Advertising
<

फारबिसगंज में साइबर सुरक्षा पर जागरूकता कार्यक्रम: छात्राओं को फ्रॉड से बचाव की जानकारी; 1930 हेल्पलाइन और डिजिटल सुरक्षा टिप्स बताए गए – Araria News

0
फारबिसगंज में साइबर सुरक्षा पर जागरूकता कार्यक्रम:  छात्राओं को फ्रॉड से बचाव की जानकारी; 1930 हेल्पलाइन और डिजिटल सुरक्षा टिप्स बताए गए – Araria News

फारबिसगंज में साइबर सुरक्षा पर जागरूकता कार्यक्रम: छात्राओं को फ्रॉड से बचाव की जानकारी; 1930 हेल्पलाइन और डिजिटल सुरक्षा टिप्स बताए गए – Araria News


फारबिसगंज में राजकीय महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग, बिहार सरकार द्वारा संचालित इस कार्यक्रम का उद्घाटन प्राचार्य राजीव कुमार ने किया। अररिया की साइबर डीएसपी रज़िया सुल्ताना और साइबर सेल की टीम ने मुख्य अतिथि के रूप में छात्राओं को संबोधित किया। डीएसपी रज़िया सुल्ताना ने छात्राओं को साइबर धोखाधड़ी से बचने के विभिन्न उपायों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने फ्रॉड कॉल, अज्ञात एपीके फाइलें डाउनलोड करने, ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग, ओटीपी साझा करने और यूपीआई ठगी जैसे सामान्य साइबर अपराधों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम से जुड़ी 2 तस्वीरें… फर्जी कॉल के जरिए लोगों को डराते थे
उन्होंने बताया कि साइबर ठग अक्सर फर्जी कॉल के जरिए लोगों को डराते या लालच देते हैं। डीएसपी ने छात्राओं को किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करने, अज्ञात एपीके फाइलें डाउनलोड न करने और कभी भी ओटीपी या बैंक विवरण साझा न करने की सलाह दी। उन्होंने साइबर अपराध की शिकायत तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर दर्ज कराने पर जोर दिया, जो 24 घंटे उपलब्ध है और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करता है। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत प्रशिक्षित छात्राओं को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को सौर ऊर्जा से संबंधित कौशल प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वरोजगार के लिए सशक्त बनाना है। डिजिटल युग में जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार
प्राचार्य राजीव कुमार ने छात्राओं को डिजिटल सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने का संदेश दिया और कहा कि आज के डिजिटल युग में जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है। साइबर सेल टीम ने व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि कैसे छोटी सावधानियां बड़ी ठगी से बचा सकती हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर फेक प्रोफाइल, फिशिंग लिंक्स और ऑनलाइन लेन-देन की सुरक्षा के टिप्स भी साझा किए। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिला प्रशिक्षणार्थियों को सशक्त बनाना और उन्हें साइबर दुनिया की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करना था। छात्राओं ने कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लिया, प्रश्न पूछे और इसे अत्यंत उपयोगी बताया। विकास बल्कि डिजिटल सुरक्षा का ज्ञान भी आवश्यक
प्राचार्य राजीव कुमार ने कहा,महिलाओं को न केवल कौशल विकास बल्कि डिजिटल सुरक्षा का ज्ञान भी आवश्यक है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और किसी भी प्रकार की ठगी का शिकार न हों। कार्यक्रम में संस्थान के अन्य शिक्षक व कर्मचारी भी उपस्थित रहे। यह आयोजन युवा पीढ़ी को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

बिहार की और खबर देखने के लिए यहाँ क्लिक करे – Bihar News