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सीजेरियन डिलीवरी मामले में 48 घंटे में दूसरी मौत: परिजनों ने शव लेने से किया मना, बाकि पेशेंट को जयपुर भेजने की तैयारी – Kota News

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सीजेरियन डिलीवरी मामले में 48 घंटे में दूसरी मौत:  परिजनों ने शव लेने से किया मना, बाकि पेशेंट को जयपुर भेजने की तैयारी – Kota News

सीजेरियन डिलीवरी मामले में 48 घंटे में दूसरी मौत: परिजनों ने शव लेने से किया मना, बाकि पेशेंट को जयपुर भेजने की तैयारी – Kota News


कोटा के न्यू मेडिकल हॉस्पिटल में गायनिक वार्ड में सिजेरियन ऑपरेशन के बाद पांच महिलाओं की किडनी फेल हो गई थी। इनमें एक महिला ज्योति की स्थिति काफी क्रिटिकल बनी हुई है। उसका SSB के नेफ्रोलॉजी आईसीयू में इलाज चल रहा है। उसे डॉक्टर ने निगरानी में लिया हुआ है। आईसीयू में मौजूद उसके पति रवि के बताया कि डॉक्टर ने एक तरह से जवाब दे दिया है। डॉक्टर ने उसे वेंटिलेटर पर लिया है और कहा है कि दो-तीन घंटे तक हम निगरानी में रखेंगे। घटना के 24 घंटे बाद आज सुबह कलेक्टर पीयूष समारिया हॉस्पिटल पहुंचे है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए टीम गठित कर रखी है जो की टेक्निकल जांच कर रही है। जो दावों का प्रोसेसर दिया गया है उसका एनालिसिस किया जा रहा है और उसके बाद ही कारण के बारे में कुछ कहा जा सकेगा इधर सिजेरियन के बाद मंगलवार 5 मई को पायल की मौत हो गई थी। पायल के बच्चा हुआ है। जिसे अब उसकी दादी संभाल रही हैं। घर में मातम का माहौल पसरा हुआ है। महिला के पति और परिवार का कहना है कि सब कुछ अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के चलते हुआ। मामले में कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि डोटासरा को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत तुरंत इस पर संज्ञान लें। उन्होंने कहा कि घोटालेबाजों को हर जगह घोटाले ही नजर आते हैं। डोटासरा ने कोटा में सिजेरियन ऑपरेशन के बाद हुए घटनाक्रमों को लेकर बयान दिया था। जयपुर से कोटा पहुंची टीम चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के निर्देश के बाद मामले की जांच के लिए चार सदस्य डॉक्टरों की टीम जयपुर से कोटा पहुंची है। इनमें निश्चेतना विभाग के डॉ. निहार शर्मा, मेडिसिन विभाग के डॉ. सुनील कुमार महावर, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के डॉ. पवन अग्रवाल, नेफ्रोलॉजी विभाग के डॉ. संजीव कुमार शर्मा शामिल हैं। यह टीम मौके पर पहुंचकर इलाज एवं जांच प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग करेगी। बता दें कोटा के सरकारी हॉस्पिटल में सीजेरियन डिलीवरी के बाद 6 महिलाओं (प्रसूताओं) की तबीयत बिगड़ गई। कुछ ही देर बाद एक महिला पायल ने दम तोड़ दिया था। पांच महिलाओं के यूरिन बंद होने व किडनी फेल होने पर उन्हें SSB के नेफ्रोलॉजी आईसीयू में शिफ्ट किया था। मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल ने इलाज के लिए बोर्ड का गठन किया था। इसमें सर्जन, एनेस्थीसिया गायनिक, फिजिशियन, नेफ्रोलॉजी के विशेषज्ञ शामिल किए। — ये खबर भी पढ़े- मरीजों से मिलने पहुंचे विधायक लिफ्ट में फंसे:कोटा के सरकारी हॉस्पिटल में 6 महिलाओं की तबीयत बिगड़ी, एक की मौत मां आईसीयू में, रिश्तेदारों की गोद में रोते रहे नवजात:सीजेरियन डिलीवरी के चार घंटे बाद बिगड़ी तबीयत; एक महिला की मौत हो गई

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