भागवत नगर से 40 लाख रुपए की सरकारी दवाएं जब्त, रैपर बदल बेच रहा था माफिया – Patna News h3>
- Hindi News
- Local
- Bihar
- Patna
- Government Medicines Worth Rs 40 Lakh Seized From Bhagwat Nagar; Mafia Was Selling Them By Changing The Wrappers.
पटना1 घंटे पहले
- कॉपी लिंक
ड्रग माफिया नीरज कुमार के ठिकाने पर अगमकुआं पुलिस और ड्रग विभाग की टीम ने सोमवार को छापेमारी की। भागवत नगर के जनता नगर स्थित दो कमरों के फ्लैट में 40 लाख की दवाएं जब्त की गईं।
ये दवाएं सरकारी अस्पतालों में इस्तेमाल होती हैं। जब्त 38 कार्टन में अधिकांश पर बीएमएसआईसीएल की मुहर लगी मिली। जांच में पता चला कि नीरज अस्पतालों से बिचौलिए की मदद से सरकारी दवाएं खरीदता है। जनता नगर के ठिकाने पर सरकारी लेबल मिटाता है। उसपर नया रैपर लगाकर मार्केट में बेचता है।
इस ठिकाने पर एक्सपायर्ड दवाओं की डेट वैल्यू भी बदली जाती है। जब्त सरकारी दवाओं के बैच नंबर से अस्पताल का पता लगाया जा रहा है। उक्त फ्लैट से नीरज का स्टाफ जयंत कुमार गिरफ्तार हुआ। मकान मालिक राजेंद्र प्रसाद से भी पूछताछ हुई। खजांची रोड निवासी नीरज ने यह फ्लैट किराए पर लिया था।
नीरज समेत 3 पर दो एफआईआर दर्ज
Advertising
नशे का इंजेक्शन, कफ सीरप, सरकारी दवाओं के रैपर मिले हैं। बुपरिनॉरफिन और एविल इंजेक्शन बरादम हुए। नीरज, जयंत, कुंदन पर अगमकुआं थाने में दो केस दर्ज हुए हैं। सरकारी दवाओं के दुरुपयोग आैर नशीली दवाओं के व्यापार पर केस हुआ है।
नीरज का पूरा परिवार दवाओं के अवैध धंधे में लिप्त
जीवन रक्षक दवाएं भी बरामद, रद्द होगा लाइसेंस : ठिकाने से एंटी स्नेक वेनम, एंटी रैबीज इंजेक्शन, आरएच फैक्टर, किडनी और लीवर फेल्योर की सरकारी दवाएं मिली हैं। इनमें से कई जीवन रक्षक दवाओं के एक इंजेक्शन की कीमत 22 से 25 हजार के बीच है। न्यू वैक्सीन हाउस का लाइसेंस रद्द होगा।
नीरज कुमार 2005 से दवाओं का अवैध व्यापार कर रहा है। वह सरकारी, एक्सपायर्ड और नशे की दवाओं का माफिया है। उसके खिलाफ पहला केस कदमकुआं थाने में 2005 में दर्ज हुआ था। इसमें नीरज, भाई धीरज, पिता नरेश कुमार गुप्ता आरोपी हैं। पीरबहोर में चार अन्य मामले दर्ज हैं। सभी में नीरज, धीरज, नरेश, धीरज की प|ी शीतल, मां रेणुका व अन्य आरोपी हैं।
सहायक औषधि नियंत्रक चुनेंद्र महतो को सूचना मिली कि जनता नगर के फ्लैट से सरकारी दवाओं का लेबल बदल ऊंची कीमत पर बेचा जा रहा है। उसके बाद टीम वहां पहुंची। फ्लैट से न्यू वैक्सीन हाउस का कच्चा बिल मिला। जीएम रोड स्थित न्यू वैक्सीन हाउस में भी छापेमारी हुई। वहां से सरकारी अस्पतालों में मिलने वाला एंटी स्नेक वैनम और कॉटन मिला। जनता नगर आैर न्यू वैक्सीन हाउस से बरामद एंटी स्नेक वेनम का बैच नंबर एक ही है। पुलिस नीरज की तलाश में छापेमारी कर रही है। वह घर से भी फरार मिला।
बिहार की और खबर देखने के लिए यहाँ क्लिक करे – Bihar News
- Hindi News
- Local
- Bihar
- Patna
- Government Medicines Worth Rs 40 Lakh Seized From Bhagwat Nagar; Mafia Was Selling Them By Changing The Wrappers.
पटना1 घंटे पहले
- कॉपी लिंक
ड्रग माफिया नीरज कुमार के ठिकाने पर अगमकुआं पुलिस और ड्रग विभाग की टीम ने सोमवार को छापेमारी की। भागवत नगर के जनता नगर स्थित दो कमरों के फ्लैट में 40 लाख की दवाएं जब्त की गईं।
ये दवाएं सरकारी अस्पतालों में इस्तेमाल होती हैं। जब्त 38 कार्टन में अधिकांश पर बीएमएसआईसीएल की मुहर लगी मिली। जांच में पता चला कि नीरज अस्पतालों से बिचौलिए की मदद से सरकारी दवाएं खरीदता है। जनता नगर के ठिकाने पर सरकारी लेबल मिटाता है। उसपर नया रैपर लगाकर मार्केट में बेचता है।
इस ठिकाने पर एक्सपायर्ड दवाओं की डेट वैल्यू भी बदली जाती है। जब्त सरकारी दवाओं के बैच नंबर से अस्पताल का पता लगाया जा रहा है। उक्त फ्लैट से नीरज का स्टाफ जयंत कुमार गिरफ्तार हुआ। मकान मालिक राजेंद्र प्रसाद से भी पूछताछ हुई। खजांची रोड निवासी नीरज ने यह फ्लैट किराए पर लिया था।
नीरज समेत 3 पर दो एफआईआर दर्ज
नशे का इंजेक्शन, कफ सीरप, सरकारी दवाओं के रैपर मिले हैं। बुपरिनॉरफिन और एविल इंजेक्शन बरादम हुए। नीरज, जयंत, कुंदन पर अगमकुआं थाने में दो केस दर्ज हुए हैं। सरकारी दवाओं के दुरुपयोग आैर नशीली दवाओं के व्यापार पर केस हुआ है।
नीरज का पूरा परिवार दवाओं के अवैध धंधे में लिप्त
जीवन रक्षक दवाएं भी बरामद, रद्द होगा लाइसेंस : ठिकाने से एंटी स्नेक वेनम, एंटी रैबीज इंजेक्शन, आरएच फैक्टर, किडनी और लीवर फेल्योर की सरकारी दवाएं मिली हैं। इनमें से कई जीवन रक्षक दवाओं के एक इंजेक्शन की कीमत 22 से 25 हजार के बीच है। न्यू वैक्सीन हाउस का लाइसेंस रद्द होगा।
नीरज कुमार 2005 से दवाओं का अवैध व्यापार कर रहा है। वह सरकारी, एक्सपायर्ड और नशे की दवाओं का माफिया है। उसके खिलाफ पहला केस कदमकुआं थाने में 2005 में दर्ज हुआ था। इसमें नीरज, भाई धीरज, पिता नरेश कुमार गुप्ता आरोपी हैं। पीरबहोर में चार अन्य मामले दर्ज हैं। सभी में नीरज, धीरज, नरेश, धीरज की प|ी शीतल, मां रेणुका व अन्य आरोपी हैं।
सहायक औषधि नियंत्रक चुनेंद्र महतो को सूचना मिली कि जनता नगर के फ्लैट से सरकारी दवाओं का लेबल बदल ऊंची कीमत पर बेचा जा रहा है। उसके बाद टीम वहां पहुंची। फ्लैट से न्यू वैक्सीन हाउस का कच्चा बिल मिला। जीएम रोड स्थित न्यू वैक्सीन हाउस में भी छापेमारी हुई। वहां से सरकारी अस्पतालों में मिलने वाला एंटी स्नेक वैनम और कॉटन मिला। जनता नगर आैर न्यू वैक्सीन हाउस से बरामद एंटी स्नेक वेनम का बैच नंबर एक ही है। पुलिस नीरज की तलाश में छापेमारी कर रही है। वह घर से भी फरार मिला।
