अवैध खनन पर डीएम सख्त: तीन बार पकड़े वाहन होंगे ब्लैकलिस्ट, ड्रोन से निगरानी – Jalaun News h3>
जालौन में अवैध खनन, ओवरलोडिंग और बिना रॉयल्टी परिवहन के खिलाफ अब और अधिक सख्त कार्रवाई देखने को मिलेगी। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय एवं पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने पुलिस लाइन सभागार में कानून व्यवस्था एवं जनपद स्तरीय टास्क फोर्स समिति की उच्चस्तरीय बैठक कर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अवैध खनन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शासन की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि अवैध खनन एवं अवैध परिवहन से संबंधित शिकायतों पर तत्काल जांच कर प्रभावी विधिक कार्रवाई की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि अब खनन पट्टा क्षेत्रों की निगरानी ड्रोन कैमरों के माध्यम से भी की जाएगी, जिससे अवैध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा सके और मौके पर ही कार्रवाई संभव हो सके। डीएम ने तहसील स्तरीय टास्क फोर्स समितियों को पूरी तरह सक्रिय करने के निर्देश देते हुए कहा कि अवैध खनन और परिवहन को स्रोत स्थल पर ही रोका जाए। उन्होंने ओवरलोडिंग, बिना रॉयल्टी और एनआर वाहनों के खिलाफ अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि कोई वाहन तीन बार अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है तो उसे ब्लैकलिस्ट करते हुए सीज एवं स्क्रैप कराने की प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कोई भी अधिकारी अकेले चेकिंग अभियान नहीं चलाएगा। सभी कार्रवाई टास्क फोर्स समिति द्वारा संयुक्त रूप से की जाएगी, जिससे पारदर्शिता, निष्पक्षता और कार्रवाई की गुणवत्ता बनी रहे। उन्होंने कहा कि विभागीय समन्वय के साथ लगातार अभियान चलाकर जनपद में अवैध परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए। बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि यदि किसी बालू पट्टा धारक की संलिप्तता अवैध खनन में पाई जाती है तो उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करते हुए पट्टा निरस्तीकरण की प्रक्रिया भी शुरू की जाए। तहसील स्तरीय टास्क फोर्स समितियों की निगरानी हेतु पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी, आईपीएस एवं एडीएम नमामि गंगे प्रेमचंद मौर्य को जनपद प्रभारी नामित किया गया है।
दोनों अधिकारियों को लगातार इनपुट एकत्र कर अवैध खनन में शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक के दौरान कालपी स्थित यमुना पुल पर चल रहे मरम्मत कार्य के कारण उत्पन्न यातायात व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वैकल्पिक यातायात व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जाए, ताकि किसी भी स्थिति में जाम की समस्या उत्पन्न न हो और आमजन को आवागमन में परेशानी का सामना न करना पड़े। इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी, प्रभागीय वनाधिकारी प्रदीप यादव, समस्त उप जिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
