नैनीताल रोड पर चलेगा नगर निगम का बुलडोजर: 386 निर्माणों पर लगे लाल निशान, 80 फीट चौड़ी बनेगी अब नैनीताल रोड – Bareilly News h3>
शहर के विकास को रफ्तार देने के लिए बरेली के नैनीताल रोड पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाओ अभियान की तैयारी कर ली गई है। मुख्यमंत्री ग्रिड योजना (सीएम ग्रिड) के दूसरे चरण के तहत कोहाड़ापीर से लेकर कुदेशिया फाटक और सूद धर्मकांटे तक की सड़क का पूरी तरह कायाकल्प किया जाना है। वर्तमान में यह सड़क काफी संकरी है, जिससे आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। अब इस 22 फीट की सड़क को बढ़ाकर 80 फीट चौड़ा किया जाएगा। इस बड़े प्रोजेक्ट की जद में कुल 386 व्यावसायिक और रिहायशी प्रतिष्ठान आए हैं, जिन्हें नगर निगम ने चिन्हित कर लाल निशान लगा दिए हैं। एक सप्ताह का अल्टीमेटम और खर्च वसूली की चेतावनी
नगर निगम की टीम ने प्रभावित इलाकों में सर्वे पूरा करने के बाद सभी संबंधित भवन स्वामियों को नोटिस जारी कर दिए हैं। नगर निगम के पर्यावरण अभियंता राजीव कुमार राठी ने स्पष्ट किया है कि सभी को एक सप्ताह का समय दिया गया है ताकि वे स्वेच्छा से अपने अवैध निर्माण को हटा लें। यदि तय समय सीमा के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो नगर निगम का बुलडोजर गरजना तय है। खास बात यह है कि यदि निगम बुलडोजर से निर्माण ढहाना पड़ा, तो ध्वस्तीकरण की कार्रवाई में आने वाला खर्च भी संबंधित भवन स्वामी से ही वसूला जाएगा। आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी नई सड़क
सीएम ग्रिड योजना के तहत बनने वाली यह सड़क न केवल चौड़ी होगी, बल्कि इसे अत्याधुनिक स्वरूप भी दिया जाएगा। योजना के मुताबिक, सड़क के दोनों ओर बिजली की लाइनें और अन्य केबल पूरी तरह से अंडरग्राउंड किए जाएंगे, जिससे आसमान में लटकते तारों के जाल से मुक्ति मिलेगी। इसके साथ ही पैदल चलने वालों की सुविधा के लिए अलग से फुटपाथ का निर्माण किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि सड़क के 80 फीट चौड़ा होने से कुदेशिया फाटक और कोहाड़ापीर क्षेत्र में लगने वाले वर्षों पुराने जाम की समस्या का स्थाई समाधान हो जाएगा और यातायात सुगम होगा। बुलडोजर के डर से खुद निर्माण तोड़ने लगे लोग
कार्रवाई की गंभीरता को देखते हुए नैनीताल रोड पर अफरा-तफरी का माहौल है। बुलडोजर से होने वाले बड़े नुकसान और जुर्माने के डर से कई दुकानदारों और मकान मालिकों ने खुद ही छैनी-हथौड़े उठाकर अपने निर्माण को तोड़ना शुरू कर दिया है। लोगों का कहना है कि जब बुलडोजर चलता है तो ज्यादा नुकसान हो जाता है। इसी नुकसान से बचने के लिए लोग चिन्हित किए गए हिस्से को स्वयं ही हटा रहे हैं, ताकि भविष्य में होने वाली बड़ी कानूनी पेचीदगियों से बचा जा सके। रोजी-रोटी का संकट और व्यापारियों में बना खौफ
इस बड़ी कार्रवाई ने स्थानीय व्यापारियों और निवासियों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। दशकों से यहां अपना व्यवसाय चला रहे लोगों का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण से उनके रोजगार पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। कई दुकानें पूरी तरह से सड़क की जद में आ गई हैं। हालांकि, सरकारी कार्रवाई के डर से लोग खुलकर विरोध करने की स्थिति में नहीं हैं। दबी जुबान में लोगों का कहना है कि विकास की इस दौड़ में उनकी रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है, लेकिन प्रशासन की सख्ती के आगे वे बेबस महसूस कर रहे हैं।
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