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प्रिया की मां बोली- हार्ट की कोई दिक्कत नहीं थी: डिलीवरी के बाद स्टेटस लगाने को कहा था, बोतल चढ़ाने के बाद शरीर काला पड़ने लगा, धरना स्थल पर लाइट काटी – Kota News
प्रिया की मां बोली- हार्ट की कोई दिक्कत नहीं थी: डिलीवरी के बाद स्टेटस लगाने को कहा था, बोतल चढ़ाने के बाद शरीर काला पड़ने लगा, धरना स्थल पर लाइट काटी – Kota News h3>
मेरी बेटी को कोई हार्ट की परेशानी नहीं थी। बल्कि वह तो बिल्कुल सही थी और पहले उसकी नॉर्मल डिलीवरी होनी थी। बाद में बोलत चढाई और उसके बाद उसकी तबियत खराब होती गई। उसकी हार्ट की प्रॉब्लम की वजह से मौत हुई ये सरासर झूठ है। मेरी बेटी को इंसाफ दिला दो………
रोते बिलखते हुए अपनी बेटी को इंसाफ दिलाने की गुहार लगाती बूंदी के सुवासरा की रहने वाली मंजू महावर सीजेरियन ऑपरेशन के बाद जेके लोन अस्पताल में मौत का शिकार बनी प्रिया की मां है। प्रिया की मौत शनिवार रात करीब साढे बारह बजे हुई थी। उसकी बॉडी का भी पोस्टमार्टम नहीं करवाया गया। अस्पताल प्रशासन ने दावा किया था कि उसकी मौत हार्ट की प्रॉब्लम की वजह से हुई थी। प्रिया की मां मंजू ने बताया- प्रिया को आठ मई को सुबह सात- आठ बजे जेके लोन अस्पताल में भर्ती करवाया था। पहले उसे नॉर्मल डिलीवरी की बात कही गई थी लेकिन लेबर पेन नहीं होने के बाद शनिवार दोपहर करीब डेढ बजे उसे ऑपरेशन से बेटी हुई। उसके बाद उसे वार्ड में लिया। वार्ड में आने के बाद दो ढ़ाई घंटे तक वह बहुत आराम से बात कर रही थी। बिल्कुल नार्मल थी। उसने कहा कि मम्मी मेरी बेटी का स्टेटस लगा दो और मेरी सहेली को भी बता दो और उसे बुला लो। शाम को करीब पांच बजे उसे जो बोतल लगाई गई, उसके खत्म होने के बाद उसकी तबियत खराब हो गई। उसने कहा कि उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही है। इसके बाद मंजू डॉक्टरों को बुलाने की कहने लगी। जिस डॉक्टर ने पहले नौ महीने देखा और भर्ती करवाया तो वह तो आई ही नहीं थी। दूसरे डॉक्टर की ऑपरेशन से लेकर इलाज कर रहे थे। उसे आईसीयू में लेकर आए वहां उसका शरीर काला पड़ने लगा था। मंजू ने बताया- आखिरी बार मेरी बेटी ने मुझसे यही कहा कि मम्मी मेरे दर्द हो रहा है मैनें पूछा कहां हो रहा है लेकिन वह कुछ नहीं बोल पाई। इतने में वहां से स्टाफ ने मुझे जबरन बाहर निकाल दिया और मंजू को वेंटिलेटर पर ले लिया। रात को तो उसकी मौत ही हार्ट प्रॉब्लम की वजह से होना बता दी। धरना स्थल की लाइट कट, अंधेरे और गर्मी में बैठे रहे परिजन और कांग्रेस कार्यकर्ता
रविवार को एक और मौत होने के बाद मृतकाओं के घरवालों ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल के एसएसबी ब्लॉक के बाहर धरना दे दिया। तेज गर्मी को देखते हुए यहां दोपहर में कूलर भी लगा दिया गया था। कांग्रेस शहर जिलाध्यक्ष राखी गौतम भी यहां पहुंची और धरने पर बैठी। शाम को मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ.नीलेश जैन पुलिसकर्मियों के साथ धरना स्थल पर पहुंचे और परिजनों से कहा कि यहां से धरना खत्म कर दो यहां पर मरीज इलाज करवाने आते है, यह धरने की जगह नहीं है। जहां सुनवाई हो सकती है उनके पास जाओ। इस पर परिजन भड़क गए। जिसके बाद डीएसपी रूद्रप्रताप ने भी मृतकाओं के घरवालों से उठने को कहा। जिसके बाद राखी गौतम ने विरोध जताया। इस पर रूद्रप्रताप ने पर्सनल टिप्पणी कर दी, जिसके बाद वहां मौजूद लोग भड़क गए और जमकर कहासुनी हुई। इसके बाद पुलिसकर्मी तो धरना स्थल से दूर चले गए। बाद में धरना स्थल की लाइट कट कर दी गई। रात भर घरवाले गर्मी में धरने पर बैठे रहे। हाथ पंखों की मदद से गर्मी से राहत पाने की कोशिश करते रहे। कुछ देर बैटरी लाइट से काम चला लेकिन कुछ देर बाद वह भी खत्म हो गई। घरवाले कलेक्टर को मौके पर बुलाने की मांग कर रहे थे लेकिन कलेक्टर नहीं पहुंचे। देर रात कांग्रेस जिलाध्यक्ष भी मृतकाओं के परिवार की महिलाओं के साथ धरना स्थल ही सोईं। गायत्री राठौड़ रात को पहुंची कोटा, आईसीयू में प्रसूताओं से की मुलाकात
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ सोमवार रात को न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक के आईसीयू में पहुंची जहां प्रसूताओं का इलाज चल रहा है। आईसीयू में भर्ती प्रसूता पिंकी, धन्नी बाई एवं आरती के परिजनों से मिली और उनसे बात की। उन्होंने डॉक्टरों से प्रसूताओं की स्थिति के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने कहा कि- मरीजों का जयपुर से आए डॉक्टर धनंजय अग्रवाल की मॉनिटरिंग में इलाज चल रहा है। दो महिलाओं में रिकवरी है। बाकि की हालत में सुधार है तो दो महिलाओं को निगरानी में रखा गया है। उन्होंने कहा कि अभी कारणों को लेकर कोई फाइडिंग नहीं है। इसके लिए टीमे जांच कर रही है। जो दवाएं, फ्लूईड आई है कहां कहां सप्लाई हुई, कब कब आई, नया बैच था या पुराना समेत सभी पहलुओं पर जांच कर रहे हैं। दौरान कर उन्होंने मीटिंग भी ली। वहीं यह बात भी सामने आ रही है कि अब निजी अस्पतालों में जो सीजेरियन हो रहे हैं, उनकी रिपोर्टस और सैंपल भी लिए जा रहे हैं ताकि उनकी स्टडी की जा सके और ये पता लगाने की कोशिश की जा सके कि आखिर अचानक किडनी फेल होने के कारण क्या रहे। डॉक्टर्स की बैठक, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
गायत्री राठौड ने न्यू मेडिकल कॉलेज स्थित एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक के हॉल में डॉक्टर्स के साथ मीटिंग की। इसमें घटनाक्रम के सभी संभावित कारणों पर चर्चा की। बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि अस्पतालों में इरमजेंसी ऑपरेशन थियेटर, आईसीयू आदि में ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल की सख्ती से पालना हो। ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल एवं ऑपरेशन थिएटर संक्रमण मुक्त हों, इसका ध्यान जिला अस्पतालों एवं पीएचसी- सीएचसी स्तर पर भी रखा जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि लापरवाही पर संस्थान अधीक्षक और यूनिट हेड की जिम्मेदारी होगी। ओटी, आईसीयू, इमरजेंसी में नियमित रूप से स्टरलाइजेशन के भी निर्देश दिए। बैठक में जिला कलक्टरपीयूष समारिया, पुलिस अधीक्षक शहर तेजस्वनी गौतम, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला, निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा, कोटा मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. निलेश जैन, एसएमएस के वरिष्ठ नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. धनंजय अग्रवाल, जयपुर से आए चिकित्सकों सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। एसएसबी में पीछे के रास्ते से पहुंचे अधिकारी
निरीक्षण के लिए पहुंची प्रमुख शासन सचिव और अन्य अधिकारी एसएसबी ब्लॉक पहुंचे तो अंदर पीछे के रास्ते से ही गए। दरअसल, एसएसबी के मेन गेट के सामने की तरफ पार्किंग के पास मृतकाओं के घरवालों का धरना चल रहा है। ऐसे में अधिकारियों को पीछे के रास्ते से एसएसबी ब्लॉक में ले जाया गया। इसके बाद पीछे के रास्ते ही वह निकले और मीटिंग के लिए प्रशासनिक भवन पहुंचे। इधर बाहर घरवाले इंतजार करते रहे कि कलेक्टर यहां आकर कोई पुख्ता आश्वासन देंगे।
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