सूर्यनारायण घाट पर 20 फीट गहरा अवैध खनन: पोकलेन मशीन से मानक उल्लंघन, प्रशासन-विभाग पर लापरवाही के आरोप – Jamui News

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सूर्यनारायण घाट पर 20 फीट गहरा अवैध खनन:  पोकलेन मशीन से मानक उल्लंघन, प्रशासन-विभाग पर लापरवाही के आरोप – Jamui News

सूर्यनारायण घाट पर 20 फीट गहरा अवैध खनन: पोकलेन मशीन से मानक उल्लंघन, प्रशासन-विभाग पर लापरवाही के आरोप – Jamui News


जमुई शहर स्थित सूर्यनारायण घाट पर मानक के विरुद्ध बालू खनन का मामला सामने आया है। यहां संवेदक द्वारा पोकलेन मशीन से 15 से 20 फीट गहरे गड्ढे कर धड़ल्ले से बालू उठाव किया जा रहा है। पूरे मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद जिला प्रशासन और खनन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो रविवार को सामने आया। वीडियो में दिखीं दो पोकलेन मशीनें वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि घाट पर दो पोकलेन मशीन मौजूद हैं। इनमें एक मशीन बंद खड़ी है, जबकि दूसरी मशीन के जरिए गहरे गड्ढे कर बालू निकाला जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि खुलेआम नियमों की अनदेखी कर नदी के अस्तित्व और पर्यावरण के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। लोगों ने आरोप लगाया कि भारी मशीनों के इस्तेमाल से नदी की धारा और आसपास के क्षेत्र पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है। अधिकारियों के कार्यालय से महज आधा किलोमीटर दूर घाट हैरानी की बात यह है कि सूर्यनारायण घाट संबंधित अधिकारियों के कार्यालय से महज आधा किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इसके बावजूद लंबे समय से कथित अवैध और मानक से अधिक गहराई तक खनन जारी रहने से विभागीय कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि शहर के नजदीक स्थित घाटों पर ही इस तरह खुलेआम नियमों का उल्लंघन हो रहा है, तो दूरदराज के घाटों की स्थिति का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। लोजपा नेता ने सोशल मीडिया पर उठाया मामला गौतम पासवान ने इस वीडियो को फेसबुक पर पोस्ट करते हुए जिला प्रशासन और खनन विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने इसे प्रकृति और नदी के अस्तित्व के साथ खिलवाड़ करार दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा निर्धारित मानकों की अनदेखी कर बालू खनन किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण संतुलन बिगड़ने का खतरा बढ़ सकता है। तीन फीट की जगह 20 फीट तक खनन का आरोप जानकारी के अनुसार सरकारी नियमों के तहत केवल तीन फीट गहराई तक ही बालू उठाव की अनुमति होती है। लेकिन सूर्यनारायण घाट, गरसंडा घाट समेत कई स्थानों पर इससे कई गुना अधिक गहराई तक खनन किए जाने का आरोप लगाया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि पहले भी कई बार ऐसे वीडियो वायरल हुए, लेकिन प्रशासनिक कार्रवाई नहीं होने से मामले धीरे-धीरे ठंडे बस्ते में चले गए। जांच के बाद कार्रवाई की बात इस संबंध में केशव पासवान ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है। वायरल वीडियो की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस मामले को लेकर शहर में चर्चा का माहौल है और लोग प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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