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राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं में हुआ बड़ा बदलाव: अब डिलीट सवाल के बटेंगे बराबर नंबर, नेगेटिव मार्किंग में भी राहत – Jaipur News

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राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं में हुआ बड़ा बदलाव:  अब डिलीट सवाल के बटेंगे बराबर नंबर, नेगेटिव मार्किंग में भी राहत – Jaipur News

राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं में हुआ बड़ा बदलाव: अब डिलीट सवाल के बटेंगे बराबर नंबर, नेगेटिव मार्किंग में भी राहत – Jaipur News


राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं में डिलीट सवालों को लेकर लंबे समय से उठते विवाद के बीच राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने बड़ा बदलाव किया है। ऐसे में अब किसी परीक्षा में कोई सवाल डिलीट होता है, तो उसके नंबर केवल उसी विषय के सवालों में नहीं, बल्कि पूरे प्रश्नपत्र में समान रूप से बांटे जाएंगे। इसके साथ ही नेगेटिव मार्किंग के नियमों में भी राहत दी गई है। बोर्ड के अध्यक्ष आलोक राज ने बताया कि नई व्यवस्था से अभ्यर्थियों के बीच समानता बनेगी और अंक गणना की जटिलता भी कम होगी। यू होने बताया कि अब तक अगर किसी विषय का सवाल डिलीट होता था, तो उसके नंबर उसी सब्जेक्ट के बाकी सवालों में जोड़ दिए जाते थे। उदाहरण के लिए अगर इतिहास का 3 अंक का एक सवाल डिलीट हुआ और उस विषय के कुल 20 सवाल थे, तो वह 3 अंक बाकी 19 सवालों में जोड़ दिए जाते थे। इससे सही जवाब देने वाले अभ्यर्थियों को ज्यादा फायदा मिलता था, जबकि गलत जवाब देने वालों के लिए नेगेटिव मार्किंग भी बढ़ जाती थी।
आलोक राज ने बताया कि इस व्यवस्था से कई बार यह स्पष्ट नहीं हो पाता था कि डिलीट सवाल किस विषय से संबंधित था। साथ ही बढ़ी हुई नेगेटिव मार्किंग के कारण कई अभ्यर्थी न्यूनतम योग्यता नंबर तक नहीं पहुंच पाते थे। इसका असर विशेष रूप से एससी, एसटी, सहरिया, टीएसपी क्षेत्र के अभ्यर्थियों, खिलाड़ियों, पूर्व सैनिकों और तलाकशुदा और विधवा महिलाओं पर अधिक देखा गया।
आलोक राज ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत आगरा 100 सवालों के पेपर में एक सवाल डिलीट होता है। तो उसके अंक बाकी 99 सवालों में समान रूप से जोड़ दिए जाएंगे। इससे सब्जेक्ट पहचान की समस्या खत्म होगी और सभी अभ्यर्थियों पर इसका समान प्रभाव पड़ेगा।
ऐसे में नई व्यवस्था में गलत जवान पर 1/3 नेगेटिव मार्किंग केवल मूल नंबर के आधार पर ही लागू होगी। यानी डिलीट सवाल के कारण बढ़े हुए नंबरों का असर नेगेटिव मार्किंग पर नहीं पड़ेगा। इससे गलत उत्तर होने पर अतिरिक्त कटौती नहीं होगी और अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी। बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि देश की कई भर्ती एजेंसियां, जो फिलहाल बोनस मार्क्स का विकल्प अपनाती हैं, वे भी इस मॉडल को अपनाने पर विचार कर रही हैं। ऐसे में डिलीट सवालों को लेकर लंबे समय से चल रही असमंजस की स्थिति के बीच यह फैसला प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और निष्पक्षता की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

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