Bihar Cabinet: सम्राट चौधरी सरकार में फिर मंत्री बनेंगी शीला मंडल, करोड़ों की संपत्ति की मालकिन हैं विधायक h3>
फुलपरास विधानसभा सीट से जनता दल (यूनाइटेड) की विधायक शीला मंडल ने एक बार फिर चुनाव जीत दर्ज की है। वह पहली बार वर्ष 2020 में विधायक चुनी गई थीं। बिहार की राजनीति में शीला मंडल जदयू का एक प्रमुख महिला चेहरा मानी जाती हैं। वर्ष 2020 में पहली बार विधायक बनने के बाद ही उन्हें नीतीश कुमार सरकार में परिवहन मंत्री की जिम्मेदारी दी गई थी। अब सम्राट चौधरी सरकार में भी उन्हें दोबारा मंत्री बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘आधी आबादी’ रणनीति में शीला मंडल महिला सशक्तिकरण की मजबूत आवाज मानी जाती हैं।
अति पिछड़ा वर्ग की मजबूत नेता मानी जाती हैं
शीला मंडल धानुक समुदाय से आती हैं, जो बिहार में अति पिछड़ा वर्ग का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। जदयू के लिए यह वोट बैंक काफी अहम माना जाता है। यही वजह है कि पार्टी लगातार उन्हें कैबिनेट में जगह देती रही है। फुलपरास विधानसभा क्षेत्र से उन्होंने कई कद्दावर नेताओं को पीछे छोड़ते हुए बड़ी जीत हासिल की थी। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के बीच उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है और वे अक्सर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की योजनाओं की खुलकर सराहना करती हैं।
परिवहन मंत्री रहते शुरू की कई योजनाएं
अपने पिछले कार्यकाल में शीला मंडल ने परिवहन मंत्री के रूप में महिलाओं के लिए कई योजनाओं को प्राथमिकता दी। पिंक बस सेवा जैसी योजनाओं को लेकर उनकी काफी चर्चा हुई थी। इसके अलावा वह विपक्षी नेताओं, खासकर प्रशांत किशोर पर तीखे हमलों को लेकर भी सुर्खियों में रही हैं। पार्टी के प्रति उनकी सक्रियता और वफादारी के कारण उन्हें जदयू का भरोसेमंद चेहरा माना जाता है।
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राजनीतिक परिवार से संबंध, करोड़ों की संपत्ति
शीला मंडल का संबंध एक राजनीतिक परिवार से भी रहा है। उनके चचेरे ससुर धनिक लाल मंडल बिहार विधानसभा के स्पीकर और केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। फुलपरास की धरती को समाजवादी राजनीति का गढ़ माना जाता है। वर्ष 2025 के चुनावी हलफनामे के अनुसार शीला मंडल की कुल संपत्ति लगभग 9.5 करोड़ रुपये है। उनके पति पेशे से इंजीनियर हैं। सम्राट चौधरी सरकार में दोबारा मंत्री बनाए जाने की खबर के बाद उनके समर्थकों और जदयू कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है।




