणों को तत्काल हटाने के निर्देश दिए। मरीजों और विद्यार्थियों की सुविधा के लिए एनएच-52 पर प्रस्तावित स्लिप लेन पर एक बस स्टॉप बनाने का प्रस्ताव तैयार कर एनएचएआई को भेजने को भी कहा गया। बैठक में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कॉलेज परिसर के पास एक पुलिस चौकी का प्रस्ताव बनाने और उसके लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया जल्द शुरू करने के निर्देश दिए गए। पर्यावरण-अनुकूल कदम उठाते हुए, बायो-डिग्रेडेबल कचरे के निस्तारण के लिए परिसर में ही कंपोजिट पिट बनवाने के निर्देश भी दिए गए। जिला कलेक्टर ने मेडिकल कॉलेज में शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक कार्यों के सुचारू संचालन हेतु स्टाफ की जल्द नियुक्ति कराने के निर्देश भी दिए। इस समीक्षा बैठक में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी एल.एन. मीणा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओपी सामर सहित कई संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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