जौनपुर में 427 खाद्य नमूने फेल: 1549 जांच रिपोर्टों में मिलावट, दुकानदारों पर 23 लाख रुपए का जुर्माना – Jaunpur News h3>
अंकित श्रीवास्तव | जौनपुर4 मिनट पहले
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जौनपुर में खाद्य पदार्थों में मिलावटखोरी पर अंकुश लगाने के प्रयासों के बावजूद स्थिति बनी हुई है। पिछले एक वर्ष के दौरान जिले में खाद्य पदार्थों के 1549 नमूने लिए गए थे। इनमें से 1188 की रिपोर्ट प्राप्त हुई, जिसमें 427 नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे। इन मामलों में दुकानदारों पर कुल 23 लाख 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
जांच अभियान के तहत नगर, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 2826 दुकानों का निरीक्षण किया गया। इन जांचों में दूध, खोवा, अचार, दाल, मसाला, तेल और समोसा सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए थे। बड़ी संख्या में नमूनों का फेल होना मिलावट के स्तर को दर्शाता है।
386 दुकानदारों के खिलाफ वाद दायर है जिले में कुल 20,392 दुकानें पंजीकृत हैं। मिलावटखोरी के मामलों में 386 दुकानदारों के खिलाफ वाद दायर किए गए हैं। प्रशासन लगातार मिलावट करने वालों पर कार्रवाई कर रहा है, लेकिन इसके बावजूद कुछ दुकानदार नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि अधिकांश दुकानदार खाद्य तेल का उपयोग बार-बार करते हैं, जिससे स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इस संबंध में दुकानदारों को जागरूक करने के प्रयास सफल नहीं हो रहे हैं, जिसके बाद अब इस पर भी कार्रवाई की जा रही है।
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सहायक खाद्य आयुक्त ने कहा- दुकानदारों पर सख्ती बरती जा रही है सहायक खाद्य आयुक्त (द्वितीय) देवाशीष उपाध्याय ने बताया कि मिलावट करने वाले दुकानदारों पर सख्ती बरती जा रही है। कई पर जुर्माना लगाने के साथ ही 281 दुकानदारों को सुधार के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। उन्होंने खाद्य पदार्थ बेचने वालों से मानकों का पालन करने की अपील की है।
खाद्य पदार्थ असुरक्षित पाए जाने पर पांच लाख रुपये तक के जुर्माने के साथ सात वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है। यदि खाद्य पदार्थ मानक के विपरीत पाया जाता है, तो दो लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
शासन के निर्देश के बाद जांच टीमों को सक्रिय किया गया है। नगर से लेकर कस्बों तक अभियान के तहत लगातार कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, मिलावटखोरी को लेकर कड़े कानून होने के बावजूद इस पर पूर्ण रूप से अंकुश नहीं लग पा रहा है।
281 को सुधार के लिए नोटिस जारी जांच के दौरान 281 दुकानदारों को सुधार के लिए नोटिस जारी किया गया है। इसमें कुछ होटल, रेस्टोरेंट व ढाबा संचालक भी हैं। इसमें वेज व नानवेज एक ही बर्तन में परोसे जाते मिले तो कुछ के किचन में भी गंदगी मिली। इसमें दुकानदारों सहित कुछ प्रतिष्ठान संचालकों को सुधार के लिए नोटिस दिया गया है। दोबारा जांच मिलने पर सुधार नहीं मिलने पर जुर्माना लगाया जाएगा।
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अंकित श्रीवास्तव | जौनपुर4 मिनट पहले
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जौनपुर में खाद्य पदार्थों में मिलावटखोरी पर अंकुश लगाने के प्रयासों के बावजूद स्थिति बनी हुई है। पिछले एक वर्ष के दौरान जिले में खाद्य पदार्थों के 1549 नमूने लिए गए थे। इनमें से 1188 की रिपोर्ट प्राप्त हुई, जिसमें 427 नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे। इन मामलों में दुकानदारों पर कुल 23 लाख 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
जांच अभियान के तहत नगर, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 2826 दुकानों का निरीक्षण किया गया। इन जांचों में दूध, खोवा, अचार, दाल, मसाला, तेल और समोसा सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए थे। बड़ी संख्या में नमूनों का फेल होना मिलावट के स्तर को दर्शाता है।
386 दुकानदारों के खिलाफ वाद दायर है जिले में कुल 20,392 दुकानें पंजीकृत हैं। मिलावटखोरी के मामलों में 386 दुकानदारों के खिलाफ वाद दायर किए गए हैं। प्रशासन लगातार मिलावट करने वालों पर कार्रवाई कर रहा है, लेकिन इसके बावजूद कुछ दुकानदार नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि अधिकांश दुकानदार खाद्य तेल का उपयोग बार-बार करते हैं, जिससे स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इस संबंध में दुकानदारों को जागरूक करने के प्रयास सफल नहीं हो रहे हैं, जिसके बाद अब इस पर भी कार्रवाई की जा रही है।
सहायक खाद्य आयुक्त ने कहा- दुकानदारों पर सख्ती बरती जा रही है सहायक खाद्य आयुक्त (द्वितीय) देवाशीष उपाध्याय ने बताया कि मिलावट करने वाले दुकानदारों पर सख्ती बरती जा रही है। कई पर जुर्माना लगाने के साथ ही 281 दुकानदारों को सुधार के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। उन्होंने खाद्य पदार्थ बेचने वालों से मानकों का पालन करने की अपील की है।
खाद्य पदार्थ असुरक्षित पाए जाने पर पांच लाख रुपये तक के जुर्माने के साथ सात वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है। यदि खाद्य पदार्थ मानक के विपरीत पाया जाता है, तो दो लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
शासन के निर्देश के बाद जांच टीमों को सक्रिय किया गया है। नगर से लेकर कस्बों तक अभियान के तहत लगातार कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, मिलावटखोरी को लेकर कड़े कानून होने के बावजूद इस पर पूर्ण रूप से अंकुश नहीं लग पा रहा है।
281 को सुधार के लिए नोटिस जारी जांच के दौरान 281 दुकानदारों को सुधार के लिए नोटिस जारी किया गया है। इसमें कुछ होटल, रेस्टोरेंट व ढाबा संचालक भी हैं। इसमें वेज व नानवेज एक ही बर्तन में परोसे जाते मिले तो कुछ के किचन में भी गंदगी मिली। इसमें दुकानदारों सहित कुछ प्रतिष्ठान संचालकों को सुधार के लिए नोटिस दिया गया है। दोबारा जांच मिलने पर सुधार नहीं मिलने पर जुर्माना लगाया जाएगा।
