पंजाब में डेवलप होगा फार्म स्टे कल्चर: फार्म स्टे पॉलिसी-2026 लॉन्च, खेतों में होम स्टे बनाकर कमाई, पर्यावरण प्रेमियों को एतराज – Ludhiana News h3>
पंजाब के खेत फसल उगाने के अलावा भी किसानों की आय का मुख्य जरिया बन सकेंगे। पंजाब सरकार ने फार्म स्टेट पॉलिसी-2026 लॉन्च कर दी। किसान खेतों में पर्यटकों को होमस्टे उपलब्ध करवाकर पैसे कमा सकेंगे।
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फार्म स्टे पॉलिसी के अनुसार किसान अपनी कृषि भूमि पर पर्यटकों के लिए ठहरने, खाने और ग्रामीण अनुभव देने की सुविधा शुरू कर सकेंगे। सरकार का लक्ष्य है कि फार्म स्टे के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जाए, महिलाओं-युवाओं को रोजगार मिले और किसानों की आय में बढ़ोत्तरी हो।
यह नीति उन किसानों के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है जो परंपरागत खेती के साथ-साथ नई आय के स्रोत ढूंढ रहे हैं। इस पॉलिसी के अनुसार फार्म स्टे में पर्यटकों को पंजाब के कल्चर से भी रूबरू करवाया जाएगा। वहीं दूसरी तरफ पब्लिक एक्शन कमेटी से जुड़े पर्यावरण प्रेमी सरकार की इस पॉलिसी पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
पॉलिसी जारी होने का नोटिफिकेशन।
- फार्म स्टे पॉलिसी-2026 में क्या-क्या है जानिए… एक एकड़ जमीन चाहिए: अगर कोई किसान अपने खेत में फार्म स्टे बनाना चाहता है तो उसे कम से कम एक एकड़ जमीन चाहिए। एक एकड़ जमीन में से सिर्फ 10 प्रतिशत जमीन पर ही कंस्ट्रक्शन वर्क किया जा सकेगा बाकी 90 प्रतिशत जगह खाली रखनी होगी।
- 9 कमरे तक बना सकेंगे: फार्म स्टे के लिए कम से कम 2 कमरे और अधिक से अधिक 9 कमरे बनाए जा सकेंगे। मकान दो मंजिल और 9 मीटर से ज्यादा ऊंचा नहीं बनाया जा सकता है। फार्म स्टे में एक बार में 18 से ज्यादा लोगों को नहीं स्टे नहीं करवाया जा सकेगा। वहीं मालिक या उसके परिवार को भी वहां पर रहना जरूरी होगा।
- गेस्ट को देनी होगी रूरल फीलिंग: पॉलिसी के अनुसार फार्म स्टे में केवल कमरा देना काफी नहीं है। आपको कम से कम 2 ग्रामीण एक्टिविटी करके उन्हें गांव की फीलिंग भी देनी होगी। फार्म स्टे में पर्यटकों से ट्रैक्टर चलवाना, बैलगाड़ी की सवारी, घोड़े पर बिठाना, गाय-भैंस दिखाना, खेती का काम करवाना, मछलियों के पौंड घुमाना या गांव के सामान खरीदवाना जैसी एक्टिविटी में शामिल करना होगा।
- पुराने फार्म स्टे करवाने होंगे रजिस्टर्ड: अगर कोई पहले से फार्म स्टे चला रहा हे तो उसे नई पॉलिसी के अनुसार 180 दिन के अंदर दोबारा रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। रजिस्ट्रेशन न करवाने पर 180 दिन बाद उसका पुराना रजिस्ट्रेशन रद्द हो जाएगा। एआई जनरेटेड।
- फार्म स्टे शुरू करने का प्रोसेस आसान: पंजाब सरकार ने फार्म स्टे को शुरू करने का प्रोसेस बेहद आसान रखा है। टूरिज्म डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी कुमार अमित ने कहा कि नई पॉलिसी में रजिस्ट्रेशन फास्टट्रैक पंजाब पोर्टल पर ऑनलाइन होगा। पहले 5 साल के लिए रजिस्ट्रेशन, बाद में 3-3 साल के लिए आसानी से रिन्यू किया जाएगा। दस्तावेज सही होने पर 21 दिन में सर्टिफिकेट मिल जाएगा।
- NOC और CLU फीस माफ: फार्म स्टे बनाने के लिए न तो कोई एनओसी लेने की जरूरत होगी और न ही सीएलयू करवाने की। पॉलिसी के अनुसार फार्म स्टे को बिजली सप्लाई भी घरेलू दर पर दी जाएगी। खेत के पुराने बोरवेल या पानी के स्रोत से मेहमानों को पानी दे सकते हैं। बिना शिकायत के अचानक छापे नहीं पड़ेंगे।
- फार्म स्टे के लिए मिलेगी ट्रेनिंग: पंजाब सरकार उन्हें ट्रेनिंग देगी जो फार्म स्टे शुरू करना चाहते हैं। होटल मैनेजमेंट संस्थानों के जरिए फार्म स्टे चलाने वाले मालिक और उसके कम से कम 3 कर्मचारियों को ट्रेनिंग मिलेगी। जैविक खेती करने वालों को भी खास मदद मिलेगी।
- सरकार करेगी फार्म स्टे का प्रचार-प्रसार: सरकार आपके फार्म स्टे का प्रचार खुद करेगी । इसके लिए सरकार इन्फ्लुएंसर्स, ऑनलाइन ट्रैवल साइट्स, पंजाब पर्यटन वेबसाइट और फिल्मों-वेब सीरीज में जगह दिलाने में मदद करेगी।
- साफ-सफाई और पर्यावरण के नियम: सरकार ने स्पष्ट किया कि होम स्टे चलाने वालों को पर्यावरण के नियमों का पालन करना होगा। वो गंदा पानी खुले में या नहर में नहीं बहा सकेंगे। सेप्टिक टैंक या बायो-डाइजेस्टर बनाना जरूरी होगा। कूड़ा अलग-अलग करके गीले कचरे से खाद बनानी पड़ेगी। सोलर पैनल और बायोगैस लगाने पर प्रोत्साहन मिलेगा।
- सरकार देगी सब्सिडी: पंजाब सरकार फार्म स्टे बनाने के लिए किए जाने वाले निवेश का 10% सब्सिडी देगी। जिसकी अधिकतम सीमा 5 करोड़ रुपए है। SGST का 75% हिस्सा वापस वापस दिया जाएगा।
- विदेशी मेहमानों की देनी होगी जानकारी: पॉलिसी के अनुसार फार्म स्टे में अगर को विदेशी मेहमान आता है तो 24 घंटे के अंदर उसकी जानकारी फार्म सी भरकर देनी होगी। ताकि कोई भी गलत तत्व फार्म स्टे का गलत फायदा न उठा सके।
रजिस्ट्रेशन कैसे करें? 1. फास्टट्रैक पंजाब पोर्टल पर जाकर Form भरें 2. आधार, जमाबंदी, फोटो, नक्शा आदि दस्तावेज लगाएं 3. अधिकारी जांच करेंगे और साइट पर आएंगे 4. कोई कमी हुई तो 15 दिन में सुधारने का मौका 5. सब ठीक तो 5 दिन में सर्टिफिकेट
पंजाब की उपजाऊ जमीन पर ‘व्यावसायिक’ प्रहार?
पंजाब में शिवालिक की पहाड़ियों और वन भूमि को बचाने की कानूनी लड़ाई अभी थमी भी नहीं थी कि राज्य सरकार की नई “फार्म स्टे पॉलिसी-2026” विवादों के घेरे में आ गई है। हाल ही में जारी इस नीति को सरकार भले ही पर्यटन और ग्रामीण विकास का बड़ा कदम बता रही है, लेकिन पर्यावरण प्रेमी इसे कृषि भूमि के ‘व्यवसायीकरण’ की ओर एक खतरनाक संकेत मान रहे हैं। पब्लिक एक्शन कमेटी के कुलदीप खैहरा का कहना है कि आज जिसे ‘फार्म स्टे’ कहा जा रहा है, वह कल बड़े निजी रिसॉर्ट्स, लग्जरी टूरिज्म हब और पार्टी वेन्यू का रूप ले लेगा। जो कि ग्रामीण कल्चर को भी खत्म करेगा और पर्यावरण के लिए भी खतरा बनेगा।
