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मुजफ्फरपुर के दो पुलिसकर्मियों का विवाद पटना पहुंचा: मुख्यालय में सुनवाई के लिए दोनों पक्षों को बुलाया; एक ने दूसरे पर लगाया मानसिक, शारीरिक शोषण का आरोप – Muzaffarpur News
मुजफ्फरपुर के दो पुलिसकर्मियों का विवाद पटना पहुंचा: मुख्यालय में सुनवाई के लिए दोनों पक्षों को बुलाया; एक ने दूसरे पर लगाया मानसिक, शारीरिक शोषण का आरोप – Muzaffarpur News h3>
बिहार पुलिस की स्पेशल ब्रांच में तैनात मुजफ्फरपुर के इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर के बीच चल रहा विवाद का पुलिस मुख्यालय ने संज्ञान लिया है। मुख्यालय ने दोनों पक्षों को 7 मई 2026 (गुरुवार) को पटना तलब किया है। ये कार्रवाई लगभग दो वर्षों के इंतजार के बाद की गई है। विवाद की शुरुआत 14 अक्टूबर 2024 को भेजे गए शिकायती पत्रों से हुई थी। मुजफ्फरपुर स्पेशल ब्रांच में तैनात सब-इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार सिंह ने पत्र लिखकर तत्कालीन इंस्पेक्टर दिलीप कुमार पर मानसिक और शारीरिक शोषण का आरोप लगाया था। धर्मेंद्र सिंह ने अपने पत्र में ये भी उल्लेख किया था कि अगर उन्हें समय से पहले सेवानिवृत्ति (VRS) नहीं दी गई, तो वे आत्महत्या करने को मजबूर होंगे। धर्मेंद्र सिंह ने दिलीप सिंह पर जूनियर के उत्पीड़न का आरोप भी लगाया था धर्मेंद्र सिंह के आरोपों के मुताबिक, इंस्पेक्टर दिलीप कुमार जूनियर अधिकारियों का उत्पीड़न करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सूचना संकलन के लिए तैनात वाचर जयप्रकाश गौतम, जो धर्मेंद्र सिंह के अधीन कार्यरत हैं, उन्हें फील्ड में भेजने के बजाय इंस्पेक्टर उनसे घरेलू कार्य करवाते हैं। धर्मेंद्र सिंह ने इन आरोपों की तकनीकी जांच की भी मांग की थी। धर्मेंद्र सिंह के आरोपों को लेकर दिलीप सिंह ने भी किया था पत्रचार दूसरी ओर, इंस्पेक्टर दिलीप कुमार ने भी सब-इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार सिंह के खिलाफ कई पत्राचार किए थे। इस मामले में स्थानीय पुलिस से भी रिपोर्ट मंगवाई जा चुकी है। ये मामला केवल विभागीय पत्राचार तक सीमित नहीं रहा। सब-इंस्पेक्टर धर्मेंद्र सिंह की पत्नी रूबी सिंह ने मुजफ्फरपुर के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) की अदालत में इंस्पेक्टर दिलीप कुमार और अन्य के खिलाफ एक परिवाद दायर किया था। परिवाद में आरोप लगाया गया था कि कार्यालय में आयोजित एक बैठक के दौरान उनके पति के साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट की गई थी। इसी घटना के बाद धर्मेंद्र सिंह ने वीआरएस की मांग उठाई थी। 14 वर्षों से एक ही जगह जमे हैं इंस्पेक्टर दिलीप कुमार जानकारी के अनुसार, आरोपी इंस्पेक्टर दिलीप कुमार साल 2012 में बेगूसराय से ट्रांसफर होकर मुजफ्फरपुर स्पेशल ब्रांच में आए थे। तब से लेकर अब तक, यानी पिछले करीब 14 साल से वे एक ही शाखा में कार्यरत हैं। लंबे समय तक एक ही पद और स्थान पर बने रहने को भी इस प्रशासनिक कलह और दबदबे का एक बड़ा कारण माना जा रहा है। मुख्यालय की कार्रवाई पर टिकी निगाहें पुलिस मुख्यालय पटना की ओर से जारी पत्र के अनुसार, आज गुरुवार को दोनों पदाधिकारियों को आमने-सामने बिठाकर उनका पक्ष सुना जाएगा। अब देखना यह होगा कि अनुशासन का पाठ पढ़ाने वाला पुलिस विभाग अपने ही अधिकारियों के बीच व्याप्त इस गंभीर ‘गृहयुद्ध’ पर क्या कार्रवाई करता है। क्या लंबे समय से एक ही जगह जमे अधिकारियों का तबादला होगा या उत्पीड़न के आरोपों पर गाज गिरेगी।
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