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उदयपुर संभाग से 8 हजार लोग दिल्ली रवाना: भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर लाल किला मैदान में देशभर से जुटेंगे दो लाख प्रतिनिधि – Udaipur News

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उदयपुर संभाग से 8 हजार लोग दिल्ली रवाना:  भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर लाल किला मैदान में देशभर से जुटेंगे दो लाख प्रतिनिधि – Udaipur News

उदयपुर संभाग से 8 हजार लोग दिल्ली रवाना: भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर लाल किला मैदान में देशभर से जुटेंगे दो लाख प्रतिनिधि – Udaipur News


धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती वर्ष के मौके पर दिल्ली के लाल किला मैदान में जनजातीय समाज का एक बड़ा राष्ट्रीय सांस्कृतिक समागम होगा। रविवार को होने वाले इस विशाल कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उदयपुर संभाग से करीब 8 हजार लोग शनिवार को ट्रेनों और बसों के जरिए दिल्ली के लिए रवाना हुए। इन सभी लोगों के लिए खाने-पीने और पानी की पूरी व्यवस्था सर्व समाज की तरफ से की गई। उदयपुर से दिल्ली जा रहे इन लोगों के साथ उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत समेत कई स्थानीय जनप्रतिनिधि भी रवाना हुए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह होंगे कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह होंगे, जो लाल किला मैदान से इस जनसभा को संबोधित करेंगे। इस मौके पर जनजाति सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय संयोजक गणेशराम भगत और वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह समेत कई प्रमुख लोग मौजूद रहेंगे। बड़ी संख्या में जनजाति कार्यकर्ता दिल्ली के लिए रवाना सांसद डॉ. रावत ने बताया कि शनिवार सुबह 3:45 बजे और फिर सुबह 9 बजे की ट्रेन से बहुत बड़ी संख्या में जनजाति कार्यकर्ता दिल्ली के लिए रवाना हुए। इसके अलावा कई कार्यकर्ता बसों के जरिए भी दिल्ली के लिए रवाना हुए। जब ये लोग रवाना हो रहे थे, तब रेलवे स्टेशन पर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उन्हें विदाई दी। यह ऐतिहासिक कार्यक्रम जनजाति सुरक्षा मंच और जनजाति जागृति समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। इसमें पूरे देश से दो लाख से ज्यादा जनजातीय प्रतिनिधियों के जुटने की उम्मीद है। करीब 567 जनजातीय समुदायों के प्रतिनिधि समागम में लेंगे हिस्सा जनजाति सुरक्षा मंच राजस्थान के राज्य संयोजक लालूराम कटारा ने बताया कि देश के अलग-अलग राज्यों के साथ-साथ दूर-दराज के उत्तर-पूर्वी इलाकों और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह से करीब 567 जनजातीय समुदायों के प्रतिनिधि इस समागम में हिस्सा ले रहे हैं। इस कार्यक्रम में आने वाले सामाजिक कार्यकर्ता, महिलाएं, युवा और बुद्धिजीवी अपनी पारंपरिक वेशभूषा और वाद्ययंत्रों के साथ शामिल होंगे। देश के इतिहास में यह पहला मौका है जब इतनी बड़ी संख्या में भारत की अलग-अलग जनजातियों के लोग अपनी पारंपरिक पोशाक और वाद्ययंत्रों के साथ देश की राजधानी दिल्ली में एक साथ जुट रहे हैं। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जनजातीय समाज की आस्था, संस्कृति, परंपरा और सनातन मूल्यों की रक्षा करना और समाज में जागरूकता को मजबूत करना है।

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